- CM भूपेंद्र पटेल ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में निवेशकों को गुजरात के विकास में भागीदारी का निमंत्रण दिया
- गुजरात मॉडल में नीति स्थिरता, पारदर्शिता, गति और कुशल मानवबल निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है
- गुजरात ने 25 वर्षों में अपनी अर्थव्यवस्था को 1.42 लाख करोड़ से बढ़ाकर लगभग 27 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाया है
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में कई बड़े ऐलान हुआ हैं. सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशिष्ट सोच से शुरू हुई वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि जहां नीति में स्थिरता, निर्णय में पारदर्शिता और व्यवस्था में गति होती है, वहां निवेशक अपने आप आकर्षित होते हैं. मुख्यमंत्री ने इस इवेंट में निवेशकों और बिजनेस लीडर्स को गुजरात में निवेश के जरिए विकास यात्रा में सहभागी होने का आमंत्रण देते हुए उनसे यह आह्वान किया कि वे राज्य में प्रत्येक निवेश को विकास का माध्यम, उद्योग को रोजगार का आधार और इनोवेशन को भारत की शक्ति बनाकर 'विकसित भारत 2047' के लिए 'विकसित गुजरात 2047' के निर्माण में भागीदार बनें.
नई दिल्ली में आयोजित हुआ था कार्यक्रम
नई दिल्ली के भारत मंडपम में पहली बार आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 के इस प्रमोशनल इवेंट में अग्रणी उद्योग संचालक और निवेशक बड़ी संख्या में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गुजरात की 25 सालों की अविरत विकास यात्रा की सफलता और नए गुजरात की नई आकांक्षाओं के उद्घोष का अवसर है. पीएम मोदी 21वीं सदी के भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के प्रमुख दूरदर्शी नेताओं की पंक्ति में सबसे आगे हैं. आज हर किसी को विश्वास है कि मोदी है तो मुमकिन है. गुजरात ने इस परिवर्तन को बहुत ही निकट से देखा है और प्रधानमंत्री के जो कहना, वह करके दिखाना के मंत्र को वाइब्रेंट समिट के जरिए धरातल पर उतारा है.
गुजरात मॉडल की चर्चा
सीएम भूपेंद्र पटेल ने विस्तार से बताया कि कैसे गुजरात आज डेवलपमेंट के रोल मॉडल के रूप में 'डेवलपमेंट विद डिलीवरी' के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ा है. उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल की व्याख्या केवल सड़क, बिजली, पानी या उद्योग तक ही सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि गुजरात ने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है, जहां निवेशक को जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा नीतिगत स्थिरता, स्पीड, पारदर्शिता, कुशल मानवबल, विश्वास और सुरक्षा, सब कुछ एक साथ मिलता है. इन सभी के परिणामस्वरूप गुजरात देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) हासिल करने के मामले में अग्रणी राज्य है. पारंपरिक उद्योगों में अपनी शक्ति साबित करने के बाद अब गुजरात ने भविष्य के उद्योगों में नेतृत्व करने के लिए कमर कस ली है. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर 'सप्तधारा' का जो विकास आह्वान किया है, उसे गुजरात आत्मसात करने के लिए पूरी तरह सजा है.
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी भी हुए शामिल
आयोजन में डिप्टी सीएम हर्ष संघवी भी शामिल हुए थे. उन्होंने कहा ' देश-विदेश के निवेशकों एवं उद्यमियों को गुजरात में निवेश करने का आमंत्रण देते हुए कहा 'एग्जीक्यूशन रहित विजन केवल भाषण बनकर रह जाता है और विजन रहित एग्जीक्यूशन केवल भागदौड़ है. गुजरात ने सटीक विजन तथा तेज क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण पूरे देश के समक्ष प्रस्तुत किया है. उन्होंने कहा कि गुजरात की अविरत विकास यात्रा में सरकार तथा उद्योग जगत के बीच परस्पर विश्वास सबसे बड़ा आधार स्तंभ है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सरकार केवल शासक ही नहीं बल्कि 'टीम गुजरात' बनकर उद्योगों के विचारों तथा आवश्यकताओं को समझकर नए अवसरों का सृजन कर रही है.
गुजरात की अर्थव्यवस्था 27 लाख करोड़ पहुंची
गुजरात की आर्थिक प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 में गुजरात की अर्थव्यवस्था लगभग 1.42 लाख करोड़ रुपए की थी, जो दूरदर्शी नीतियों एवं नागरिकों के परिश्रम से आज लगभग 27 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है. देश की जनसंख्या में 5 प्रतिशत तथा भूगोल में 6 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला गुजरात देश की कुल जीडीपी में 8.2 प्रतिशत तथा कुल मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में लगभग 18 प्रतिशत योगदान देता है. गुजरात ने अब तक 74.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया है, जबकि देश के 40 प्रतिशत से अधिक कार्गो की हैंडलिंग गुजरात के बंदरगाहों की तरफ होती है.
निवेशकों को मिलता है पूरा भरोसा
निवेशकों को पूर्ण सुरक्षा का भरोसा देते हुए उप मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि कोई भी उद्योगपति अपने निवेश की सुरक्षा एवं उत्कृष्ट रिटर्न चाहता है और गुजरात इन दोनों बातों के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले 25 वर्षों में सरकार ने जो इंसेंटिव्स देने का वादा किया हो, उसे पूरा नहीं किया हो. ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है. प्रशासनिक पारदर्शिता तथा गति बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग में इंसेंटिव फाइलों को क्लियर करने की गति प्रतिदिन 160 से बढ़ाकर 395 तक पहुंचाई गई है, जिसे शीघ्र ही प्रतिदिन 500 फाइलें करने का लक्ष्य है. उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 में सहभागी बनकर राज्य की प्रगति से जुड़ने के लिए निवेशकों को हृदयपूर्वक आमंत्रित किया.
केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया ने कहा कि निवेशकों से वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 को केवल एक समिट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के अवसरों को समझने तथा गुजरात की विकास यात्रा में भागीदार बनने के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के रूप में देखने की अपील की है.
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