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कैसे FIFA WC 2026 में सबसे ज्यादा लाइमलाइट में है 'सेंटर फॉरवर्ड' रोल, मेसी-एम्बाप्पे का धमाका, रोनाल्डो का संघर्ष जारी

FIFA World Cup 2026, Leonal Messi-Cristiano Ronaldo: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेसी और एम्बाप्पे द्वारा सेंटर फॉरवर्ड (मुख्य स्ट्राइकर) के रूप में ऐतिहासिक गोल दागने और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इसी पोजीशन पर संघर्ष करने के बाद नंबर 9 रोल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा लाइमलाइट में आ गया है.

कैसे FIFA WC 2026 में सबसे ज्यादा लाइमलाइट में है 'सेंटर फॉरवर्ड' रोल, मेसी-एम्बाप्पे का धमाका, रोनाल्डो का संघर्ष जारी
FIFA World Cup 2026, Leonal Messi-Cristiano Ronaldo:

FIFA World Cup 2026, Leonal Messi-Cristiano Ronaldo: फीफा वर्ल्ड कप को दुनिया का सबसे बड़ा खेल मंच माना जाता है. फुटबॉल के इस महाकुंभ में हालात का बदलना बहुत आम है, लेकिन साल 2026 के इस फीफा वर्ल्ड कप में जो सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, वह है 'सेंटर फॉरवर्ड' मुख्य स्ट्राइकर यानी नंबर 9 पोजीशन की भूमिका. आम तौर पर आधुनिक फुटबॉल में मिडफील्डर्स खेल को चलाते दिखते थे, लेकिन इस बार टूर्नामेंट की पूरी लाइमलाइट सेंटर फॉरवर्ड पोजीशन ने लूट ली है. विश्व कप के इतिहास में कई बार बड़े मैचों में दुनिया के सबसे नामचीन फॉरवर्ड खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए.

दिग्गजों के फीके प्रदर्शन जैसी कहानियों से फुटबॉल इतिहास भरा पड़ा है, लेकिन इस बार कहानी बिल्कुल अलग है, जहां दुनिया के तमाम बड़े सितारे सेंटर फॉरवर्ड की भूमिका में उतरकर मैदान पर अपनी चमक से इतिहास बदल रहे हैं.

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Photo Credit: Getty

लियोनेल मेसी - सेंटर फॉरवर्ड का नया कीर्तिमान

विश्व फुटबॉल के बेताज बादशाह लियोनेल मेसी का जादू इस समय फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है. सोमवार को ग्रुप जे (Group J) के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया की मजबूत टीम को 2-0 से शिकस्त दी और इस जीत के असली हीरो सेंटर फॉरवर्ड के रूप में खेल रहे कप्तान मेसी ही रहे. मैच के 38वें मिनट में जब मुकाबला फंसा हुआ था, तब युवा खिलाड़ी थियागो अल्माडा ने अपनी चालाकी भरी चाल से ऑस्ट्रिया के डिफेंस को पूरी तरह छका दिया और गेंद सीधे मेसी के पास पहुंची, जिन्होंने बिना कोई गलती किए बेहद शांति से गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में डाल दिया.

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इसके बाद मैच के आखिरी पलों यानी 95वें मिनट में अर्जेंटीना ने एक तेज जवाबी हमला किया और मेसी ने एक और शानदार गोल दागकर टीम की 2-0 से जीत पक्की कर दी. आगामी बुधवार को अपना 39वां जन्मदिन मनाने जा रहे मेसी ने वर्ल्ड कप में अपने कुल गोलों की संख्या 18 पहुंचा दी है. इस दमदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे के 16 गोल के सर्वकालिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है और वो पुरुषों के फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले सेंटर फॉरवर्ड बन गए हैं. 

किलियन एम्बाप्पे: फ्रांस के मुख्य स्ट्राइकर का 100वें मैच में धमाका

फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे इस समय अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं. विंग्स के बजाय अब फ्रांस के मुख्य सेंटर फॉरवर्ड के रूप में खेल रहे एम्बाप्पे ने इराक के खिलाफ मैदान पर उतरते ही न सिर्फ अपने करियर के 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए, बल्कि इस मैच को इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर बना दिया. इस मुकाबले से पहले एम्बाप्पे के नाम वर्ल्ड कप इतिहास में 14 गोल दर्ज थे और वो ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो नाजारियो (15 गोल) से एक कदम पीछे थे, लेकिन इराक के खिलाफ मैच में एम्बाप्पे के जादुई पैरों का ऐसा जादू चला कि उन्होंने मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाते हुए एक के बाद एक दो शानदार गोल दाग दिए.

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मैच के 14वें मिनट में माइकल ओलिस के पास पर एम्बाप्पे ने लगभग 20 गज की दूरी से बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचाया. इसके बाद हाफ टाइम के बाद इराकी टीम की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए ओस्मान डेम्बेले की मदद से उन्होंने अपना दूसरा गोल भी पूरा कर लिया.

इन दो गोलों की बदौलत उन्होंने कुल 16 गोलों के साथ जर्मनी के महान मिरोस्लाव क्लोज़े के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. मात्र 27 साल की उम्र में विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोरर बनना एम्बाप्पे के महान खिलाड़ी होने की गवाही देता है. इस विश्व कप में उनके गोल की संख्या चार हो गई है, जिससे वह गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी के ठीक पीछे पहुंच गए हैं.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का संघर्ष - सेंटर फॉरवर्ड रोल की दूसरी तस्वीर

जहां एक तरफ सेंटर फॉरवर्ड पोजीशन से मेसी और एम्बाप्पे जैसे सितारे चमक रहे हैं, वहीं पुर्तगाल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह शुरुआत अच्छी नहीं रही है. 41 साल की उम्र में अपने छठे वर्ल्ड कप में खेल रहे रोनाल्डो कांगो के खिलाफ पहले मैच में पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए. अपनी युवा समय में रोनाल्डो एक बेहद आक्रामक विंगर थे, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने खुद को पूरी तरह से सेंटर फॉरवर्ड (मुख्य स्ट्राइकर) के रूप में ढाल लिया है, जहां वो डिफेंस में टीम की कोई मदद नहीं करते.

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कांगो के खिलाफ पुर्तगाल के 1-1 से ड्रॉ हुए मैच में पूरे 90 मिनट के खेल में सिर्फ 25 टच और एक भी शॉट टारगेट पर न मार पाना रोनाल्डो जैसे महान स्ट्राइकर के कद के विपरीत है. खेल में आई इस सुस्ती और पिछले 10 बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल न कर पाने की वजह से पुर्तगाल के खेमे में अब 'सेंटर फॉरवर्ड रोनाल्डो' की भूमिका को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं, क्योंकि उनका यह धीमी गति का खेल टीम की आक्रामक खेल को प्रभावित कर रहा है.

हालैंड, यमाल और सालाह: नंबर 9 पोजीशन की नई जंग

इस वर्ल्ड कप की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ मेसी और एम्बाप्पे ही नहीं, बल्कि बाकी टीमों के सेंटर फॉरवर्ड भी पूरी तरह फॉर्म में नजर आ रहे हैं. नॉर्वे के गोल मशीन एर्लिंग हालैंड अपने पहले ही विश्व कप में मुख्य स्ट्राइकर के रूप में विपक्षी टीमों के डिफेंस को तहस-हस कर रहे हैं और लगातार गोल दाग रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, स्पेन के 18 वर्षीय युवा सनसनी लामिन यमाल और मिस्र के स्टार मोहम्मद सालाह भी फॉरवर्ड लाइन में अपनी टीमों को आगे ले जा रहे हैं. इस बार हर बड़ा नाम सेंटर फॉरवर्ड या फॉरवर्ड पोजीशन से ही अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहा है.

(IANS इनपुट के साथ)

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