एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जापान का रोमांचक मुकाबला खेला गया. बारिश और गीले मैदान की वजह से मैच 20-20 ओवरों की जगह 5-5 ओवरों का खेला गया. किसी ने नहीं सोचा था कि मुकाबला इतना रोमांचक होगा और टीम इंडिया जैसी विश्व चैंपियन और दिग्गजों से भरी टीम को एक अदने से देश के खिलाफ ऐसा संघर्ष करना पड़ेगा कि भारत आखिरी गेंद पर 2 रन से मैच जीतने में सफल होगा. बहरहाल, प्लेयर ऑफ द मैच रहे अय्यर ने हालात से पैदा हुए 5 ओवर के मैच की जटिलता और बाकी पहलुओं पर बोलते हुए जापान टीम की तारीफ की.
मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने के बाद श्रेयस ने कहा, 'सच कहूं तो, यह बल्लेबाजी के लिए बहुत मुश्किल विकेट था. हमने ओपनर्स को भी देखा, जो लगातार रन बनाने के आदी हैं, लेकिन वे स्पिन की पेस को समझ नहीं पा रहे थे. मैं जब अंदर आया तो मैंने तय किया कि सिंगल्स और डबल्स लेना और जितना हो सके स्ट्राइक रोटेट करना जरूरी है. मैंने अपने साथ आए बल्लेबाज से भी बात की, लेकिन वह भी करना मुश्किल था.'
'फिर मैंने लिया यह फैसला'
अय्यर बोले, 'मैंने बस यह तय किया कि मैं गेंद की मेरिट पर खेलूंगा और देखूंगा, उसी के हिसाब से प्लान बनाऊंगा. अगर बॉल घूम ले रही है और थोड़ी रुक रही है, तो मैं बस बॉल की पेस का इस्तेमाल करूंगा और खुद को पीछे रोककर देखूंगा कि मैं सिंगल्स और डबल्स ले सकूं. यह काफी अच्छा रहा.' अय्यर ने कहा, 'मैं हमेशा कहता रहता हूं कि पांच ओवर का गेम कहीं भी जा सकता है. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी अच्छी टीम हैं, क्योंकि विरोधी भी प्रतियोगी हैं, और जापानी टीम ने आज जो एटीट्यूड और अप्रोच दिखाया, वह शानदार था. उन्हें शाबाशी देना चाहूंगा. मुझे यकीन है कि वे अभी सही रास्ते पर हैं, और उनके पास अफगानिस्तान और नेपाल के खिलाफ कुछ और मैच हैं. वे शानदार होंगे. हमारे लिए भी विकेट के बारे में जानना एक बढ़िया अभ्यास था.'
'विजेता टीम की कप्तानी बड़ी जिम्मेदारी'
टी20 चैंपियन और एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल पर श्रेयस ने कहा, 'मुझे लगता है कि भारतीय टीम का नेतृत्व करना खुशी की बात है, जैसा आपने पहले देखा है, इतनी सारी ट्रॉफियां जीती हैं. यह एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, लेकिन जिम्मेदारी के बिना दबाव नहीं आता, और मुझे लगता है कि मैं दबाव में ही अच्छा करता हूं. यह मेरे लिए एक शानदार भूमिका है. मुझे हमेशा लगता है कि कप्तानी एक ऐसी चीज है जो मुझसे श्रेष्ठ प्रदर्शन करवाती है. मुझे हमेशा इसे एक्सप्लोर करना पसंद है.'
'वर्तमान में रहना ही अच्छा है'
एशियन गेम्स में भारत के स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य पर अय्यर ने कहा, 'स्वर्ण हमारा आखिरी लक्ष्य है, लेकिन, यह जरूरी है कि हम एक बार में एक ही कदम उठाएं. पहले हम नागोया जाएंगे, कंडीशन देखेंगे और यह जानेंगे कि विकेट कैसा खेलने वाला है. मुझे यकीन है कि दूसरी टीमें भी हैं जो इसी मकसद से आती हैं, लेकिन हमारे लिए यह एक स्तर सेट करने और उससे आगे बढ़ते रहने के बारे में है और यह नहीं सोचना है कि पहले क्या हुआ है या क्या होने वाला है. इसलिए हम जितना ज्यादा वर्तमान में रहेंगे, हमारे लिए उतना ही अच्छा होगा.'
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