
Diabetes Early Symptoms: आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बीमारी की जिसकी चपेट में आने के बाद इसको ठीक करना नामुमकिन होता है. बस आप इसे कंट्रोल कर सकते हैं और इसे बढ़ने से रोक सकते हैं. जिसके लिए आपको अपने खान-पान और लाइफस्टाइल का ख्याल रखना पड़ता है. हम बात कर रहे हैं डायबिटीज की, जो कि एक बेहद जरूरी टॉपिक है और आपके स्वास्थ्य से सीधा जुड़ा हुआ है. यह एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रही है. अगर हम खास तौर पर भारत की बात करें, तो आज के समय में लगभग 8 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. और चिंता की बात यह है कि यह संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. डॉ. सलीम जैदी ने डायबिटीज के शुरूआती लक्षणों के बारे में बताया है जिनको ध्यान में रखकर आप इससे बच सकते हैं.
डायबिटीज क्यों खतरनाक है?
हर बीमारी बुरी होती है, लेकिन डायबिटीज की एक खास बात है जो इसे और भी खतरनाक बनाती है वो हैं इसके लक्षण. डायबिटीज के लक्षण धीरे-धीरे और इतने सामान्य रूप से सामने आते हैं कि अधिकतर लोग शुरुआत में इसे पहचान ही नहीं पाते. जब तक ब्लड शुगर लेवल का पता चलता है, तब तक शरीर को अंदर से काफी नुकसान पहुंच चुका होता है. लेकिन अगर समय रहते इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसे काफी हद तक कंट्रोल में किया जा सकता है. वो है अपनी लाइफस्टाइल में सुधार और हल्की दवाओं की मदद से.
डायबिटीज के कुछ शुरुआती लक्षण ( Early Symptoms of Diabetes)
ये भी पढ़ें: सेहत के लिए फायदेमंद केला इन 5 लोगों के लिए बन सकता है मुसीबत, जानिए इसे खाने से होने वाले नुकसान
बार-बार थकान और कमजोरी
अगर आप बिना किसी भारी काम के थक जाते हैं, या दिनभर सुस्ती महसूस होती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर की सेल्स तक ग्लूकोज नहीं पहुंच रहा. डायबिटीज़ में इंसुलिन की कमी या रेजिस्टेंस के कारण ऊर्जा नहीं बन पाती, जिससे शरीर कमजोर महसूस करता है.
भूख ज़्यादा लगना
जब शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिलती, तो दिमाग लगातार खाने के लिए सिग्नल देता है. आप जितना भी खा लें, आपको जल्दी ही फिर भूख लगती है. यह एक साईकल बन जाता है, थकान, भूख, और फिर से थकान.
बार-बार पेशाब आना
जब ब्लड में शुगर ज़्यादा होती है, तो किडनी उसे बाहर निकालने की कोशिश करती है. इससे बार-बार पेशाब आता है, खासकर रात के समय.
ज्यादा प्यास लगना
बार-बार पेशाब करने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे बार-बार प्यास लगती है. ये दोनों लक्षण एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और डायबिटीज़ के क्लासिक संकेत माने जाते हैं.
मुंह और स्किन का सूखापन
शरीर में पानी की कमी होने से स्किन रूखी हो जाती है और मुंह हमेशा सूखा लगता है. होंठ फट सकते हैं, और स्किन में खुजली भी हो सकती है.
धुंधला दिखना (ब्लर विजन)
शरीर में फ्लूइड बैलेंस बिगड़ने से आंखों के लेंस पर असर पड़ता है. इससे आपको धुंधला दिखने लगता है, या आंखों में जलन भी हो सकती है.
घावों का धीरे भरना
अगर आपके चोट या कट जल्दी ठीक नहीं हो रहे हैं, तो यह भी एक संकेत हो सकता है कि आपकी बॉडी में शुगर का स्तर ज़्यादा है. डायबिटीज़ में इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे घाव ठीक होने में समय लगता है.
बार-बार स्किन इंफेक्शन या खुजली
अगर बार-बार स्किन इंफेक्शन हो रहा है, खासकर शरीर के फोल्ड्स जैसे बगल, गर्दन, जांघों के बीच या गुप्तांगों के आसपास, तो यह भी डायबिटीज़ का संकेत हो सकता है. स्किन का रंग काला या पिगमेंटेड हो सकता है.
बिना कोशिश वजन घटना
अगर आप नॉर्मल डाइट फॉलो कर रहे हैं, लेकिन फिर भी आपका वजन लगातार कम हो रहा है, तो यह चिंता की बात है. डायबिटीज़ में शरीर एनर्जी के लिए मसल्स और फैट को ब्रेकडाउन करने लगता है, जिससे वजन घटता है.
ये भी पढ़ें: बासी मुंह उठकर चबा लीजिए 3-4 बेलपत्र, इन 5 समस्याओं को रखेगा कोसे दूर
हाथ-पैर में जलन या झुनझुनी (न्यूरोपैथी)
डायबिटीज के लंबे समय तक अनियंत्रित रहने से नसों पर असर पड़ता है. अगर आपको पैरों में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो यह न्यूरोपैथी का संकेत हो सकता है.
सभी लक्षण जरूरी नहीं हैं!
याद रखिए हर व्यक्ति में ये सारे लक्षण एक साथ नहीं होते. कई बार किसी में सिर्फ एक-दो लक्षण होते हैं, और कुछ मामलों में बिल्कुल भी कोई लक्षण नहीं दिखता. इसलिए नियमित रूप से **ब्लड शुगर टेस्ट** कराना ही सबसे बेहतर तरीका है डायबिटीज़ को पकड़ने का.
कब कराएं जांच ?
अगर आपकी फैमिली हिस्ट्री में डायबिटीज है,जैसे माता-पिता, दादा-दादी को ये बीमारी रही है तो आपको और भी सतर्क रहने की जरूरत है. डॉक्टर और WHO की सलाह है कि हर 6-12 महीने में एक बार ब्लड शुगर की जांच जरूर कराएं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं