Dadi Nani Ke Nuskhe: सर्दियों का मौसम आते ही आपकी खाने की थाली में कुछ चीजें बदल जाती हैं. रोटी, सब्जी और दाल से ज्यादा इस मौसम में खाने की थाली में गरमा-गरम पराठे, पूड़ी-सब्ज़ी, कचौड़ी, मठरी और तरह-तरह के भारी पकवान रखे रहते हैं. लेकिन ये सभी फूड बहुत ही हैवी होते हैं और कई बार कुछ लोग इसको खाते हैं और इसके बाद उनको पेट फूलने, गैस, अपच और भारीपन की शिकायत होने लगती है. ऐसे में दादी-नानी के पुराने और आजमाए हुए नुस्खे आज भी उतने ही कारगर साबित होते हैं. इन्हीं में से एक है अजवाइन का पानी, जिसे आयुर्वेद में पेट के लिए संजीवनी माना गया है.
अगर किसी को भी पेट दर्द या पेट खराब होता था कि दादी-नानी अक्सर अजवाइन का पानी पीने की सलाह देती हैं. बता दें कि यं नुस्खा पीढ़ियों से चला आ रहा है और अब रिसर्च भी इसकी ताकत को मान गई है. बता दें कि अजवाइन में थायमोल (Thymol) नामक तत्व पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसके साथ ही थायमोल गैस बनने से रोकता है, अपच को दूर करता है और पेट में जमी हवा को बाहर निकालने में मदद करता है.
ठंड के मौसम में हमारा पाचन तंत्र थोड़ा सुस्त हो जाता है. ऐसे में भारी और तला-भुना खाना आसानी से नहीं पच पाता. अजवाइन का पानी पेट की अग्नि को तेज करता है, जिससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है. यही वजह है कि अजवाइन का पानी पीने के कुछ ही समय बाद पेट हल्का महसूस होने लगता है और बेचैनी दूर हो जाती है.
ये भी पढ़ें: दादी नानी के नुस्खे: पैरों की जलन से तुरंत राहत, अपनाएं दादी-नानी के आज़माए आयुर्वेदिक नुस्खे
कैसे बनाएं अजवाइन का पानी
अजवाइन का पानी बनाने की विधि बेहद ही आसान है. इसके लिए एक गिलास पानी में आधा या एक चुटकी अजवाइन डालकर उसे उबाल लें. जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तब इसे छानकर पी लें. चाहें तो इसमें एक चुटकी काला नमक भी मिला सकते हैं. अजवाइन के पानी का सेवन रात के या फिर दिन के हैवी खाना खाने के बाद करना ज्यादा असरदायी होता है. ये नुस्खा पेट फूलने पर बहुत राहत देता है.
आज के समय में जब छोटी-छोटी बातों पर हम दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं, ऐसे में दादी-नानी के ये घरेलू नुस्खे हमें प्राकृतिक और साइड-इफेक्ट फ्री समाधान देते हैं. अजवाइन का पानी न सिर्फ पेट को आराम देता है, बल्कि मन को भी सुकून देता है. सच ही कहा गया है—पुरानी सीख में ही सेहत का असली राज छुपा है.
History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं