आजकल सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड काफी चल रहा है. लोग अपनी फोटो को AI प्लेटफॉर्म पर डालते हैं और फिर एक प्रॉम्प्ट देते हैं कि इसे 80S वाला इफेक्ट दे दो, तो पुराने जमाने की तस्वीर बनकर तैयार हो जाती है. इससे पहले Ghiblify जैसे ट्रेंड भी काफी वायरल हुए थे.
अब इंटरनेट पर लोग अपनी फोटो ChatGPT, Gemini या फिर किसी दूसरे AI प्लेटफॉर्म पर डालते हैं और उसके बाद वही AI उसे खास स्टाइल में बदल देता है. अब काम क्योंकि कुछ ही सेकंड में होता है तो मजा भी ज्यादा आता है और लोगों को अच्छा भी लगता है.
-
दिल्ली एयरपोर्ट से होती है दुनिया में सबसे ज्यादा Uber बुकिंग, NDTV ग्लोबल समिट में डोमिनिक टेलर ने खोले राज -
Gen-Z को कैसे समझाएं? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने बताया तरीका -
NDTV World Summit: हिंदू धर्म को क्यों किया जाता है टारगेट? BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी का जवाब -
एफिल टावर में विवाद का पूरा सच, BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी ने NDTV को बताया -
NDTV World Summit 2026 | दुनिया में सबसे ज्यादा कहां होती है UBER बुकिंग, डोमिनिक टेलर ने खोले राज -
NDTV World Summit | खामेनेई, मिनाब स्कूल पर हमले, भारत से दोस्ती पर क्या-क्या बोले ईरानी राजनयिक -
AI ने बनाया प्लान और इंसान ने दबाया हमले का बटन, ईरानी स्कूल में 156 मौतों पर पूर्व CIA चीफ ने कही ये बात -
इस साल के अंत तक भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम बालेन शाह, नेपाल के वित्तमंत्री डॉ स्वर्णिम वाग्ले ने दी जानकारी -
नोबेल विजेताओं जैसी दिमागी ताकत और पलक झपकते ही मौत! CIA के पूर्व प्रमुख ने AI युद्ध पर दी सबसे खौफनाक चेतावनी -
'एक दिमाग में लाखों आइंस्टाइन से बेहतर है एक हृदय में लाखों बुद्ध',AI के सवाल पर BAPS के ब्रह्मविहारी स्वामीजी
लेकिन एक बात पर किसी का ध्यान नहीं जाता. आप सिर्फ AI से अपनी फोटो नहीं बना रहे, बल्कि फोटो के साथ अपना जरूरी डेटा भी AI को दे रहे हैं.
जब आप अपनी सेल्फी ChatGPT, Gemini या किसी दूसरे AI प्लेटफॉर्म पर डालते हैं, तो आप सिर्फ एक तस्वीर नहीं दे रहे होते, आप अपना डेटा भी दे रहे होते हैं. उदाहरण के लिए, वह फोटो कब खींची गई थी, किस डिवाइस से खींची गई थी, कहां खींची गई थी और फोटो में मौजूद आपका चेहरा-यह सारी वो जानकारी है जो आपका निजी डेटा है.
AI इसे इकट्ठा करता रहता है. Wired की रिपोर्ट के मुताबिक, आप क्या लिख रहे हैं, कौन-सी फोटो अपलोड कर रहे हैं, आपका IP एड्रेस क्या है, कौन-सा डिवाइस इस्तेमाल किया जा रहा है-ऐसी जानकारी भी फोटो अपलोड करने पर मिल सकती है.
बड़ी बात यह है कि जो तस्वीर AI आपको बनाकर देता है, हो सकता है वह कुछ समय बाद गायब भी हो जाए, लेकिन जो असल फोटो आपने अपलोड की थी, वह उससे काफी ज्यादा समय तक उस प्लेटफॉर्म पर रह सकती है. प्लेटफॉर्म की क्या डेटा रिटेंशन पॉलिसी है, इस पर काफी कुछ निर्भर करता है.
जैसे ChatGPT में अगर आप अपना डेटा डिलीट भी कर दें, तो वह 30 दिन तक सर्वर पर रह सकता है. इसी तरह Gemini में डिफॉल्ट रूप से 18 महीने तक डेटा को रखा जाता है.
माना जा रहा है कि क्योंकि इंसान आजकल AI का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है और अपनी हर दिनचर्या की चीज वहां शेयर कर रहा है, ऐसे में धीरे-धीरे उसकी एक प्रोफाइल बनकर तैयार हो सकती है. जानकार मानते हैं कि लोगों को ऐसे ट्रेंड से बचना चाहिए, जहां पर किसी की पहचान से जुड़ी चीजें अपलोड की जा रही हों.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं