Yamunanagar Murder: रिश्तों में जब शक का जहर घुलता है, तो वह हंसते-खेलते परिवार को श्मशान बना देता है. हरियाणा के यमुनानगर से मंगलवार को एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां एक शख्स ने अपनी ही पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर दिया. पत्नी की लाश घर में पड़ी रही और कातिल पति अपने दो मासूम बच्चों को लेकर 48 घंटे तक सड़कों पर भटकता रहा. उसका इरादा बच्चों की जान लेकर खुदकुशी करने का था, लेकिन अचानक कहानी में ऐसा मोड़ आया कि वह सीधा पुलिस थाने पहुंच गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया.
यूपी-बिहार की लव स्टोरी का खौफनाक अंजाम
मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला संतोष और बिहार की नीलम कभी एक-दूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे. इसी प्यार की खातिर दोनों ने लव मैरिज की और अपने-अपने परिवारों से दूर यमुनानगर के शादीपुर इलाके में एक नई दुनिया बसाई. उनके आंगन में दो मासूम बच्चों की किलकारियां भी गूंजने लगीं. लेकिन वक्त के साथ इस रिश्ते में दरार आ गई. संतोष को अपनी पत्नी नीलम के चरित्र पर शक होने लगा. उसे लगने लगा कि नीलम का किसी और से भी संपर्क है. इसी शक ने संतोष को हैवान बना दिया और उसने नीलम का गला घोंटकर उसकी जान ले ली.
लाश कमरे में छोड़कर बच्चों को ठिकाने लगाने निकला
नीलम की सांसें रुकने के बाद संतोष ने उसकी लाश को उसी कमरे में छोड़ दिया. कत्ल के बाद वह इतना घबरा गया था कि उसने अपने दोनों बच्चों को साथ लिया और घर से भाग निकला. पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि संतोष पूरे दो दिन तक बच्चों के साथ इधर-उधर भटकता रहा. उसके दिमाग में एक और खौफनाक साजिश चल रही थी. वह अपने दोनों बच्चों को भी मौत के घाट उतारने और फिर खुद आत्महत्या करने की फिराक में था.
जब कातिल के अंदर का 'पिता' जाग उठा
सड़कों पर दर-दर भटकते हुए, शायद अपने बच्चों के मासूम चेहरों ने संतोष के कदम रोक दिए. उसके अंदर का पिता कत्ल के उस खौफनाक इरादे पर हावी हो गया. जब वह अपने ही खून को बहाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया, तो उसने सीधा पुलिस थाने का रुख किया. थाने पहुंचकर उसने पुलिस के सामने पत्नी के कत्ल की जो खौफनाक दास्तान सुनाई, उसे सुनकर पुलिसकर्मियों के भी रोंगटे खड़े हो गए.
आंखों के सामने किया मां का कत्ल
इस खौफनाक वारदात के सबसे बड़े भुक्तभोगी वे दो मासूम बच्चे हैं. उन्होंने अपनी ही आंखों के सामने अपने पिता को हैवान बनते और मां को तड़प-तड़प कर दम तोड़ते देखा है. अब सबसे बड़ा और दर्दनाक सवाल यह है कि इन बच्चों का भविष्य क्या होगा? मां हमेशा के लिए दुनिया छोड़ चुकी है और पिता सलाखों के पीछे है. अनजान शहर में इन अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी अब कौन उठाएगा?
क्या कहती है पुलिस?
सदर यमुनानगर के थाना प्रभारी कमलजीत सिंह ने बताया, 'आरोपी संतोष ने थाने आकर खुद सरेंडर किया है. पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया. दोनों बच्चे इस वारदात के चश्मदीद गवाह हैं और उनके बयान अहम हैं. पुलिस हर एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है.'
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