विज्ञापन

रे-बैन का सबसे सस्ता चश्मा कितने का है? इतिहास के साथ-साथ नाम पड़ने के पीछे भी है दिलचस्प कहानी

रे-बैन कभी इटली का ब्रांड हुआ करता था लेकिन 1999 में इसे अमेरिकी कंपनी ने खरीद लिया. आज रे-बैन चश्मों की दुनिया का शहंशाह है.

रे-बैन का सबसे सस्ता चश्मा कितने का है? इतिहास के साथ-साथ नाम पड़ने के पीछे भी है दिलचस्प कहानी
रे-बैन की शुरुआत 1936 में हुई थी.
AFP

Ray-Ban Sun Glasses: इंटैलियन ब्रांड रे-बैन के चश्मे जितने खास हैं, उतना ही दिलचस्प इसका इतिहास भी है. 1930 के दशक में जब फाइटर पायलटों को आंखों में जलन और सिरदर्द की समस्या आई, तो एक खास चश्मा बनाया गया. रे-बैन पहले अमेरिकी कंपनी थी लेकिन 1990 के दशक में इसे इटली की एक कंपनी ने खरीद लिया. 

जो रे-बैन कभी फाइटर पायलटों के लिए चश्मा बनाता था, वही आज के समय में चश्मों की दुनिया का शहंशाह बन गया है. रे-बैन एक लग्जरी ब्रांड है, जिसके चश्मे काफी महंगे होते हैं और अक्सर बड़े-बड़े सेलिब्रिटी या बिजनेसमैन इसे पहनकर नजर आते हैं.

क्या कभी रे-बैन को खरीदने का सोचा है?

अगर हां तो मन में सबसे पहले यही सवाल आता होगा कि रे-बैन का चश्मा आखिर आता कितने का होगा? क्योंकि रे-बैन को लेकर एक आम धारणा यह है कि इसका चश्मा तो महंगा ही आता होगा. लेकिन असल में रे-बैन का चश्मा उतना महंगा भी नहीं आता कि एक आम आदमी इसे अफॉर्ड न कर सके. 

रे-बैन की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, इसके सबसे सस्ते चश्मे की कीमत 4,690 रुपये है. हालांकि, यह चश्मा बच्चों के लिए है. वहीं, पुरुषों के लिए इसका सबसे सस्ता चश्मा 6,490 रुपये का है. अगर आप एविएटर लेना चाहते हैं तो इसके लिए कम से कम 9,490 रुपये खर्च करने होंगे.

Latest and Breaking News on NDTV

रे-बैन की पहचान उसका एविएटर है. इसके एविएटर मेटल II की कीमत 13,590 रुपये है. वहीं, एविएटर टाइटेनियम पोलर की कीमत 34,090 रुपये है. इसका सबसे महंगा चश्मा 45,700 रुपये का है. 

यह भी पढ़ेंः रोलेक्स की सबसे सस्ती घड़ी कितने की आती है? कहानी उस कंपनी की, जो डेढ़ करोड़ तक की वॉच बनाती है

रे-बैन नाम कैसे पड़ा?

रे-बैन एक इटैलियन ब्रांड है, जिसे 1936 में अमेरिकी कंपनी बॉश एंड लॉम्ब ने बनाया था. इसका इतिहास बड़ा दिलचस्प है. 

दरअसल, 1930 के दशक में जैसे-जैसे अमेरिकी सेना के जहाज हवा में ज्यादा ऊंचाई तक उड़ने लगे तो पायलटों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. इतनी ऊंचाई पर सूरज की तेज रोशनी और नीले आसमान की चमक के कारण पायलटों की आंखों में तेज जलन, सिरदर्द और चक्कर आने लगे.

इसे देखते हुए यूएस आर्मी एयर कॉर्प्स के कर्नल जॉन मैकक्रेडी ने न्यूयॉर्क की एक मशहूर मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनी 'बॉश एंड लॉम्ब' से संपर्क किया. उन्होंने एक ऐसा चश्मा बनाने को कहा जो आसमान की इस तेज चमक (glare) को रोक सके.

बॉश एंड लॉम्ब ने 1936 में एक प्रोटोटाइप चश्मा तैयार किया, जिसमें हरे रंग के खास लेंस (Anti-Glare Lenses) लगाए गए थे. यह सूरज की किरणों को बैन (Ban) यानी रोकता था, इसीलिए इसका नाम पड़ा- Ray-Ban.

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप.

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप.
Photo Credit: AFP

इटली से अमेरिकी ब्रांड बना रे-बैन

1952 में रे-बैन ने एक और धमाका किया. उन्होंने मेटल छोड़कर सख्त प्लास्टिक फ्रेम वाला 'वेफेयरर' मॉडल लॉन्च किया. हॉलीवुड स्टार और बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज ने इसे पहनकर इसे पूरी दुनिया में एक कल्ट फैशन सिंबल बना दिया.

लेकिन 1990 के दशक तक आते-आते नए ब्रांड्स की टक्कर के कारण रे-बैन की बिक्री में गिरावट आई. तब 1999 में, इटली की दिग्गज आईवियर कंपनी लक्सोटिका (Luxottica Group) ने केवल 64 करोड़ डॉलर में रे-बैन को खरीद लिया. 

Latest and Breaking News on NDTV

आज के समय में रे-बैन सिर्फ सनग्लास और आईग्लास ही नहीं बनाता, बल्कि AI ग्लास भी बनाता है. पिछले साल ही रे-बैन ने मेटा के साथ पार्टनरशिप में Ray-Ban Meta Smart Glasses लॉन्च किए हैं, जिसमें कैमरे, स्पीकर और एआई फीचर्स लगे हैं, जिससे आप सीधे चश्मे से कॉल कर सकते हैं, गाने सुन सकते हैं और वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. इसकी कीमत 45,700 रुपये है.

यह भी पढ़ेंः 17 दिन की कमाई के बराबर एक टिकट की कीमत, भारत में फ्लाइट से सफर करना कितना महंगा है?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ray Ban, RAy Ban Glass, Ray Ban AI Glasses, Ray Ban Meta Glass, Ray Ban Meta Smart Glasses Price
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com