मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच अब मानसून से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलने लगी हैं. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार जून की तुलना में जुलाई 2026 में मलेरिया, डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस, गैस्ट्रो और एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बीएमसी का जन स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है और नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील कर रहा है. प्रशासन का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव और मच्छरों की बढ़ती संख्या संक्रामक बीमारियों के प्रसार की बड़ी वजह बन रही है. इसी को देखते हुए पूरे शहर में निगरानी और रोकथाम अभियान तेज कर दिया गया है.
जुलाई में तेजी से बढ़े मरीजों के आंकड़े
बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान कई बीमारियों के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है. जून में 655 मलेरिया मरीज थे, जो जुलाई में बढ़कर 1,380 हो गए. इसी तरह डेंगू के मामलों की संख्या 266 से बढ़कर 466 पहुंच गई. लेप्टोस्पायरोसिस के मरीज 33 से बढ़कर 78 हो गए, जबकि गैस्ट्रो के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई और संख्या 603 से बढ़कर 851 तक पहुंच गई. एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले 58 से बढ़कर 105 हो गए हैं. वहीं कोविड-19 के मरीजों की संख्या भी 27 से बढ़कर 58 दर्ज की गई है. हालांकि चिकुनगुनिया के मामलों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ और इसकी संख्या सात पर स्थिर बनी हुई है.
बृहन्मुंबई महानगरपालिका 'आर/दक्षिण' विभागाच्या वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. पूजा देसाई यांच्या मार्गदर्शनाखाली बाभरेकर नगर आरोग्य केंद्रामार्फत कांदिवली (पश्चिम) परिसरात डेंग्यू, मलेरिया व लेप्टोस्पायरोसिस रुग्णसंख्येच्या पार्श्वभूमीवर आरोग्य प्रबोधन कार्यक्रम(१/३) pic.twitter.com/78xIMJWwTE
— Ward RS BMC (@mybmcWardRS) August 3, 2026
मच्छरजनित बीमारियों पर फोकस
बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए बीएमसी ने "जीरो मच्छर ब्रीडिंग अभियान" शुरू किया है. इस अभियान के तहत अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मच्छरों की पैदावार रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग नियमित सर्वेक्षण, दवा छिड़काव और संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की पहचान पर काम कर रहा है.
लाखों लोगों का स्वास्थ्य सर्वे
एक जुलाई से 31 जुलाई के बीच बीएमसी की स्वास्थ्य टीमों ने व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया. इस अवधि में 6 लाख 59 हजार 316 घरों और 23 लाख 1 हजार 942 नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया. इसके अलावा 75 हजार 650 रक्त नमूनों की जांच की गई और 123 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि समय रहते संक्रमित मरीजों की पहचान और उपचार के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है.
लेप्टोस्पायरोसिस रोकने विशेष अभियान
बीएमसी के अनुसार 51 हजार 216 लोगों को लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव के लिए निवारक दवाइयां दी गईं. यह बीमारी आमतौर पर बारिश के दौरान दूषित पानी के संपर्क में आने से फैलती है. विशेष रूप से जलभराव वाले इलाकों और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ निवारक उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
हजारों स्थानों पर मिला मच्छरों का लार्वा
मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत 54 हजार 605 संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच की गई. इनमें से 5,969 स्थानों पर मच्छरों का लार्वा पाया गया. बीएमसी ने इन स्थानों पर तुरंत कीटनाशक छिड़काव और अन्य नियंत्रण उपाय लागू किए हैं ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके.
नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
बीएमसी ने नागरिकों से घरों और सोसाइटी परिसरों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि पुराने टायर, पानी की टंकियां, पाइप, कूलर और प्लास्टिक के बर्तन मच्छरों के प्रजनन स्थल बन सकते हैं. इसके अलावा लोगों को मच्छरदानी और मच्छररोधी दवाओं के उपयोग की सलाह दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बुखार, उल्टी, शरीर दर्द या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या बीएमसी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए.
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