जम्मू-कश्मीर अपनी खूबसूरत वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों के लिए पूरी दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन अगर आप यहां जा रहे हैं, तो यहां के फूड्स भी जरूर ट्राई करें. जम्मू-कश्मीर न सिर्फ अपने पर्यटन तक सीमित है, बल्कि इस केंद्र शासित प्रदेश का खानपान भी उतना ही खास और लाजवाब है. हाल ही में सोशल मीडिया के एक पॉडकास्ट में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने अपने पसंदीदा डिशेज का जिक्र किया और कहा कि अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं, तो आपकी चांदी ही चांदी है. जम्मू-कश्मीर के लोग किसी भी समय नॉन-वेज खा सकते हैं. ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर में वे नॉन-वेज शामिल करते हैं. अगर आप भी नॉनवेजिटेरियन हैं, तो यहां के नॉन-वेज जरूर ट्राई करें. इसके साथ ही उन्होंने कुछ फेमस और पसंदीदा डिशेज का भी जिक्र किया. यहां जानते हैं उन डिशेज के बारे में-
जम्मू-कश्मीर जाएं, तो जरूर ट्राई करें आलू बुखारा मीट
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे नॉनवेज के बहुत ही शौकीन हैं. खासतौर पर आलू बुखारा और मीट के साथ बनने वाली डिश आलू बुखारा मीट उन्हें बहुत ही पसंद है. कश्मीर में बनने वाली इस डिश को मटन और सूखे आलूबुखारे से तैयार किया जाता है. ये कॉम्बिनेशन कई लोगों को पसंद होता है.आलूबुखारे की हल्की खटास और मटन का मसालेदार स्वाद इस डिश को बहुत ही खास बनाता है. कश्मीरी दावतों और खास मौकों पर ये डिश अक्सर परोसी जाती है.
लहबी कबाब का है लाजवाब स्वाद
नॉनवेज खाने वालों के लिए लहबी कबाब किसी ट्रीट से कम नहीं है. मुलायम और मसालों से भरपूर ये कबाब अपनी खास टेक्चर और स्वाद के लिए जाना जाता है. लोकल मसालों से तैयार की जाने वाली इस डिश में आपको जम्मू-कश्मीर की फूड संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. अगर आप नॉनवेज खाते हैं, तो इस डिश को मिस करना आपकी बड़ी गलती हो सकती है.
राजमा चावल, देसी घी और अनारदाना चटनी
मुख्यमंत्री ने राजमा चावल का जिक्र करते हुए कहा कि जब आप हाई-वे से जम्मू जा रहे हैं, तो पीड़ा में एक जगह है. जहां राजमा चावल के साथ देसी घी और अनारदाना की चटनी परोसी जाती है. अपने ट्रैवलिंग के दौरान इस कॉम्बो को खाना बिल्कुल भी न भूलें. बता दें कि जम्मू का राजमा-चावल पूरे देश में प्रसिद्ध है. जब इसे देसी घी और अनारदाना की चटनी के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. लोकल लोगों को और पर्यटकों को ये कॉम्बिनेशन बहुत ही पसंद आता है.
डोगरी खाने का अलग ही अंदाज
डोगरा संस्कृति जम्मू क्षेत्र की पहचान है और इसका असर यहां के खानपान में भी साफ दिखाई देता है. डोगरी डिशेज में स्थानीय मसालों और पारंपरिक पकाने की टेक्नीक का इस्तेमाल किया जाता है. खट्टा मीट, अंबल और कई पारंपरिक पकवान डोगरी खाने की थाली का हिस्सा हैं. ये खाना जम्मू की सांस्कृतिक विरासत का स्वाद चखने का बेहतरीन मौका देता है.
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