सितंबर और अक्टूबर में मौसम तेजी से बदलता है. ऐसे समय में कई लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि बाजरा खाना शुरू करें या नहीं. आयुर्वेद में बाजरे की तासीर को लेकर अलग राय दी जाती है, वहीं न्यूट्रिशन एक्सपर्ट इसे पोषक तत्वों से भरपूर अनाज मानते हैं. जानिए बदलते मौसम में बाजरा खाने के फायदे, सावधानियां और किन लोगों को इसे डाइट में शामिल करना चाहिए.
सितंबर में बाजरा खाएं?
सर्दियों में बाजरे की रोटी और खिचड़ी किसे पसंद नहीं? फाइबर और पोषण से भरपूर बाजरा ठंड में तो अमृत जैसा लगता है, लेकिन सितंबर की उमस में इसे ज्यादा मात्रा में खाना भारी पड़ सकता है. आयुर्वेद के मुताबिक बाजरे की तासीर गर्म और रूखी होती है. अगर इस मौसम में आपको पेट में भारीपन या पाचन से जुड़ी दिक्कत लग रही है, तो बाजरे से थोड़ी दूरी बना लेना ही समझदारी है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं कि सितंबर में बाजरा पूरी तरह मना है, ये पूरी तरह आपके हाजमे पर निर्भर करता है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार सितंबर-अक्टूबर में बाजरा खाया जा सकता है, लेकिन मात्रा, मौसम और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है.
किन लोगों को बाजरा खाना चाहिए?
- 40+ उम्र के लोग
- डायबिटीज मरीज
- वजन कम करने वाले
- हाई फाइबर डाइट लेने वाले
- लंबे समय तक पेट भरा रखना चाहने वाले
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
- थायरॉइड मरीज
- छोटे बच्चे
- पाचन संबंधी समस्या वाले
- पहली बार बाजरा खाने वाले
सितंबर-अक्टूबर में क्या खाएं?
- बाजरा
- ज्वार
- शकरकंद
- अमरूद
- सिंघाड़ा
- मौसमी फल
बाजरा की तासीर कैसे होती है?
बाजरा की तासीर गर्म होती है और यह फाइबर से भरा होता है. अगर आप ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करते हैं, तो यह पेट में गर्मी और भारीपन कर सकता है, जिससे नींद खराब हो सकती है.
मौसम बदलते समय बाजरा खाने के 5 फायदे
- पेट लंबे समय तक भरा रह सकता है
- ऊर्जा बनाए रखने में मदद
- फाइबर की अच्छी मात्रा
- पारंपरिक भारतीय सुपरफूड
- मौसम के बदलाव में संतुलित आहार का हिस्सा
बाजरे को डाइट में कैसे शामिल करें?
देसी बाजरा खिचड़ी: चावल की जगह ज्वार या कोदो को 6 घंटे भिगोकर रख दें, फिर दाल और मनपसंद सब्जियों के साथ कुकर में पका लें. पेट भी भरेगा और सेहत भी बनी रहेगी.
रागी का डोसा: रागी के आटे को दही और पानी में घोलकर रात भर के लिए छोड़ दें. सुबह इससे कुरकुरा डोसा या चीला बना लें. बच्चों को भी खूब पसंद आएगा और कैल्शियम की कमी भी पूरी होगी.
मिलेट पोहा: कंगनी या सांवा को 20 मिनट भिगोकर उबाल लें. फिर प्याज, करी पत्ता और हल्दी के साथ पोहे जैसा तड़का लगा दें. सुबह-सुबह के लिए झटपट और हेल्दी नाश्ता तैयार.
बाजरा क्यों खास है?
- फाइबर से भरपूर
- लंबे समय तक पेट भरा रख सकता है
- ग्लूटेन-फ्री
- मिनरल्स का स्रोत
- पारंपरिक भारतीय अनाज
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