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यह मेसी की वॉक नहीं 'ट्रैप' है, जानें कैसे जाल बुनता है फुटबॉल का जादूगर, क्या उसे काट पाएगा इंग्लैंड?

मैदान में मेसी अपने खेल से ज्यादा अपनी चाल से विपक्षी टीम को मात देते हैं. मौजूदा समय में वह 39 साल के हैं. इसके बावजूद वह मैदान पर सबसे ज्यादा 'वॉक' करते हैं.

यह मेसी की वॉक नहीं 'ट्रैप' है, जानें कैसे जाल बुनता है फुटबॉल का जादूगर, क्या उसे काट पाएगा इंग्लैंड?
लियोनेल मेसी

फुटबॉल प्रेमियों के इंतजार का पल समाप्त होने के बेहद करीब है. फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला कुछ देर में शुरू होने वाला है. जहां इंग्लैंड (England) की भिड़ंत अर्जेंटीना (Argentina) के साथ होने वाली है. मैच के दौरान हर किसी की नजर 'ला अल्बिसेलेस्टे' के दिग्गज अटैकिंग मिडफील्डर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) के ऊपर रहेगी. मैदान में अगर वह पिछले मुकाबलों की तरह लय में नजर आए तो अर्जेंटीना की जीत पक्की है. 

अपनी वॉक से 'ट्रैप' करते हैं मेसी

मैदान में मेसी अपने खेल से ज्यादा अपनी चाल से विपक्षी टीम को मात देते हैं. मौजूदा समय में वह 39 साल के हैं. इसके बावजूद वह मैदान पर सबसे ज्यादा 'वॉक' करते हैं. अब आप सोच रहे होंगे आखिर वह ऐसा क्यों करते हैं? तो यह उनकी विपक्षी टीम के डिफेंस में सेंध लगाने और स्पेस ढूंढने की सोची समझी तरकीब है. जिसे फुटबॉल की भाषा में 'वॉकिंग ट्रैप' या 'पैसिव स्कैनिंग' कहा जाता है.

पूर्व फुटबॉलर पेप गार्डियोला एक बार मेसी के बारे में बात करते हुए मैदान पर उनकी चाल के बारे में कहा था कि मेसी मैदान पर दौड़ते नहीं हैं, बल्कि सिर हिलाकर पूरे मैदान का मैप बना रहे होते हैं. इस दौरान विपक्षी टीम और फुटबॉल प्रेमी समझ रहे होते हैं कि वह धीमे पड़ गए हैं. मगर वह इस बीच मैदान की मैपिंग कर चुके होते हैं. 

शुरुआती 5 से 10 मिनट में टहलते हुए नजर आते हैं मेसी 

मैच शुरू होते ही दौड़ने के बजाय मेसी मैदान में टहलते हुए नजर आते हैं. मगर इस दौरान वह विपक्षी टीम की डिफेंस को समझने का प्रयास भी कर रहे होते हैं. वह समझते हैं कि उनका मैन-मार्कर कौन है, राइट-बैक और सेंटर-बैक के बीच कितनी दूरी है और विरोधी टीम का मिडफील्ड किस गति से शिफ्ट हो रहा है. 

डिफेंडर्स को मानसिक रूप से सुलाना

मैच के दौरान जब कोई खिलाड़ी दौड़ रहा होता है तो विपक्षी टीम के डिफेंडर हाई अलर्ट पर होते हैं. मगर इसके उलट मेसी शांत एवं सधे हुए कदमों के साथ टहल रहे होते हैं. जिसे देख विपक्षी टीम के डिफेंडर लापरवाह हो जाते हैं. फिर मौका पाते ही एकाएक मेसी एक्टिव होते हैं और विपक्षी डिफेंडर को गच्चा देते हुए गोल पर गोल करने लगते हैं. 

मेसी की ब्लाइंड स्पॉट में पोजीशनिंग 

मेसी हमेशा विपक्षी टीम के मिडफील्ड और डिफेंस के बीच रिक्त पड़े खाली स्थान में खड़े होते हैं. यहीं नहीं वह सोची समझी रणनीति के तहत डिफेंडर के कंधे के ठीक पीछे पोजीशन लेते हैं. जिससे विपक्षी टीम के डिफेंडर को उन्हें देखने के लिए बार-बार पीछे देखना पड़े. इस दौरान जैसे ही डिफेंडर की नजर गेंद की तरफ जाती है. तबतक सामने से मेसी उनके नियंत्रण से बाहर हो गए होते हैं. 

चकमा देने में भी माहिर हैं मेसी 

मैच के दौरान मेसी कई बार जानबूझकर गेंद को गोल की दिशा में ले जाने के बजाय विपरीत दिशा में ले जाते हैं. जिससे विपक्षी टीम के डिफेंडर भी उनके साथ खिंचे चले जाते हैं. यहीं मौका होता है जब मेसी के दूसरे साथी फॉरवर्ड्स खिलाड़ियों को बॉक्स में घुसने का मौका मिल जाता है. 

अचानक से गीयर बदलने में माहिर हैं मेसी

मैदान में सुस्त नजर आने वाले मेसी अचानक से गीयर बदलने में माहिर हैं. उनके जोन में गेंद आई नहीं कि वह  रॉकेट की उसपर टूट पड़ते हैं. इस दौरान विपक्षी टीम के डिफेंडर्स का दिमाग बिल्कुल भी काम नहीं करता है. जब तक वह समझ पाते हैं तब तक मेसी अपने प्लान में कामयाब हो गए होते हैं. 

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