भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन ने लियोनेल मेस्सी की तारीफ की लेकिन उन्होंने अर्जेंटीना के मौजूदा कप्तान को सर्वकालिक महान फुटबॉल खिलाड़ी मानने से इनकार कर दिया. कॉन्स्टेंटाइन ने कहा कि गेंद के साथ मेस्सी बेहद खतरनाक और लगभग अजेय नजर आते हैं, लेकिन गेंद के बिना अर्जेंटीना को उनके लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है. कॉन्स्टेंटाइन दो अलग-अलग मौकों पर टीम इंडिया के कोच रह चुके हैं. उन्होंने 2002 से 2005 तक और फिर 2015 से 2019 तक भारतीय टीम को कोचिंग दी है. बता दें, लियोनेल मेसी लगातार दूसरी बार अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप फाइनल तक लेकर जा चुके हैं, और उनकी नजर स्पेन को हराकर अपने खिताब का बचाव करने की है.
स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन फिलहाल रवांडा की राष्ट्रीय टीम के कोच हैं और उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए कहा,"मेसी शानदार खिलाड़ी हैं और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं. लेकिन अंतर यह है कि अर्जेंटीना के छह-सात खिलाड़ी उनके लिए दौड़ लगाते हैं और उन्हें गेंद पहुंचाते हैं."
उन्होंने कहा,"जब गेंद मेसी के पास होती है तो उन्हें रोकना बेहद मुश्किल होता है. लेकिन जब गेंद मेसी से दूर होती है तो आपकी टीम प्रभावी रूप से 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही होती है क्योंकि बाकी खिलाड़ियों को उनके हिस्से का काम भी संभालना पड़ता है. अर्जेंटीना हालांकि यह काम शानदार तरीके से करता है." कॉन्स्टेंटाइन ने कहा,"मेरे लिए मेस्सी सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं. वह महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन मैं उन्हें नंबर एक नहीं कहूंगा."
कॉन्स्टेंटाइन ने रविवार को होने वाले फाइनल को लेकर स्पेन को खिताब का दावेदार बताया लेकिन उन्होंने माना कि अर्जेंटीना के अनुभव और मेसी की मैच जिताने की क्षमता बेहद खतरनाक है. उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि मुकाबला बेहद करीबी होगा. अगर मैं दांव लगाने वाला व्यक्ति होता तो स्पेन पर पैसा लगाता. हालांकि मैंने सोचा था कि इंग्लैंड अर्जेंटीना को हरा देगा. फुटबॉल में कुछ भी निश्चित नहीं होता."
अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद आखिरी 15 मिनट में शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. कॉन्स्टेंटाइन ने स्पेन के बारे में कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत पूरी टीम का एकजुट होकर खेलना है. उन्होंने मिडफील्डर रोड्री की भी तारीफ की.
उन्होंने कहा,"रोड्री शानदार खिलाड़ी हैं. स्पेन की खासियत यह है कि उनकी पूरी टीम दौड़ती है और हर खिलाड़ी अपना काम करता है." उन्होंने कहा,"अर्जेंटीना में मेस्सी पीछे आकर खिलाड़ियों को रोकने के लिए नहीं दौड़ते और हवाई गेंदों के लिए भी नहीं जाते. लेकिन जब गेंद उनके पास होती है तो वह शानदार और लगभग अजेय होते हैं."
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