तीन देशों में खेले जा रहे फीफा फुटबॉल विश्व कप में बहुत ही शानदार मैच खेले जा रहे हैं. और समय गुजरने के साथ ही रोमांच और खेल में गति का स्तर और ऊंचा होगा. मेगा टूर्नामेंट में कई नई बातें देखने को मिली हैं, तो एक और चीज अलग देखने को मिली है. सितारों सहित बड़ी संख्या में फुटबॉलरों का गुलाबी जूतों में खेलना. यह चर्चा का विषय बन गया है फैंस के बीच. जीओ रेयना ने अमेरिकी टीम के लिए विश्व कप की शुरुआत करने के लिए एक ऐतिहासिक गोल दागा. विनीसियस जूनियर ने ब्राजील के शुरुआती मैच में एक शानदार गोल किया. किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल करके फ्रांस के इतिहास में सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी का स्थान हासिल किया. हैरी केन ने भी अपने दो गोल दागकर इंग्लैंड के रिकॉर्ड की बराबरी की, क्योंकि वे और उनके साथी खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को घर लाने की कोशिश कर रहे हैं. इन बताए तमाम खिलाड़ियों में एक समानता देखी गई है. और वह रही तमाम खिलाड़ियों को गुलाबी रंग के जूतों में खेलना.
Have you noticed the bright pink cleats taking over the 2026 World Cup?
— The Athletic (@TheAthletic) June 15, 2026
From Nike to Adidas, every major brand is pushing the trend.
The Daily Cup crew explains the surprising science and psychology behind these eye-catching football boots on @amazonfiretv. pic.twitter.com/wOv7Yj82hL
ज्यादातर फुटबॉलरों के पैरों में पिंक शूज!
वास्तव में गुलाबी रंग के जूते पहनने वाले खिलाड़ियों की संख्या बहुत ही ज्यादा है. अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में हो रहे इस विश्व कप में इंद्रधनुष के सभी रंगों में से फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर गुलाबी रंग ही असली सितारा है. दर्जनों खिलाड़ी गुलाबी रंग के जूते पहने हुए हैं, जो मैदान की हरी घास पर बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं, क्योंकि कई जूता कंपनियों ने प्रदर्शन के साथ-साथ इनके दिखने को ध्यान में रखते हुए इस टूर्नामेंट से पहले इन्हें तैयार किया था.
From @Cristiano to @KMbappe and @BellinghamJude, the world's biggest players are stepping onto the pitch in blazing neon pink boots.
— Hype Malaysia (@HypeMY) June 22, 2026
This @FIFAWorldCup, it's all about visibility, confidence, and main character energy. From trend forecasts to TikTok screens, these boots are… pic.twitter.com/SQBkDZZhnc
नाइकी ने बताई पसंद की वजह
नाइकी के ग्लोबल फुटवियर डायरेक्टर ओडिंगा निमाको ने कहा, 'एथलीट इस रंग को आत्मविश्वास और सबसे अलग दिखने से जोड़ते हैं, और यह बात उन पर गहरा असर डालती है.' निमाको ने 1998 के विश्व कप में नाइकी के सिल्वर, पीले और नीले रंग के जूतों का जिक्र किया. इसने खेल में जूतों को देखने का लोगों का नजरिया बदल दिया था. उससे पहले, काले और सफेद रंग ही मानक हुआ करते थे.
इस बार नाइकी, एडिडास, प्यूमा, स्केचर्स और न्यू बैलेंस, सभी कंपनियां गुलाबी रंग के जूतों के साथ सामने आईं. एम्बाप्पे और विनीसियस के पैरों में नाइकी का 'स्वूश' लोगो है. ठीक ऐसा ही पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड के पास भी है. रेयना, इंग्लैंड के जूड बेलिंगहैम और डेक्लान राइस, कनाडा के जोनाथन डेविड, स्पेन के लेमिन यमल और फ्रांस के उस्मान डेम्बेले एडिडास पहनते हैं. जब भी नेमार जूनियर ब्राजील के लिए खेलते हैं, तो उनके अमेरिकी खिलाड़ी वेस्टन मैकेनी की तरह प्यूमा के गुलाबी रंग में होने की उम्मीद की जाती है. अमेरिकी टीम के साथी टिमोथी वेह न्यू बैलेंस पहनने वालों में शामिल हैं. केन और स्वीडन के एंथनी एलंगा विश्व कप में स्केचर्स पहने हुए नजर आ रहे हैं.
Curious about the score? Yes. Curious about the pink shoes? Absolutely 👀🩷 pic.twitter.com/VWTrg0PsDC
— Google India (@GoogleIndia) June 22, 2026
जानिए कहां से मिली पिंक शूज की प्रेरणा
वहीं, स्केचर्स के टेक्निकल परफॉर्मेंस डायरेक्टर एलेक्स बार्डिनी ने कहा कि इसकी प्रेरणा दक्षिणी कैलिफोर्निया में कंपनी के मुख्यालय से मिली है. बार्डिनी ने कहा, 'इसके रंग लॉस एंजिल्स के सूर्यास्त के लुभावने दृश्यों को दर्शाते हैं. गुलाबी और बैंगनी रंग के गर्म शेड्स सफेद रंग में घुलते हुए, जिसमें नारंगी रंग की हल्की झलकियां है.'
साफ है लॉस एंजिल्स और वैंकूवर से लेकर गुआडालाजारा, ह्यूस्टन, मियामी और बोस्टन तक, विश्व कप का फैसला होने से बहुत पहले ही गुलाबी रंग एक स्पष्ट विजेता बन चुका है. जब स्वीडन ने मैक्सिको के मोंटेरे में ट्यूनीशिया के खिलाफ पांच गोल दागे, तो उनमें से तीन गोल गुलाबी जूते पहने खिलाड़ियों ने किए थे. दो यासिन अयारी ने और दूसरा 84वें मिनट में मटियास स्वानबर्ग ने. गुलाबी रंग अपने आप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर नहीं बनाता है, लेकिन जूता कंपनी के अधिकारी इसे एक मानसिक दृष्टिकोण मानते हैं. बार्डिनी ने कहा कि आराम और प्रदर्शन स्केचर्स के मूल काम का हिस्सा हैं, और निमाको ने कहा कि नाइकी चाहता है कि खिलाड़ी खुद को अधिक एरोडायनामिक (गतिशील) महसूस करें.
Pink was strategically chosen for its optimal visual impact during global broadcasts, as Nike trials revealed it stood out most effectively against the green pitch, ensuring high visibility for fans. https://t.co/dsqXJXb6Pm pic.twitter.com/lTJSjNqAf9
— Footy Headlines (@Footy_Headlines) June 17, 2026
निमाको ने कहा, 'वह अहसास समग्र होता है. हां, इसमें इंजीनियरिंग है, लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि पूरा उत्पाद कैसे एक साथ आता है. जब कोई एथलीट मर्क्यूरियल पहनता है और वह दिखने में तेज लगता है, पैरों में पूरी तरह फिट बैठता है, और उसका वजन ना के बराबर होता है, तो वह धारणा प्रदर्शन को और मजबूत करती है. सब कुछ एक साथ मिलकर काम करता है.'
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