स्पेन ने अर्जेन्टीना को 1-0 से हराकर फ़ीफ़ा 2026 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीत लिया है. क़रीब सवा महीना चला अबतक का सबसे लंबा और सबसे ज़्यादा टीम और मैचों के वर्ल्ड कप का विश्व विजेता स्पेन की शानदार की जीत के साथ तय हो गया. स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपने ख़िलाफ़ सिर्फ़ 1 गोल होने दिया. इसके साथ ही मेसी के लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीतने का सपना भी टूट गया. फ़ाइनल मैच में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, मैडोना, शकीरा, बीबर से लेकर टॉम क्रूज़ जैसे नामचीन दिग्गजों की स्टेडियम में मौजूदगी ने इसे सेवन स्टार फ़ाइनल बना दिया. इस वर्ल्ड कप के जीतने के बाद स्पेन पर पैसों की बारिश हुई है.
न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फ़ाइनल के पहले हाफ़ में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकीं. बॉल पासेशन को हथियार बनाकर खेल रही स्पेन की टीम का पलड़ा पहले हाफ़ में ज़रूर थोड़ा भारी दिखा. लैमीन यामाल भी अपने हुनर का कमाल दिखाते रहे. फ़ाइनल में स्पेन का कंट्रोल अर्जेन्टीना से कहीं ज़्यादा दिखा. स्पेन ने पूरे मैच में 68 फ़ीसदी बॉल पॉसेशन और 90 फ़ीसदी एक्यूरेट पास के साथ गेम पर नियंत्रण बनाए रखा.. स्पेन ने पूरे मैच में 11 शॉट टारगेट पर दागे. जबकि, अर्जेन्टीनी टीम टारगेट पर कोई शॉट नहीं ले सकी.
93 मिनट में आख़िरकार एंज़ो फर्नांडीज़ स्पेनिश सेंटर-बैक पाउ कुबारसी के साथ फाउल करते पकड़े गए. उन्हें दूसरा येलो कार्ड मिला और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. इंजरी टाइम में अर्जेंटीना को रेड कार्ड की वजह से आगे 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा. 106वें मिनट में आख़िरकार स्पेन के फेरन टोरेस ने गोल दागकर स्पेन ला रोखा कैंप को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया.
टोरेस के वर्ल्डकप करियर का तीसरा गोल रहा. मैच इसी नतीजे पर ख़त्म हुआ. कोच लुइस डे ला फ़ुएमन्टे और कप्तान रॉड्रि ने कप्तान मेसी के लगातार दो बार ख़िताब जीतने का सपना आख़िरकार तोड़ दिया. स्पेन ने 2010 के 16 साल बाद दुबारा ट्रॉफ़ी पर अपना कब्ज़ा जमा लिया.
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद स्पेन पर पैसों की बारिश भी हुई है और उसे वर्ल्ड चैंपियन बनने पर 480 करोड़ मिले हैं. जबकि उपविजेता अर्जेंटीना के खाते में करीब 318 करोड़ आए हैं.
वर्ल्ड कप में हिस्सा लेनेवाली सभी टीमों को फ़ीफ़ा से ढेर सारे पैसे मिलेंगे. टूर्नामेंट में 33वें से 48वें नंबर पर आनेवाली टीम को भी 9 मिलियन डॉलर या 86 करोड़ रुपये मिलेंगे. क्रिकेट से इसकी तुलना करें तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियन को $3.6 million (क़रीब 35 करोड़ रुपये), वनडे वर्ल्ड चैंपियन को $2.24 million (22 करोड़ रुपये) और टी-20 वर्ल्ड चैंपियन को $2.45 million (क़रीब 24 करोड़) रुपये की इनामी रकम मिलती है.
बड़ी बात ये है कि फ़ीफ़ा अगले साल होनेवाले टूर्नामेंट के लिए कतर 2022 से 50% ज़्यादा मतलब 727 मिलियन डॉलर यानी क़रीब 7000 करोड़ रुपये अपने सदस्य फ़ुटबॉल संघों में बांटेगा. यानी दुनिया के सभी देशों के लिए अपने फ़ुटबॉल का लेवल को बढ़ाने और नाम के साथ मालामाल होने के मौक़े के लिए ये एक खूबसूरत और लुभावना संदेश भी है.
फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप की प्राइज़-मनी
- चैंपियन: 50 मिलियन डॉलर - 480 करोड़ रु.
- उपविजेता: 33 मिलियन डॉलर
- तीसरे नंबर की टीम: 29 मिलियन डॉलर
- चौथे नंबर की टीम: 27 मिलियन डॉलर
- 5वें- 8वें नंबर की टीम: 19 मिलियन डॉलर
- 9वें- 16वें नंबर की टीम: 15 मिलियन डॉलर
- 17वें- 32वें नंबर की टीम: 11 मिलियन डॉलर
- 33वें-48वें नंबर की टीम: 9 मिलियन डॉलर
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