Van Tulsi Kadha: तुलसी को भारतीय संस्कृति में पवित्र पौधा माना जाता है, जो न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक खजाना है. घर के आंगन या बाग-बगीचों में लगी तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर होती है. तुलसी के एक किस्म का नाम वन तुलसी है, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. वन तुलसी, जिसे जंगली तुलसी भी कहते हैं, हिमालयी क्षेत्र में पाई जाती है और अपने विशेष औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है.
अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, शोधकर्ताओं ने कई अध्ययनों का विश्लेषण किया और इनमें पाया गया कि तुलसी का सेवन डायबिटीज, हृदय रोग, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी अध्ययन में तुलसी के सेवन से गंभीर नुकसान नहीं देखा गया.
कैसे करें वन तुलसी का सेवन- (How To Consume Van Tulsi)
वन तुलसी का काढ़ा या चाय पीने से सर्दी-खांसी और सांस की दिक्कत दूर हो सकती हैं. वैज्ञानिक अध्ययन भी इसके लाभों की पुष्टि करते हैं.
सामग्री-
- पानी
- वन तुलसी के पत्ते
- अदरक का रस
- शहद (वैकल्पिक)
विधि-
इस काढ़े को बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी को गरम करें. इसमें वन तुलसी के पत्ते और अदरक का रस मिलाएं. कुछ मिनट तक उबालें. गैस बंद करें और इसे कुछ मिनट तक ढककर रखें. इसे छान लें और गरमा गरम पिएं. अगर आप चाहते हैं कि काढ़ा मीठा हो, तो इसमें शहद मिलाएं और सेवन करें.
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वन तुलसी के फायदे- (Van Tulsi Ke Fayde)
खासकर वन तुलसी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है. औषधीय गुणों से भरपूर वन तुलसी को आयुर्वेद में खासा स्थान प्राप्त है और इसका उपयोग टॉनिक के रूप में किया जाता है, जो शरीर की एनर्जी और जीवन शक्ति बढ़ाने में कारगर है.
वन तुलसी की सुगंध भी तेज होती है, जो प्राकृतिक रूप से मच्छर भगाने का भी काम करती है और हवा को शुद्ध रखती है. वन तुलसी के सेवन से कई फायदे मिलते हैं. यह श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती है, बलगम निकालने में मदद करती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, खांसी जैसी सांस की समस्याओं में राहत देती है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जिससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. तनाव कम कर मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में कारगर है. यह दिल को स्वस्थ रखने और सूजन कम करने में सहायक है. आयुर्वेदिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल करने से थकान दूर होती है और एनर्जी मिलती है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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