- हांग म्युंग-बो को जुलाई 2024 में पूर्व कोच जुएरजेन क्लिंसमैन की जगह टीम का मुख्य कोच बनाया गया था.
- उनके नेतृत्व में दक्षिण कोरिया ने लगातार 11वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रचा था.
- लेकिन FIFA World Cup 2026 में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हो सका.
दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज के मुकाबले खत्म होते ही टीमों के हारने की जिम्मेदारी लेने का सिलसिला शुरू हो गया है. इस सिलसिले की पहली बड़ी खबर दक्षिण कोरियाई टीम से आई है. टीम के मुख्य कोच हांग म्युंग-बो ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया है.
न्यूयॉर्क से आई खबर के मुताबिक, ग्रुप स्टेज से दक्षिण कोरिया के बाहर होने के बाद हांग म्युंग-बो ने टीम के ट्रेनिंग कैंप में खिलाड़ियों और स्टाफ के सामने अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभालना आसान फैसला नहीं था, लेकिन जब उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार की तो उनका एक ही लक्ष्य था- देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देना.
दक्षिण कोरिया की टीम से इस बार काफी उम्मीदें थीं. टीम में कप्तान सोन ह्यूंग मिन, ली कांग इन और किम मिन जे जैसे स्टार खिलाड़ी मौजूद थे. जानकारों का मानना था कि टीम आसानी से नॉकआउट दौर में पहुंच जाएगी.
ग्रुप स्टेज में दक्षिण कोरिया ने अपने पहले मुकाबले में चेक रिपब्लिक को 2-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी. लेकिन इसके बाद सह-मेजबान मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो हार ने पूरी तस्वीर बदल दी. अंतिम उम्मीद दूसरे ग्रुपों के नतीजों पर टिकी थी, लेकिन किस्मत ने भी साथ नहीं दिया और टीम अगले दौर में जगह बनाने से चूक गई.

हेड कोच म्युंग-बो हांग फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपने खिलाड़ियों को समझाते हुए
Photo Credit: AFP
हांग म्युंग-बो को जुलाई 2024 में पूर्व कोच जुएरजेन क्लिंसमैन की जगह टीम का मुख्य कोच बनाया गया था. उनके नेतृत्व में दक्षिण कोरिया ने लगातार 11वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रचा था. लेकिन विश्व कप में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं हो सका.
फुटबॉल में यह परंपरा रही है कि बड़े टूर्नामेंट में खराब प्रदर्शन के बाद सबसे पहले कोच पर जिम्मेदारी आती है. हांग म्युंग-बो ने भी बिना किसी बहाने के हार की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ दिया. अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाली दूसरी टीमें भी अपने कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव करती हैं.
फिलहाल इतना तय है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मैदान पर गोलों के साथ-साथ हार की जिम्मेदारी लेने का दौर भी शुरू हो चुका है, और दक्षिण कोरिया इसके पहले बड़े उदाहरण के रूप में सामने आया है.
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