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Brazil vs Japan: जानें कौन हैं काइशू सानो, ब्राजील को कर दिया सन्न

सोमवार को ह्यूस्टन में खेले गए मुकाबले में जापान ने 29वें मिनट में ही पांच बार के चैंपियन ब्राजील को सन्न कर दिया. और वजह बने काइशू सानो

Brazil vs Japan: जानें कौन हैं काइशू सानो, ब्राजील को कर दिया सन्न
काइशू सानो ने जापान के लिए पहला विश्व कप के लिए पहला गोल किया
Source: Social media

खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को अमेरिका के ह्यूस्ट में ह्यूस्टन स्टेडियम में अमेरिका और जापान के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के पहले हाफ में खेले के 29वें मिनट में जो नजारा देखने को मिला, उसने दुनिया के करोड़ों फैंस को सन्न कर दिया, लेकिन इस नजारे ने दुनिया भर को सबूत दे दिया कि एशिया का जापान फुटबॉल में एक धीमी गति से लेकिन बढ़ती हुई मजबूत ताकत है. इस 29वें मिनट में जापान के सानो ने ब्राजील के डिफेंस को चीरते हुए बेहतरीन गोल करते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. 

कुछ ऐसी रही 29वें मिनट की तस्वीर

मिडफील्ड में डैनिलो से गेंद छूट गई और सानो तेजी से आगे बढ़े. अपनी आधी पिच के ठीक अंदर से. मिडफील्डर ने लगभग 30 गज की दूरी तय की और उसके बाद अलीसन को कोई मौका न देते हुए गेंद को नीचे की ओर गोलपोस्ट के निचले बाएं कोने में डाल दिया. गोलची के लिए कोई मौका नहीं था. काईशु सानो के निचले बाएँ कोने में किए गए शानदार गोल की बदौलत जापान ने पांच बार की चैंपियन ब्राजील के खिलाफ बढ़त बना ली. जापानी फैंस झूम उठे, डांस करने लगे, लेकिन गोल खाने का असल ब्राजील के खिलाड़ियों और फैंस दोनों की बॉडी लैंग्वेज पर साफ-साफ दिखाई पड़ा. 

काइशू सानो के बारे में डिटेल से जानें

खेलने की शैली: सानो एक डिफेंसिव मिडफील्डर के रूप में खेलते हैं. वे अपनी जबरदस्त 'टैकलिंग' और गेंद छीनने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. और इसी कौशल का परिचय उन्होंने आज ब्राजील के खिलाफ दिया. ब्राजील के खिलाफ मिडफील्ड में गेंद छीनकर खुद ही आगे बढ़े. और 18 मीटर के पेनल्टी बॉक्स के थोड़ा बाहर से बेहतरीन किक लगाते हुए गोल में बदल दिया. काइशू मैदान पर बहुत अधिक ऊर्जा के साथ खेलते हैं, जिससे वे डिफेंस और अटैक दोनों में टीम की मदद करते हैं.

शारीरिक क्षमता और फुर्ती

काइशू सानो खेल को बहुत अच्छी तरह से पढ़ते हैं. विपक्षी टीम के अटैक को रोकने के लिए वे सही समय पर सही जगह मौजूद रहने में माहिर हैं. उनकी गति और ड्रिब्लिंग क्षमता उन्हें दबाव वाली स्थितियों में भी गेंद को सुरक्षित रखने में मदद करती है.

करियर का पड़ाव

सानो ने अपने करियर की शुरुआत जापान की घरेलू लीग (J1 League) में 'काशिमा एंटलर्स' जैसी बड़ी टीम से की थी. उनके निरंतर अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्हें जापानी राष्ट्रीय टीम (समुराई ब्लू) में नियमित स्थान मिला.

यूरोपीय फुटबॉल में कदम

हालिया वर्षों में उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए, उन्हें यूरोप के बड़े क्लबों से काफी सराहना मिली है. वे अब आधुनिक फुटबॉल की जरूरतों के अनुसार 'प्रेसिंग' फुटबॉल खेलने में माहिर हैं.

जापान के लिए महत्व

फीफा विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में सानो का रोल बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि वे मिडफील्ड में स्थिरता प्रदान करते हैं. ब्राजील के खिलाफ मैच में उनके द्वारा किया गया गोल उनकी 'मैच विनिंग' क्षमता को दर्शाता है, जहां उन्होंने दबाव के बावजूद ठंडे दिमाग से फिनिशिंग की.

एक उभरता सितारा

अपने 26वें साल में चल रहे काइशू सानो को जापान की भविष्य की उम्मीदों में से एक माना जा रहा है. उनकी उम्र और खेल के प्रति समझ को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि वे आने वाले समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में से एक बन सकते हैं.

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Japan, Brazil, 2026 FIFA World Cup, Brazil Vs Japan 06/29/2026 102375, Football
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