फीफा वर्ल्ड कप का भविष्य अब अधर में लटका दिख रहा है. यूरोप में फुटबॉल की सबसे बड़ी संस्था UEFA, नॉर्थ और सेंट्रेल अमेरिका की फुटबॉल संस्था CONCACAF, ने दुनिया की गवर्निंग बॉडी FIFA से अलग होने की धमकी दी है और वर्ल्ड कप के बहिष्कार की बात कही है. इसका कारण FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो का वह प्रस्ताव है जिसमें वह दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स टूर्नामेंट में इक्विटी बेचकर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट के ज़रिए 20 बिलियन डॉलर तक जुटाना चाहते हैं. अगर इन्फेंटिनो के प्लान पर मुहर लगती है तो सभी 211 सदस्य संघों को तुरंत 20 मिलियन डॉलर कमाने का मौका मिलेगा, जबकि साथ ही, 2038 से पहले हर संघ को 66 मिलियन डॉलर और मिलेंगे. लेकिन इस प्लान पर विवाद है.
यूरोप की संस्था ने दी बायकॉट की धमकी
यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन ने धमकी ही है कि अगर फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी, वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में प्राइवेट इन्वेस्टर्स को हिस्सेदारी बेचने के प्लान पर आगे बढ़ती है, तो यूरोपियन फुटबॉल के 55 सदस्य देश वर्ल्ड कप का बॉयकॉट करेंगे. यह फ़ैसला एक इमरजेंसी मीटिंग में लिया गया है.
इसके अलावा कॉन्काकैफ (Concacaf), जो नॉर्थ और सेंट्रल अमेरिका में फुटबॉल को मैनेज करती है, उसने भी एक मीटिंग की और उसके 41 मेंबर एसोसिएशन ने फीफा प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो के प्रपोज़ल को "खारिज" कर दिया है. कॉन्काकैफ देशों का इन्फेंटिनो पर से भरोसा भी कम हो रहा है.
यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को एक बयान जारी किया और कहा,"वर्ल्ड कप को इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट की तरह नहीं देखा जा सकता." "यह फुटबॉल की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स लेगेसी में से एक है. इसे हर महाद्वीप के खिलाड़ियों, नेशनल टीमों और सपोर्टर्स ने पीढ़ियों से बनाया है. इसके किसी भी हिस्से को कभी भी प्राइवेट इन्वेस्टर्स को नहीं सौंपा जाना चाहिए. वर्ल्ड कप बिक्री के लिए नहीं है."
Statement on behalf of UEFA and its 55 National Associations
— UEFA (@UEFA) July 30, 2026
UEFA के इस बॉयकॉट में FIFA के सभी टूर्नामेंट शामिल होंगे, जिनमें पुरुषों और महिलाओं का वर्ल्ड कप और क्लब वर्ल्ड कप भी शामिल है. यह बॉयकॉट तब लागू होगा जब FIFA प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो के प्रस्तावों को सदस्य एसोसिएशन मंज़ूरी दे देंगे.
फीफा अध्यक्ष का 'वर्ल्ड कप बेचने' का प्लान
फीफा एक नई कंपनी बनाकर वर्ल्ड कप, क्लब वर्ल्ड कप और बाकी बड़े टूर्नामेंट्स के कमाई वाले अधिकारों का 21 परसेंट हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है. फीफा इसमें 'फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज' नाम की एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाने की योजना बना रही है. यह कंपनी वर्ल्ड कप समेत सभी टूर्नामेंट के लिए ब्रॉडकास्ट, स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और लाइसेंसिंग डील जैसे कमर्शियल और इवेंट से जुड़े कामों को संभालेगी. बाहरी निवेशकों को इस कंपनी में हिस्सेदारी बेचने से मिलने वाली रकम को FIFA अपने 211 सदस्य संघों में बांटेगा. इसके तहत, मंज़ूरी मिलने पर 20 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे और फिर 2027 से 2038 के बीच तीन और पेमेंट किए जाएंगे, जिनकी रकम क्रमशः 20 मिलियन डॉलर, 22 मिलियन डॉलर और 24 मिलियन डॉलर होगी.
हालांकि FIFA का कहना है कि वह फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज पर अपना कंट्रोल और भविष्य के टूर्नामेंट्स की देखरेख अपने पास रखेगा, लेकिन कई दिग्गजों का मानना है कि अरबों डॉलर का निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को अच्छा रिटर्न मिले इसके लिए पर्दे के पीछे कई ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं, जिससे खेल और खिलाड़ियों से लेकर फैंस तक सभी पर असर पड़ेगा.
आगे क्या है रास्ता
मेंबर एसोसिएशन को लिखे एक लेटर में इन्फेंटिनो ने कहा है कि 19 सितंबर तक सबको कोई फ़ैसला लेना होगा. इसलिए संभावना है कि UEFA वर्ल्ड कप के बॉयकॉट की अपनी धमकी को और मज़बूत करने की कोशिश करेगा. इस प्लान पर FIFA के 211 सदस्य देश वोटिंग करेंगे. प्रस्ताव को पारित कराने के लिए इन्फैनटिनो को पक्ष में 106 वोटों की आवश्यकता है. यूईएफए और कॉनकाकाफ के 96 सदस्य देश इसका विरोध करेंगे, यह तय माना जा रहा है.
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