England vs Argentina, FIFA World Cup semifinal: इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के सामने अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में इतिहास रचने का मौका है. केन ने नॉर्वे के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में अपना 120वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व कप्तान वेन रूनी के इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले आउटफील्ड खिलाड़ी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी. अब वह सेमीफाइनल में मैदान पर उतरते ही 121वां मैच खेलकर इस रिकॉर्ड पर अकेले कब्जा कर लेंगे.
हैरी केन के करियर पर नजर डालें तो यह संघर्ष और मेहनत की मिसाल है. हैरी आज जिस मुकाम पर हैं उसके पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान है. हैरी के पिता पैट्रिक केन का जन्म आयरलैंड के काउंटी गॉलवे में हुआ था. हालांकि, उन्हें रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड के लंदन आकर बसना पड़ा. नए शहर में परिवार को पालने के लिए उन्होंने फैक्ट्री में काम किया. उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बेटे के फुटबॉल खेलने के सपने को कभी टूटने नहीं दिया.
पिता ने पर्दे के पीछे रहकर किया संघर्ष
पैट्रिक ने सिर्फ हैरी को ही नहीं बल्कि अपने दूसरे बेटे चार्ली को भी अच्छी परवरिश दी, लेकिन जब भविष्य के सपने देख रहे हैरी केन को आर्सेनल अकादमी से बाहर कर दिया गया, तो यह परिवार के लिए एक बड़ा झटका था. उस समय पैट्रिक ने बेटे का आत्मविश्वास बनाए रखा और उसे मेहनत जारी रखने के लिए प्रेरित किया. पैट्रिक और उनकी पत्नी किम ने हमेशा खुद को पर्दे के पीछे ही रखा और बहुत कम ही मीडिया के सामने आए. उन्होंने हमेशा परिवार और बच्चों के विकास पर ध्यान दिया.
हैरी केन इंग्लैंड के लिए टॉप स्कोरर
केन के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें बचपन में आर्सेनल अकादमी से बाहर कर दिया गया. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आज वह इंग्लैंड के सबसे बड़े फुटबॉल स्टार में गिने जाते हैं. केन सिर्फ रिकॉर्ड मैचों के मामले में ही नहीं, बल्कि गोल करने में भी इंग्लैंड के सबसे सफल खिलाड़ी हैं. 120 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में वह 85 गोल दाग चुके हैं और देश के सर्वकालिक टॉप स्कोरर हैं. विश्व कप 2026 में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और उन्होंने इंग्लैंड को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है.
फैक्ट्री वर्कर के बेटे पर टिकी फैंस की नजरें
अब सभी की निगाहें अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर टिकी हैं. इंग्लैंड को उम्मीद होगी कि फैक्ट्री वर्कर के बेटे से सुपरस्टार बने हैरी केन एक और यादगार प्रदर्शन कर टीम को विश्व कप फाइनल का टिकट दिलाएं और साथ ही एक नया अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लें. ईएसपीएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस ट्यूशेल से हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्ट्राइकर हैरी केन के बारे में सवाल पूछा जाता है. दुनिया भर के अलग-अलग देशों से आए नए पत्रकारों में एक आम उत्सुकता होती है कि हमें केन के बारे में बताइए. नॉर्वे के मैच से पहले भी ऐसा ही हुआ. केन के बारे में भी सवाल पूछा गया.
हैरी केन के प्रदर्शन पर क्या बोले इंग्लैंड के मैनेजर?
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्यूशेल ने कहा, "हम हर मैच में उनके बारे में बात करते हैं क्योंकि वही हमारे लिए सारे मैच का नतीजा तय करते हैं. मेरे पास उनके बारे में बताने के लिए शब्द और अलग-अलग तरीके कम पड़ रहे हैं. वह हमारे लीडर हैं. वह हमारे कप्तान हैं. वह मिसाल बनकर टीम को आगे ले जाते हैं. वह अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे फॉर्म में हैं और अपने करियर के शिखर पर हैं. उनकी सोच एक टीम प्लेयर वाली है. वह मिसाल बनकर नेतृत्व करने और सबको आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं. वह ज़िम्मेदारी लेने, अच्छा प्रदर्शन करने और हमारी मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्हें कप्तान के तौर पर पाना और उनका कोच होना मेरे लिए सम्मान की बात है."
दूसरी बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड की कप्तानी करेंगे केन
केन ने पिछले पांच बड़े टूर्नामेंट में देश की कप्तानी की है, और बुधवार रात वह दूसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड की कप्तानी करेंगे. जब पूर्व कोच गैरेथ साउथगेट ने 2018 वर्ल्ड कप के लिए केन को कप्तान चुना था, तो यह एक विवादास्पद फैसला था. वह इंग्लैंड के कप्तान की पारंपरिक, ऐतिहासिक छवि वाले खिलाड़ी नहीं थे. वह गोल करने वाले खिलाड़ी और इंग्लैंड के सबसे अच्छे खिलाड़ी थे, लेकिन विनम्र और सोच-समझकर बोलने वाले थे.
केन को कप्तान बनाते हुए साउथगेट ने कहा था कि, "हैरी में कुछ बेहतरीन व्यक्तिगत गुण हैं. वह बहुत बारीकी से काम करने वाले प्रोफेशनल हैं, और कप्तान के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है कि वे हर दिन एक स्टैंडर्ड सेट करें. उनमें भरोसा और ऊंचे स्टैंडर्ड हैं, और टीम के लिए यह एक बहुत अच्छा संदेश है कि उनका कप्तान ऐसा हो जिसने दिखाया हो कि लंबे समय तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक बने रहना मुमकिन है, और यही उनकी प्रेरणा रही है. वह दूसरों को साथ लेकर चलने की अहमियत समझते हैं."
गोल्डन बूट की दौड़ में केन
इस वर्ल्ड कप में खेले गए छह मैचों में केन और जूड बेलिंगहम का जलवा रहा है. केन इस टूर्नामेंट में बायर्न म्यूनिख के साथ एक शानदार सीजन के बाद आए थे, जिसमें उन्होंने 51 मैचों में 61 गोल किए थे. वे वर्ल्ड कप गोल्डन बूट की दौड़ में हैं और बैलन डी'ओर के लिए चुने जाने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं.
खुद की लीडरशिप फिलॉसफी पर केन ने क्या कहा?
खुद केन ने नवंबर 2024 में अपनी लीडरशिप फिलॉसफी के बारे में एक छोटा सा लेख लिखा था. उनका अंदाज़ हमेशा की तरह विनम्र था. केन ने कहा, "मैं हमेशा चाहता था कि माहौल सुकून भरा हो, ताकि खिलाड़ी जैसे हैं वैसे ही रह सकें, किसी से भी खुलकर बात कर सकें और अपने तरीके से खेल सकें या ट्रेनिंग कर सकें." उन्होंने अपने लेख का ज़्यादातर हिस्सा उन कप्तानों के सम्मान में लिखा जिनसे उन्होंने सीखा है: इनमें रूनी, ह्यूगो लोरिस, मैनुअल न्युअर, जोशुआ किमिच, मुलर और डेविड बेकहम, आदि का नाम शामिल है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं