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क्या पानी भी होता है एक्सपायर? जानिए क्यों बोतलों में लिखी होती है Expiery Date

Kya Paani Expire Hota Hai: पानी हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का बेहद जरूरी हिस्सा है, लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या पानी की भी एक्सपायरी होती है.

क्या पानी भी होता है एक्सपायर? जानिए क्यों बोतलों में लिखी होती है Expiery Date
Pani Bhi Expire Hota Hai: क्या पानी की भी एक्सपायरी होती है?

Kya Paani Expire Hota Hai: पानी हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का बेहद जरूरी हिस्सा है, लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि क्या पानी की भी एक्सपायरी होती है. सादा पानी खुद खराब नहीं होता, लेकिन जिस कंटेनर में उसे रखा जाता है और जिस तरह से स्टोर किया जाता है, वो उसकी सेफ्टी में अहम भूमिका निभाता है. पानी की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले कारणों को समझना जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके.

बोतलबंद पानी पर एक्सपायरी डेट क्यों होती है?

बाजार में मिलने वाले बोतलबंद पानी पर आमतौर पर एक्सपायरी डेट लिखी होती है, जो पैकिंग की तारीख से करीब दो साल तक की होती है. एक्सपर्ट के अनुसार, ये प्रथा अमेरिका में 1980 के दशक में शुरू हुई और धीरे-धीरे इंडस्ट्री का स्टैंडर्ड बन गई, हालांकि फिलहाल कोई ऐसा फेडरल कानून नहीं है जो बोतलबंद पानी पर एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य बनाता हो.

यह तारीख पानी के खराब होने की वजह से नहीं होती, बल्कि प्लास्टिक बोतलों से समय के साथ केमिकल्स के पानी में मिलने की आशंका को दिखाती है. प्लास्टिक से एंटिमनी और बिस्फेनॉल ए (BPA) जैसे तत्व धीरे-धीरे पानी में घुल सकते हैं, खासकर जब बोतल गर्मी में रखी जाए. लंबे समय तक ऐसे पानी का सेवन आंतों की सेहत, इम्यून सिस्टम और हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकता है.

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री-यूजेबल बोतलें कैसे बन सकती हैं खतरे की वजह?

भले ही पानी खुद एक्सपायर न हो, लेकिन एक बार बोतल खुलने के बाद उसमें बैक्टीरिया और फंगस बहुत जल्दी पनप सकते हैं. साल 2024 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि बोतलबंद पानी के सैंपल्स में बायोफिल्म बनाने वाले बैक्टीरिया मौजूद थे, जिनमें से कुछ मल्टी-ड्रग रेसिस्टेंट भी थे.

हर बार जब हम बोतल से पानी पीते हैं, तो हमारे मुंह के कीटाणु बोतल के अंदर चले जाते हैं. ये बोतल की दीवारों से चिपक जाते हैं और तेजी से बढ़ने लगते हैं. री-यूजेबल प्लास्टिक बोतलों में कुछ ही दिनों में बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं, जिससे पेट खराब होना, दस्त और दूसरे इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. फंगस की वजह से बदबू भी आ सकती है और कुछ लोगों में एलर्जी की समस्या हो सकती है.

सुरक्षित पानी पीने के लिए जरूरी सावधानियां

पुराने पानी से जुड़े जोखिम कम करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

• री-यूजेबल बोतलों को रोजाना गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं और हर कोने को साफ करें. हफ्ते में एक बार सिरका या बेकिंग सोडा से धोना बैक्टीरिया को कंट्रोल करने में मदद करता है.

• स्टेनलेस स्टील या कांच की बोतलों का इस्तेमाल करें, इनमें बैक्टीरिया कम पनपते हैं और केमिकल्स भी नहीं घुलते.

• पानी को गर्मी, धूप और घरेलू केमिकल्स से दूर रखें. बोतल को कार में छोड़ने से बचें.

• अगर बोतल घिस गई हो या उस पर खरोंच आ गई हो, तो उसे बदल दें, क्योंकि ऐसी बोतलों में बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं.

• अगर पानी से खट्टी गंध आए, वह चिपचिपा लगे, उसमें फंगस दिखे या बोतल खुलने के बाद दो–तीन दिन से ज्यादा समय हो गया हो, तो तुरंत उसे फेंक दें.

पानी खुद एक्सपायर नहीं होता, लेकिन उसे कैसे और किस कंटेनर में रखा गया है, यह उसकी सुरक्षा तय करता है. सुरक्षित हाइड्रेशन के लिए हमेशा ताजा पानी पिएं, बोतलों को नियमित रूप से साफ करें और लंबे समय तक रखा हुआ पानी पीने से बचें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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