Mulberries Eating Benefits: गर्मी का सीजन आते ही बाजार में कई ऐसे फल उपलब्ध होते हैं, जिनका सेवन न केवल मन को तृप्त कर देता है बल्कि स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाता है. ‘शहतूत' एक ऐसा ही रसीला और स्वादिष्ट फल है, जो गर्मियों में आसानी से मिल जाता है. प्राचीन काल से ही ‘शहतूत' का आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्साओं में इस्तेमाल किया जा रहा है. यह विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो पाचन में सुधार, रक्तचाप नियंत्रण, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखता है. आइए, जानते हैं ‘शहतूत' से जुड़े अन्य फायदों के बारे में.
दरअसल, शहतूत का वानस्पतिक नाम मोरस अल्बा है. इसका वृक्ष छोटे से लेकर मध्यम आकार तक का होता है, जो तेजी के साथ बढ़ता है. इसकी खेती उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब समेत कई अन्य राज्यों में की जाती है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
इन 3 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए मखाना, हो सकते हैं गंभीर नुकसान
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित (जुलाई, 2023) रिपोर्ट के मुताबिक, शहतूत के पत्तों को रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और मधुमेह संबंधित परेशानियों को कम करने में मदद करता है. शहतूत के फलों में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो विभिन्न बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं. हाल के शोध बताते हैं कि काले शहतूत में लाल या सफेद शहतूत की तुलना में ज्यादा फ्लेवोनोइड्स, एंथोसायनिन और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. इसमें फेनोलिक एसिड, फ्लेवोनोल्स और एंथोसायनिन जैसे नैचुरल कंपाउंड्स उच्च मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाने में सहायक हैं.
शहतूत का सेवन करने के फायदे ( Benefits of Eating Shahtoot)
शहतूत का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, जो कब्ज, सूजन और पेट में ऐंठन जैसी दिक्कतों से राहत दिलाता है. इसके अलावा, वजन को घटाने में भी काफी प्रभावी माना गया है.
इतना ही नहीं, शहतूत का सेवन कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने में भी उपयोगी माना गया है. बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या को कम करता है, साथ ही, शहतूत की चाय और उसकी पत्ती का अर्क भी लाभकारी माना गया है.
इसके अलावा, इम्यूनिटी बूस्ट करने में भी कारगर माना गया है. बताया जाता है कि शहतूत में विटामिन सी होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लाभदायक है. साथ ही, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी शहतूत का सेवन किसी रामबाण से कम नहीं है.
इसके साथ ही, विटामिन सी और एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाने की वजह से यह चेहरे से झुर्रियों और फाइन लाइंस को कम करता है.
History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं