
ईडी ने बहुत से घर खरीदारों को धोखा देने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सिद्धार्थ बिल्डहोम प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर सिद्धार्थ चौहान और अन्य की 94.82 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किया है. ये एक्शन ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने लिया है. ईडी ने ये शिकंजा सिद्धार्थ चौहान, उनकी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों की अचल संपत्तियों पर कसा है.
ED ने कुर्क की 94.82 करोड़ की संपत्ति
ईडी की तरफ से कुर्क की गई संपत्ति में गुरुग्राम जमीन का कुछ हिस्सा, घर और कमर्शियल बिल्डिंग शामिल हैं. ईडी ने मामले की जांच दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा (EOW)की तरफ से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. ईओडब्ल्यू ने मेसर्स एसबीपीएल और अन्य के खिलाफ प्रोजेक्ट एस्टेला और एनसीआर वन, गुरुग्राम के विभिन्न घर खरीदारों की शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. आरोप है कि इन लोगों ने साल 2002 में होम बायर्स को घर देने का वादा किया था. लेकिन तय समय पर घर दिया ही नहीं.
इस रियल स्टेट कंपनी के प्रमोटर पर शिकंजा
ईडी जांच से खुलासा हुआ है कि मेसर्स एसबीपीएल ने गुरुग्राम में अपने प्रोजेक्ट के तहत 950 से ज्यादा घर खरीदारों से करीब 520 करोड़ रुपये ले लिए थे. सिद्धार्थ चौहान ने मेसर्स एसबीपीएल के जरिए घर खरीदारों से ली गई रकम को अनसिक्योर्ड लोन के रूप में अपने ग्रुप की कंपनियों में भेज दिया. ताकि इस रकम का इस्तेमाल वादा किए गए घरों को पूरा करने के बजाय अन्य तरीकों से निवेश में किया जा सके. जांच एजेंसी ने अब इन लोगों पर शिकंजा कस दिया है. मामले में जांच जारी है.
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