पुरी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले जगन्नाथ मंदिर और वहां मिलने वाला महाप्रसाद आता है. सच भी है, इस पवित्र प्रसाद का स्वाद और उससे जुड़ी आस्था का कोई मुकाबला नहीं. लेकिन अगर आप सोचते हैं कि पुरी की खाने-पीने की दुनिया सिर्फ महाप्रसाद तक सीमित है, तो शायद आप इस शहर के एक बड़े खजाने से अभी तक अनजान हैं.
समुद्र किनारे बसा यह शहर अपने सादगी भरे लेकिन बेहद यादगार स्वादों के लिए भी जाना जाता है. यहां के कुछ व्यंजन ऐसे हैं जिन्हें स्थानीय लोग अपनी पहचान मानते हैं. यही वजह है कि कई यात्री दर्शन के बाद सीधे उन दुकानों और छोटे-छोटे भोजनालयों की ओर निकल पड़ते हैं, जहां पुरी का असली स्वाद उनका इंतजार कर रहा होता है.
उड़ीसा के पुरी की रहने वाली आराधना ने NDTV से बात करते हुए बताया कि वो पुरी में रहती हैं. उनके दोस्त या जान-पहचान वाले जब इस यात्रा के लिए आते हैं तो वो वहां के लोकल फूड्स के बारे में पूछते हैं. फिर हमनें भी आराधना से पूछ ही लिया कि हमें भी उन लोकल फूड्स के बारे में बता दें ताकि हम भी लोगों को बता सकें कि वहां पर जाकर आपको कौन से फूड आइटम्स आपको जरूर ट्राई करने चाहिए.
दालमा (Dalma)

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अगर किसी एक डिश को ओडिशा के घरों की पहचान कहा जाए, तो वह दालमा है. इसमें दाल और कई तरह की सब्जियां मिलाकर ऐसा स्वाद तैयार किया जाता है जो हल्का होने के बावजूद लंबे समय तक याद रहता है. माना जाता है कि इसका रिश्ता जगन्नाथ मंदिर की रसोई से भी जुड़ा है. चावल के साथ परोसी जाने वाली दालमा को पुरी आने वाले यात्रियों की "मस्ट ट्राय" लिस्ट में सबसे ऊपर रखा जाता है.
छेना पोड़ा (Chhena Poda)

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पहली नजर में यह साधारण मिठाई लग सकती है, लेकिन एक बार स्वाद लेने के बाद इसकी चर्चा अक्सर घर लौटने तक चलती रहती है. छेना और चीनी से बनने वाली यह मशहूर मिठाई धीमी आंच पर बेक की जाती है. इसी वजह से इसकी ऊपरी परत में हल्का कैरामेल जैसा स्वाद आ जाता है, जो इसे बाकी मिठाइयों से अलग बनाता है. इसीलिए कई लोग इसे ओडिशा का चीजकेक भी कहते हैं.
खाजा (Khaja)
खाजा का नाम आते ही पुरी की याद अपने आप ताजा हो जाती है. परतदार और कुरकुरी मिठास वाला यह व्यंजन जगन्नाथ मंदिर की परंपराओं से भी जुड़ा माना जाता है. कई यात्री इसे अपने साथ घर ले जाना नहीं भूलते. स्थानीय दुकानों में इसकी मांग सालभर बनी रहती है.
माछा बेसरा और सी-फूड का स्वाद (Machha Besara and Taste of Seafood)
पुरी समुद्र के किनारे बसा शहर है, इसलिए यहां के सीफूड का जिक्र किए बिना खाने की बात अधूरी मानी जाती है. अगर आप मछली खाना पसंद करते हैं, तो माछा बेसरा जरूर चखिए. सरसों की ग्रेवी में पकाई जाने वाली यह पारंपरिक ओड़िया फिश डिश अपने तीखे और अलग स्वाद के लिए जानी जाती है. चावल के साथ परोसी जाने वाली यह डिश स्थानीय लोगों के बीच काफी फेमस है.
पखाला भात (Pakhala Bhata)
पुरी और ओडिशा की खाने-पीने की परंपरा का जिक्र पखाला भात के बिना अधूरा माना जाता है. पके हुए चावल को पानी में भिगोकर तैयार की जाने वाली यह डिश गर्मियों में खास तौर पर खाई जाती है. हल्के खट्टे स्वाद वाला पखाला भात दही, भुनी हुई सब्जियों, आलू चोखा या मछली के साथ परोसा जाता है. स्थानीय लोगों के बीच यह सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है.
संतुला (Santula)
संतुला ओडिशा की एक पारंपरिक सब्जी डिश है, जिसे आलू, कच्चा पपीता, बैंगन, लौकी और दूसरी मौसमी सब्जियों को उबालकर या हल्का पकाकर तैयार किया जाता है. इसमें मसालों का इस्तेमाल बहुत कम होता है, इसलिए सब्जियों का प्राकृतिक स्वाद उभरकर सामने आता है. हल्का और पौष्टिक माना जाने वाला संतुला ओडिशा के घरों में रोजमर्रा के खाने का अहम हिस्सा है.
पुरी की यात्रा आस्था, इतिहास और समुद्र की खूबसूरती का संगम जरूर है, लेकिन यहां का खाना भी इस अनुभव का उतना ही अहम हिस्सा है. महाप्रसाद का स्वाद तो हर श्रद्धालु जरूर लेता है, मगर दालमा, छेना पोड़ा, खाजा, संतुला और सीफूड जैसी डिशेज चखने के बाद ही कई लोगों को लगता है कि उनकी पुरी यात्रा सच में पूरी हुई है.
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