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फीफा वर्ल्ड कप 2026: योआन वीसा ने दागा डीआर कांगो का 52 साल में पहला गोल, झूम उठा पूरा देश

पुर्तगाल और डीआर कांगो के मुकाबले में न्यूकैसल यूनाइटेड के फॉरवर्ड योआन वीसा ने अपनी टीम डीआर कांगो के लिए गोल किया. यह डीआर कांगो के इतिहास का पहला वर्ल्ड कप गोल है.

फीफा वर्ल्ड कप 2026: योआन वीसा ने दागा डीआर कांगो का 52 साल में पहला गोल, झूम उठा पूरा देश
Yoane Wissa Score First Ever Goal for DR Congo in World Cup

डीआर कांगो ने 52 सालों के बाद फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है. बुधवार को उसका ग्रुप स्टेज का शुरुआती मुकाबला पुर्तगाल से हुआ, जिसमें पहले हाफ में  योआन वीसा ने टीम के लिए गोल किया. यह डीआर कांगो के फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का पहला गोल है. डीआर कांगो ने इससे पहले 1974 संस्करण में हिस्सा लिया था, लेकिन उस साल टीम एक भी गोल नहीं कर पाई थी. हालांकि, बुधवार देर रात क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम के खिलाफ इस टीम ने अपना गोल किया. 

मैच के छठे ही मिनट में पुर्तगाल के लिए  जोआओ नेव्स ने हेडर के जरिए गोल दाग कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद से ही डीआर कांगो की टीम वापसी के लिए संघर्ष करती रही. पहले हाफ के इंजरी टाइम में टीम के पास यह मौका आया, जब आर्थर मासुआकू ने दाईं ओर से एक क्रॉस दिया और वीसा ने एकदम सही टाइम पर दौड़कर हेडर के जरिए गेंद को गोलकीपर के ऊपर से निकाल दिया. वीसा के हेडर ने पक्का कर दिया कि टीमें हाफ-टाइम तक 1-1 से बराबर रहीं. 1974 के बाद पहली बार टूर्नामेंट में वापसी कर रहे DR कांगो के लिए यह पल बहुत खास था. 

डीआर कांगो ने अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप 1974 में खेला था. उसके बाद से टीम को दूसरे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने में 52 साल लग गए और वीसा ने इसे और खास बना दिया. डीआर कांगो के जो भी फैंस स्टेडियम में थे, वो खुशी से झूम उठे.

कौन हैं योआन वीसा?

योआन वीसा एक स्टार फॉरवर्ड हैं, जो DR कांगो के सबसे ज़रूरी खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं. नकी पेस, मूवमेंट और ज़बरदस्त फ़िनिशिंग ने उन्हें हर हफ़्ते डिफेंडरों के लिए मुश्किल बना दिया. प्रीमियर लीग में अपना नाम बनाने से पहले उन्होंने फ़्रांस में रैंक में तरक्की की. 2025 की गर्मियों में, न्यूकैसल यूनाइटेड ने उन्हें ब्रेंटफ़ोर्ड से कथित तौर पर 55 मिलियन पाउंड में साइन किया. हालांकि, नॉर्थ-ईस्ट कोस्ट पर उनका पहला सीज़न मुश्किल साबित हुआ. 

बेल्जियन कांगो से DR कांगो तक

स्पेन की वेबसाइट एएस के अनुसार, डीआर कांगो का असल नाम डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो है. अपने पूरे इतिहास में इस देश के नाम कई बार बदले हैं. इसने अपना पहला अनौपचारिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 1948 में खेला था, तब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो एक बेल्जियन कॉलोनी थी जिसे बेल्जियन कांगो के नाम से जाना जाता था.

जून 1960 में बेल्जियम से आज़ादी मिलने के बाद, देश ने रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो नाम अपनाया, जो ज़्यादा दिन नहीं चला. दो महीने बाद, मिडिल कांगो, जो एक पड़ोसी फ्रेंच कॉलोनी थी, भी आज़ाद हो गई और उसने भी वही नाम अपनाया: रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो. दोनों में फ़र्क करने के लिए, पहले की बेल्जियन कॉलोनी ने 1964 में अपने नाम में "डेमोक्रेटिक" जोड़ा, जिससे यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो बन गया, जो आज भी इसका नाम है.

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. 1965 में मोबुतु सेसे सेको के देश के दूसरे राष्ट्रपति बने और उन्होंने देश का नाम बदलकर ज़ैरे रख दिया. 1971 से 1997 तक टीम का यही नाम रहा.  1998 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफ़ाइंग के बीच में जब मोबुतु सेसे सेको का राज खत्म हुआ, तक देश ने अपना नाम वापस डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो रख लिया.

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लेखक के बारे में
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मोहित झा
सब एडिटर
10वीं कक्षा में पढ़ते हुए जब पहली बार एनडीटीवी के लिए क्रांति संभव को एक वीडियो रिकॉर्ड करते देखा, उसी पल यह तय हो गया था कि आगे चलकर इसी संस्थान का ह... और पढ़ें
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