- बस्ती जिले के बनकटी विकासखंड में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने की अफवाह के कारण भारी भीड़ जमा हो गई थी
- स्थानीय लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलने से उपभोक्ताओं में डर और घबराहट बढ़ गई थी
- गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ता सुबह चार बजे से सिलेंडर लेकर कतार में लग गए और शटर उठते ही अफरा-तफरी मच गई
कहते हैं अफवाहों के पंख होते हैं, और जब यह अफवाह आम आदमी की जेब से जुड़ी हो, तो वह 'हवाई रफ्तार' पकड़ लेती है. कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार की सुबह बस्ती जिले के बनकटी विकासखंड में देखने को मिला. महादेवा चौराहे पर स्थित महागौरी गैस एजेंसी के बाहर का मंजर किसी मैराथन की याद दिला रहा था, जहां लोग मेडल जीतने के लिए नहीं, बल्कि एक अदद गैस सिलेंडर पाने के लिए भाग रहे थे.
पूरे देश में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, इसी अफवाह को लेकर बस्ती के कई इलाकों में भी रात से यह चर्चा जोरों पर थी कि घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी होने वाली है. इस एक अफवाह ने गृहणियों और आम जनता की नींद उड़ा दी. मंगलवार सुबह जब सूरज की पहली किरण भी ठीक से नहीं निकली थी, तभी यानी सुबह 4:00 बजे से ही उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी के गेट पर जमा होने लगे.
जैसे ही सुबह के 7:00 बजे और गैस एजेंसी के कर्मचारियों ने शटर उठाया, वैसे ही अनुशासन और कतार की धज्जियां उड़ गईं. लोग एक-दूसरे को धकेलते हुए अंदर की ओर दौड़ पड़े. वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लोग भारी-भरकम सिलेंडर को अपने सिर और कंधों पर रखकर तेजी से भाग रहे हैं. एजेंसी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल है. बुजुर्ग से लेकर युवा तक, हर कोई बस अपना नंबर पहले लगाने की होड़ में लगा है.
मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कीमतों में वृद्धि की झूठी खबर फैलाई गई थी. लोगों को डर था कि अगर आज सिलेंडर नहीं लिया, तो उन्हें कल इसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. हालांकि, आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं हुई है.
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ इसे महंगाई का डर बता रहे हैं, तो कुछ लोग भीड़ तंत्र की इस जल्दबाजी को जोखिम भरा मान रहे हैं क्योंकि सिलेंडर के साथ इस तरह भागना किसी बड़ी दुर्घटना को भी दावत दे सकता था.
गौरतलब है कि जिले में रसोई गैस का संकट तेजी से बढ़ गया है, हालांकि प्रशासन किसी भी कमी से इनकार कर रहा है, मगर आमजन के गले के नीचे यह बात नहीं उतर रही है. एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिसके चलते लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
जिले में रसोई गैस की कुल 40 एजेंसियां हैं, जिन पर 5,83,379 उपभोक्ता हैं. पिछले कई सालों से इन एजेंसियों पर कभी भी गैस की कोई किल्लत नजर नहीं आई. इधर, तकरीबन 10 दिनों से जिले में यह अफवाह फैल गई कि गैस का संकट खड़ा होने वाला है. इससे आम आदमी परेशान हो गया. हालांकि जिले के कई मोहल्लों में पाइपलाइन की गैस आपूर्ति है, मगर गैस की किल्लत की अफवाहें सभी को असहज कर रही हैं.
इसके चलते लोग घर में मौजूद सिलेंडरों को भरने के लिए एजेंसियों की तरफ दौड़ पड़े हैं, नतीजतन भीड़ बढ़ गई है. दूसरी ओर, गैस कंपनियों ने एक नया नियम भी लागू किया है, जिसमें उपभोक्ता को मोबाइल नंबर की केवाईसी करानी होगी. उसी के आधार पर एजेंसी द्वारा ओटीपी भेजा जाएगा. ओटीपी बताने पर ही गैस की आपूर्ति होगी. 25 दिन पर ही दूसरी बुकिंग संभव होगी. इस नियम ने भी उपभोक्ताओं को असहज कर दिया क्योंकि अफवाह फैल गई कि कभी भी गैस का संकट खड़ा हो सकता है.
जिला पूर्ति अधिकारी विमल कुमार शुक्ला ने बताया कि जिले में गैस का कोई संकट नहीं है. उपभोक्ताओं में अफवाह गलत ढंग से फैली है. सामान्य रूप से लोग अब भी गैस प्राप्त कर सकते हैं जैसे पहले लेते थे. परेशान होने की जरूरत नहीं है. सामान्य सप्लाई भी जारी है और कहीं भी एजेंसी पर गैस की कोई कमी नहीं है.
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