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दिल्ली से जयपुर सिर्फ 3 घंटे में, मानेसर से धारूहेड़ा के बीच 5 बड़े फ्लाईओवर बनेंगे, हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी

एनएचएआई के मुताबिक,  बिलासपुर फ्लाईओवर अक्टूबर 2026 तक पूरा हो सकता है. वहीं मानेसर एलिवेटेड कारिडोर को 31 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

दिल्ली से जयपुर सिर्फ 3 घंटे में, मानेसर से धारूहेड़ा के बीच 5 बड़े फ्लाईओवर बनेंगे, हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी
दिल्ली से जयपुर के बीच बन रहे हैं पांच नए फ्लाईओवर.
  • राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर मानेसर से धारूहेड़ा के बीच पांच बड़े फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं
  • नए फ्लाईओवर बनने से दिल्ली से जयपुर के बीच यात्रा का समय तीन घंटे में पूरा हो सकेगा
  • यह परियोजना अगस्त 2025 में शुरू हुई थी और इसका बजट करीब 282 करोड़ रुपये रखा गया है

दिल्ली से जयपुर के बीच सफर करने वालों के लिए खुशी की खबर है. जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर लंबे समय से ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने वाली है. एनएचएआई मानेसर से धारूहेड़ा के बीच 5 बड़े फ्लाईओवर बनाने जा रहा है. जिनमें चार फ्लाईओवर का काम 2027 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. नए फ्लाईओवर बनने से दिल्ली से जयपुर जाने वाले लाखों लोगों का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा.

दिल्ली से जयपुर सिर्फ 3 घंटे में

बिलासपुर, साल्हावास, धारूहेड़ा और राठीवास इलाकों में सालों से लोग भारी ट्रैफिक झेलते आए हैं.एनएचएआई के मुताबिक, इन जगहों पर फ्लाईओवर शुरू होने से बिना रुकावट वाहन स्पीड में दौड़ेंगे. खास बात यह है कि दिल्ली-जयपुर कॉरिडोर पर आवाजाही में समय भी कम लगेगा. जयपुर तक 3 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.

282 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा हाई-स्पीड कॉरिडोर 

मानेसर से धारूहेड़ा के बीच नए फ्लाईओवर बनाए जाने का काम अगस्त 2025 में शुरू हुआ था. इस परियोजना पर करीब 282 करोड़ रुपये का खर्च किया जा रहा है. 800 से 900 मीटर लंबे फ्लाईओवरों का निर्माण किया जा रहा है. हर फ्लाईओवर में दोनों तरफ तीन-तीन लेन बनाई जा रही हैं. जिन पर भारी ट्रकों से लेकर निजी वाहन तक स्पीड में दौड़ सकेंगे.  NHAI के मुताबिक, सबसे पहले राठीवास फ्लाईओवर बनकर तैयार होगा. फिर बिलासपुर फ्लाईओवर बनकर तैयार होगा.

 बिलासपुर फ्लाईओवर तैयार होने वाला है

एनएचएआई के मुताबिक,  बिलासपुर फ्लाईओवर अक्टूबर 2026 तक पूरा हो सकता है. वहीं मानेसर एलिवेटेड कारिडोर को 31 मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जबकि इसकी हालांकि इसकी कॉन्ट्रैक्टेड डेड लाइन 21  21 सितंबर 2027 है. इन चारों परियोजनाओं के शुरू होते ही हाईवे पर ट्रैफिक की परेशानी से निजात मिल जाएगी. 

मानेसर फ्लाईओवर सबसे बड़ी चुनौती

मानेसर फ्लाईओवर को इस परियोजना का सबसे बड़ा हिस्सा माना जा रहा है. 31 मई 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. कोशिश यही है कि निर्माण कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया जाए. फ्लाईओवर के काम की वजह से फिलहाल मानेसर और बिलासपुर में पीक आवर्स में लंबा जाम लग जाता है. हालांकि हालात को कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग तैयार किए हैं. जाम और सुरक्षा व्यवस्था के सावालों पर एनएचएआईने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बिलासपुर, कापड़ीवास और मानेसर में ट्रैफिक संचालन और सुरक्षा के लिए आइआरसी के सभी निर्धारित मानकों का पालन हो रहा है. 

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