बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है. सावन में नमी बढ़ने, जगह-जगह पानी जमा होने और दूषित खाना-पीना इंफेक्शन को तेजी से फैलाता है. यही वजह है कि इस मौसम में पेट, लिवर और मच्छरों से जुड़ी बीमारियां सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. आइए जानते हैं सावन में कौन सी 7 बीमारियां सबसे ज्यादा परेशान करती हैं. उनके लक्षण क्या हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है.
सावन में किन बीमारियों का खतरा सबसे अधिक-
1. पीलिया और हेपेटाइटिस A से रहें सतर्क-
बारिश में गंदे पानी और इंफेक्टेड फूड के कारण पीलिया और हेपेटाइटिस A का खतरा बढ़ जाता है. इनमें आंखें और पेशाब पीला होना, भूख कम लगना, उल्टी, जी मिचलाना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इससे बचने के लिए हमेशा साफ पानी पिएं और बाहर का खुला खाना खाने से बचें.
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2. टाइफाइड-
टाइफाइड भी गंदे पानी और संक्रमित भोजन से फैलने वाली बीमारी है. इसमें कई दिनों तक तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, दस्त या कब्ज और कमजोरी महसूस हो सकती है. समय पर इलाज न मिलने पर ये गंभीर रूप ले सकती है. इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से जांच कराएं.
3. दस्त और फूड पॉइजनिंग-
मानसून में दूषित खाना खाने से दस्त और फूड पॉइजनिंग की समस्या आम हो जाती है. बार-बार पतला दस्त, पेट में दर्द, उल्टी और शरीर में पानी की कमी इसके प्रमुख लक्षण हैं. ऐसे में खूब पानी, ओआरएस और हल्का भोजन लेना जरूरी है.
4. वायरल फीवर, सर्दी-खांसी-
बारिश के मौसम में वायरस तेजी से फैलते हैं. तेज बुखार, गले में खराश, नाक बहना, खांसी और शरीर दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं. आराम करें, पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें.
5. मलेरिया-
बारिश में जमा पानी मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बनता है. मलेरिया में ठंड लगकर तेज बुखार आता है. साथ ही सिरदर्द और कमजोरी भी होती है. मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें.
6. डेंगू-
डेंगू के मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द तथा प्लेटलेट्स कम होने की समस्या हो सकती है. ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और खुद से दवा लेने से बचें.
7. चिकनगुनिया-
चिकनगुनिया में अचानक तेज बुखार के साथ जोड़ों में असहनीय दर्द, हाथ-पैरों में सूजन और स्किन पर चकत्ते हो सकते हैं. इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका मच्छरों से बचाव करना और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना है.
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