Tadi Drink: गर्मी बढ़ते ही लोग शरीर को ठंडक देने वाली ड्रिंक्स की तलाश करने लगते हैं. कोई नींबू पानी पीता है तो कोई बेल या आम पना. लेकिन उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के ताड़ी गांव में आज भी एक खास पारंपरिक ड्रिंक लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. यहां गर्मियों में ताड़ और खजूर के पेड़ों से निकलने वाला रस खूब पिया जाता है, जिसे स्थानीय लोग ताड़ी कहते हैं. गांव के लोग इसे नेचुरल एनर्जी ड्रिंक मानते हैं क्योंकि तेज धूप और गर्म मौसम में यह शरीर को तरोताजा महसूस कराने में मदद करती है. खास बात यह है कि यह ड्रिंक स्वादिष्ट होने के साथ-साथ काफी सस्ती भी है.
कैसे तैयार होती है ताड़ी?
ताड़ी बनाने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प मानी जाती है. ताड़ या खजूर के पेड़ पर चढ़कर उसके ऊपरी हिस्से से रस निकाला जाता है. इस रस को मिट्टी या बर्तन में इकट्ठा किया जाता है. सुबह-सुबह निकला ताजा रस हल्का मीठा और ठंडक देने वाला माना जाता है. गांवों में कई लोग इसे सूर्योदय के समय पीना पसंद करते हैं.

स्वाद ऐसा कि बार-बार पीने का मन करे
ताजी ताड़ी का स्वाद हल्का मीठा और बेहद रिफ्रेशिंग होता है. कई लोग इसके स्वाद की तुलना नारियल पानी से भी करते हैं. जैसे-जैसे समय बीतता है, इसका स्वाद थोड़ा बदलने लगता है. यही वजह है कि लोग इसे ताजा पीना ज्यादा पसंद करते हैं.
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30 से 40 रुपये लीटर में मिल जाती है ताड़ी
महंगी एनर्जी ड्रिंक्स के दौर में ताड़ी गांव में यह देसी ड्रिंक आज भी बेहद कम कीमत में मिल जाती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह करीब 30 से 40 रुपये लीटर तक बिकती है. यही कारण है कि गांव और आसपास के इलाकों में इसकी अच्छी मांग रहती है.
स्थानीय लोग मानते हैं कि ताड़ी शरीर को ठंडक पहुंचाने और थकान कम करने में मदद कर सकती है. खेतों में काम करने वाले लोग भी गर्मियों में इसे पीना पसंद करते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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