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TMC ने जिसका वीडियो वायरल कर बाहर से गुर्गे लाने का लगाया था आरोप, उस शख्स तक पहुंचा NDTV, तो ये सच्चाई आई सामने

Eest Bengal Assembly Election 2026: दीप प्रजापति ने स्पष्ट किया कि उनकी पश्चिम बंगाल यात्रा एक self-funded मिशन था, जिसका उद्देश्य राज्य की जमीनी हकीकत को जानना था. राजनीतिक फंडिंग के मुख्यमंत्री के दावों को नकारते हुए प्रजापति ने कहा कि उनकी यात्रा के लिए वित्तीय सहायता पूरी तरह से उनके माता-पिता से मिली थी, जिन्होंने उनके विवाह के लिए रखे गए धन से यह योगदान दिया था.

TMC ने जिसका वीडियो वायरल कर बाहर से गुर्गे लाने का लगाया था आरोप, उस शख्स तक पहुंचा NDTV, तो ये सच्चाई आई सामने
NDTV ने उस दीप प्रजापति का पता लगा लिया है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से पश्चिम बंगाल की एक महत्वपूर्ण चुनावी रैली के दौरान दिखाए गए वायरल वीडियो में नज़र आया था.
Saurabh Wastania

West Bengal Assembly Election News: NDTV ने उस दीप प्रजापति (Deepak Parjapati) का पता लगा लिया है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banarjee) की ओर से पश्चिम बंगाल की एक महत्वपूर्ण चुनावी रैली के दौरान दिखाए गए वायरल वीडियो में नज़र आया था. दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फुटेज का सहारा लेते हुए  उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए गुजरात से "बाहरी लोगों" को जुटा रही है. इसके बाद NDTV ने प्रजापति को सूरत में ढूंढ निकाला, जहां उन्होंने इन आरोपों पर अपनी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया दी, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने "बाहर से लाए गए गुर्गों" द्वारा चुनावी तोड़फोड़ के अपने दावों को और तेज कर दिया है.

दीप प्रजापति ने स्पष्ट किया कि उनकी पश्चिम बंगाल यात्रा एक self-funded मिशन था, जिसका उद्देश्य राज्य की जमीनी हकीकत को जानना था. राजनीतिक फंडिंग के मुख्यमंत्री के दावों को नकारते हुए प्रजापति ने कहा कि उनकी यात्रा के लिए वित्तीय सहायता पूरी तरह से उनके माता-पिता से मिली थी, जिन्होंने उनके विवाह के लिए रखे गए धन से यह योगदान दिया था. हालांकि, उन्होंने खुले तौर पर भाजपा की विचारधारा में विश्वास करने और स्थानीय नेताओं से समर्थन मिलने की बात स्वीकार की, साथ ही उन्होंने कहा कि मैं एक औपचारिक प्रचारक के बजाय एक स्वतंत्र नागरिक के रूप में बंगाल की "असली तस्वीर" दिखाने के लिए यात्रा की थी. वहीं, टीएमसी की ओर से शेयर किए गए उस वीडियो के बारे में भी सफाई दी, जिसमें वह वह एक वाहन को रोकते हुए देखई दे रहे है. इसके बारे में प्रजापति ने दावा किया कि यह विरोध वाहन में रखी सामग्री के बारे में स्थानीय पुलिस की ओर से पारदर्शिता की कमी की वजह से शुरू हुआ था, और उन्होंने व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय बलों में अपना विश्वास जताया.

तृणमूल कांग्रेस ने पेश की बिल्कुल ही अलग कहानी

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने एक बिल्कुल अलग कहानी पेश की है, जिसमें प्रजापति जैसे व्यक्तियों की उपस्थिति को जनादेश को कमजोर करने के एक समन्वित प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है. एक आधिकारिक बयान में, TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ने "मीडिया तमाशा" खड़ा करने और अपने राजनीतिक हार को छिपाने के लिए नेताजी इंडोर स्टेडियम जैसे क्षेत्रों में भीड़ लगाने के लिए दूसरे राज्यों से "गुर्गों को आयात" किया. पार्टी ने दावा किया कि इन बाहरी लोगों का उपयोग अशांति फैलाने के लिए किया जा रहा है. इसके साथ ही टीएमसी ने चेतावनी दी है कि "जनता के जनादेश की चोरी" करने या EVM के साथ छेड़-छाड़ करने के किसी भी प्रयास को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा. TMC ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कानून के साथ ही शांति हमारी को बनाए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है.  साथ ही पार्टी ने ऐलान किया है कि वह चुनावी धोखाधड़ी" से संबंधित किसी भी गतिविधि के खिलाफ पूरी तरह सतर्क हैं. 

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जैसे-जैसे काउंटिंग की तारीख नजदीक आ रही है, "बाहरी लोगों" को लेकर उपजा विवाद एक केंद्रीय मुद्दा बनता जा रहा है. प्रजापति ने तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल में बदलाव आवश्यक है और उन्होंने घुसपैठ ल अत्याचारों को अपनी यात्रा की प्रेरणा बताया. इस बीच, TMC ने अपने "बंगाल को लूटने नहीं देंगे" वाले रुख को और धार देना शुरू कर दिया है. टीएमसी की ओर से दावा किया है कि मुख्यमंत्री खुद ईवीएम से छेड़छाड़ के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर पहरा दे रही हैं. 

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