Lionel Messi farewell journey: अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से 1-0 से हार गई और 2026 वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने में नाकाम रही. एक्स्ट्रा टाइम में फेरान टोरेस के एकमात्र गोल ने अर्जेंटीना की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, इस पूरे मैच में स्पेनिश टीम का दबदबा रहा था. इसके साथ ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप करियर खत्म हो गया. अर्जेंटीना के कप्तान ने अपना आखिरी वर्ल्ड कप मैच खेला. अर्जेंटीना के स्टार और 'बैलोन डी'ओर' के इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी ने दो दशकों से ज्यादा के जादुई खेल, हिम्मत और शानदार कामयाबी के बाद अपने स्पोर्ट्स करियर के एक शानदार अध्याय को समाप्त किया. जब अर्जेंटीना की टीम को हार मिली तो मेसी रो रहे थे. उनके आंखों में आंसू थे. यह एक ऐसा पल था जिसे फैन्स हमेशा याद रखेंगे. एक महान खिलाड़ी वर्ल्ड कप में अपना आखिरी मैच खेलकर जा रहा था.
वर्ल्ड कप में एक महान युग का अंत
'नंबर 10' अब कभी भी वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना की नेशनल टीम की जर्सी नहीं पहनेगा. एक फुटबॉलर और एक देश के बीच की वह अद्भुत प्रेम कहानी अब खत्म हो गई है, जो अब कभी वैसी नहीं रहेगी. 39 साल की उम्र में, अर्जेंटीना के फुटबॉल के आधुनिक इतिहास को बदलने वाले कप्तान ने अपने करियर के शिखर पर रहते हुए विदाई ली. बहुत ज्यादा आलोचना और फाइनल हारने के वे दिन अब बीत चुके हैं. उसके बाद तो बस कामयाबी ही कामयाबी मिली.
डेब्यू में 47 सेकंड बाद ही मैदान से बाहर भेज दिया गया था
दिलचस्प बात यह है कि प्यार और ड्रामे की यह कहानी बहुत अजीब तरह से शुरू हुई थी, 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में 18 साल के मेसी ने अपना डेब्यू किया और मैदान पर उतरने के सिर्फ़ 47 सेकंड बाद ही उन्हें बाहर भेज दिया गया. किसने सोचा होगा कि इतनी मुश्किल शुरुआत के बाद अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े दिग्गजों में से एक का उदय होगा?
पहले ही मैच में मिला रेड कार्ड
सिर्फ 18 साल की उम्र में, मेसी को 17 अगस्त 2005 को बुडापेस्ट के पुस्कास स्टेडियम में हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच के लिए सीनियर नेशनल टीम में बुलाया गया. लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें थीं क्योंकि बार्सिलोना में अपनी छाप छोड़ने वाले इस युवा टैलेंट को अर्जेंटीना की फुटबॉल की अगली बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा था.
हालांकि, मेसी का डेब्यू वैसा नहीं रहा जैसा लोगों ने सोचा था. दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए मेसी का खेल बहुत कम समय का रहा. खेल में आने के सिर्फ दो मिनट बाद, मेसी को बॉल मिली और उन्होंने हंगरी के डिफेंडर विल्मोस वैनजाक को ड्रिबल करके पार करने की कोशिश की. जैसे ही मेसी ने उन्हें पार करने की कोशिश की, वैनजाक ने मेसी की शर्ट खींच ली, जिससे युवा अर्जेंटीनी खिलाड़ी ने बचाव के लिए अपना हाथ ऊपर उठाया. सबको हैरान करते हुए, रेफरी ने मेसी के इस रिएक्शन को जानबूझकर कोहनी मारने की हरकत माना और तुरंत उन्हें रेड कार्ड दिखा दिया. बुरी तरह निराश मेसी रोते हुए मैदान से बाहर चले गए, उनका इंटरनेशनल डेब्यू सिर्फ 47 सेकंड का रहा था.
अर्जेंटीना के लिए अब तक के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी
अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान, मेसी ने अपने सामने आए हर रिकॉर्ड को तोड़ा है. इस सफर में, उन्होंने गैब्रियल बतिस्तुता का रिकॉर्ड तोड़कर अर्जेंटीना और पूरे साउथ अमेरिका के लिए इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह बनाई. इस टूर्नामेंट से पहले और इसके दौरान किए गए अपने हालिया गोलों के साथ, मेसी ने गोल की अपनी कुल संख्या को ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हासिल करना नामुमकिन लगता है.
अर्जेंटीना की टीम के सबसे ज्यादा गोल
- लियोनेल मेसी: 125 गोल
- गेब्रियल बतिस्तुता: 54 गोल
- सर्जियो अगुएरो: 42 गोल
- लुटारो मार्टिनेज: 37 गोल
- हर्नान क्रेस्पो: 35 गोल
- डिएगो माराडोना: 32 गोल
- गोंजालो हिगुएन: 31 गोल
- एंजेल डि मारिया: 31 गोल
सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड
मेसी न सिर्फ सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, बल्कि उन्होंने अर्जेंटीना के लिए मैदान पर सबसे ज्यादा बार खेला भी है. उन्होंने जेवियर मास्चेरानो और एंजेल डि मारिया जैसे दिग्गज साथियों को पीछे छोड़ते हुए आसानी से 200 मैचों का आंकड़ा पार करने में सफलता हासिल की है
अर्जेंटीना की टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी
- लियोनेल मेस्सी: 207 मैच
- जेवियर माशेरानो: 147 मैच
- एंजेल डि मारिया: 145 मैच
- जेवियर ज़ानेटी: 143 मैच
- रॉबर्टो अयाला: 115 मैच
शानदार कामयाबियों से भरी ट्रॉफी
दूसरे महान खिलाड़ियों के उलट, जो वर्ल्ड कप की निराशा के कड़वे अनुभव के साथ रिटायर हुए, मेसी ने अपना सफर कामयाबी के साथ पूरा किया. सालों के सूखे और हिम्मत बनाए रखने के बाद, उन्होंने सीनियर नेशनल टीम के मॉडर्न इतिहास के सबसे सफल दौर की अगुवाई की और 4 इंटरनेशनल खिताब जीते, जिन्होंने उनके अतीत के सभी घावों को भर दिया.
- अर्जेंटीना नेशनल टीम के साथ लियोनेल मेसी के जीते हुए टाइटल:
- 2005 – अंडर-20 वर्ल्ड कप (नीदरलैंड्स)
- 2008 – ओलंपिक गोल्ड मेडल (बीजिंग)
- 2021 – कोपा अमेरिका (ब्राज़ील)
- 2022 – फाइनलिस्सिमा (लंदन)
- 2022 – फीफा वर्ल्ड कप (कतर)
- 2024 – कोपा अमेरिका (यूनाइटेड स्टेट्स)
6 वर्ल्ड कप खेलने वाले अकेले अर्जेंटीना के खिलाड़ी
अपने गोल और अपीयरेंस रिकॉर्ड के साथ-साथ, मेसी 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले इकलौते अर्जेंटीना के खिलाड़ी हैं. सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गुइलेर्मो ओचोआ ही उन चुनिंदा फुटबॉलरों के ग्रुप का हिस्सा हैं जिन्होंने इतने वर्ल्ड कप खेले हैं.
लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड
- जर्मनी 2006: क्वार्टर-फ़ाइनल में बाहर (जर्मनी के ख़िलाफ़)
- साउथ अफ़्रीका 2010: क्वार्टर-फ़ाइनल में बाहर (जर्मनी के ख़िलाफ़)
- ब्राजील 2014: रनर-अप (फ़ाइनल जर्मनी से हारे)
- रूस 2018: राउंड ऑफ़ 16 में बाहर (फ़्रांस के ख़िलाफ़)
- कतर 2022: वर्ल्ड चैंपियन (फ़ाइनल में फ़्रांस को हराया)
- उत्तरी अमेरिका 2026: रनर-अप (फ़ाइनल स्पेन से हारे)
इन 6 टूर्नामेंट के दौरान, मेसी वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी और 3 वर्ल्ड कप फाइनल में नेशनल टीम की कप्तानी करने वाले इकलौते फ़ुटबॉलर बन गए. इतना ही नहीं, वह टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा असिस्ट देने वाले खिलाड़ी और किलियन एम्बाप्पे के बाद दूसरे सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी हैं.
एक ऐसी विरासत जो हमेशा कायम रहेगी
नंबर 10 का सफर वर्ल्ड कप में अब खत्म हो रहा है. अब से अर्जेंटीना की नेशनल टीम एक नए दौर में कदम रखेगी. एक ऐसा दौर जो फैन्स की उस पूरी पीढ़ी के लिए नया होगा, जो अपने कप्तान के साथ बड़ी हुई, जिन्होंने उनके साथ दुख और खुशी के पल बांटे. एक ऐसी पीढ़ी जिसने उन्हें रोते हुए भी देखा और जीतते हुए भी....
2026 वर्ल्ड कप का अंत शायद वैसा नहीं हुआ जैसा सोचा गया था, लेकिन फ़ुटबॉल ने पहले ही उनका सारा कर्ज़ चुका दिया था, अब कोई कसर बाकी नहीं है. लियोनेल आंद्रेस मेसी कुकिटिनी वर्ल्ड कप को अलविदा कह रहे हैं. उनके मन में यह सुकून है कि उन्होंने फुटबॉल के फैन्स के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है और उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी विरासत हमेशा ज़िंदा रहेगी. ल अब यह देखना बाकी है कि क्या अर्जेंटीना की नेशनल टीम की जर्सी में उन्हें एक और बार खेलने का मौका मिलेगा या नहीं. उन्होंने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
लेकिन, वह जो भी फैसला लें... बस हम इतना ही कहेंगे, शुक्रिया लियो..
मेसी के वर्ल्ड कप करियर में बनाए गए रिकॉर्ड
- वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी पुरुष या महिला खिलाड़ी की ओर से दूसरा सबसे ज्यादा गोल (21 गोल; एमबाप्पे के नाम 22 गोल हैं).
- करियर में 12 असिस्ट, जो रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा हैं (1966 के बाद से).
- तीन वर्ल्ड कप फाइनल (2014, 2022, 2026) खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी, इससे पहले काफ़ू (ब्राजील - 1994, 1998, 2002) ने ऐसा किया था.
- लगातार 11 वर्ल्ड कप मैचों में गोल किए या असिस्ट किया, यह रिकॉर्ड में सबसे लंबा सिलसिला है (1966 के बाद से), यह सिलसिला फ़ाइनल में स्पेन के खिलाफ रुका.
- 33 गोल योगदान (गोल + असिस्ट), जो किसी भी खिलाड़ी के लिए रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा हैं (1966 के बाद से). उन्होंने यह 34 मैचों में किया है.
- नॉकआउट स्टेज में 10 असिस्ट. वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड के अनुसार सबसे ज़्यादा (1966 के बाद से).
- 21 वर्ल्ड कप मैचों में गोल किए या असिस्ट किया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा हैं (1966 के बाद से).
- वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में 17 गोल योगदान (सात गोल, 10 असिस्ट), जो रिकॉर्ड में सबसे ज़्यादा हैं (1966 के बाद से).
- वर्ल्ड कप में 15 अलग-अलग प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ गोल किए, जो वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे ज़्यादा हैं.
- वर्ल्ड कप में 17 नॉन-पेनल्टी गोल किए, जो टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरा सबसे ज़्यादा हैं. (काइलियन एमबाप्पे के नाम 19 गोल हैं).
- अपने वर्ल्ड कप करियर में 5 मैचों में गोल किए और असिस्ट किया, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे ज़्यादा हैं (1966).
- 34 मैच खेले, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा हैं.
- 23 मैच जीते, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा हैं.
- 17 नॉकआउट स्टेज मैच खेले, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज़्यादा हैं.
- लगातार 9 मैचों में गोल किए, जो वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे लंबा सिलसिला है.
- वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार 6 नॉकआउट स्टेज मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी.
- अपनी टीन्स (13-19 साल), 20s और 30s की उम्र में वर्ल्ड कप में गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी.
- बॉक्स के बाहर से 6 गोल किए, जो वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड के अनुसार सबसे ज्यादा हैं (1966 के बाद से. वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा मिनट खेलने का रिकॉर्ड (3,054).
- 6 अलग-अलग वर्ल्ड कप में असिस्ट करने वाले एकमात्र खिलाड़ी.
- 5 अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दो खिलाड़ियों में से एक , क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी लिस्ट में शामिल.
- मेसी ने चार क्वार्टर-फ़ाइनल खेले हैं, जो किसी भी खिलाड़ी की ओर से खेले गए सबसे ज्यादा क्वार्टर-फ़ाइनल के बराबर है.
- वर्ल्ड कप मैच में एक से ज़्यादा असिस्ट करने वाले पहले MLS खिलाड़ी.
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