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Surya Grahan के दौरान नुकीली चीजों का उपयोग करना क्यों माना जाता है अशुभ? ज्योतिर्विद से जानिए

Surya Grahan 2026 Niyam: सूर्य ग्रहण पर चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना बेहद अशुभ माना जाता है. इसी कड़ी में आज हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं. इसकी जानकारी ज्योतिर्विद और वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी ने दी है.

Surya Grahan के दौरान नुकीली चीजों का उपयोग करना क्यों माना जाता है अशुभ? ज्योतिर्विद से जानिए
सूर्य ग्रहण 2026
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Surya Grahan 2026 Kab hai: आज यानी 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं नजर आएगा, जिसके चलते सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. शास्तों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा काफी ज्यादा रहती है. इस कारण कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है. इन्हीं में से सबसे जरूरी नियम है चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करना. इसी कड़ी में आज हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं. इसकी जानकारी ज्योतिर्विद और वास्तु विशेषज्ञ राकेश चतुर्वेदी ने दी है. 

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वातावरण में ऊर्जाओं का बदलाव

ज्योतिर्विद ने बताया कि वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रहण को बहुत संवेदनशील समय माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में ऊर्जाओं का बदलाव होता है, इसलिए कई सावधानियां अपनाने की सलाह दी जाती है. इन्हीं में एक प्रमुख मान्यता यह है कि ग्रहण के समय चाकू, कैंची, सुई, ब्लेड जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इन्हें उस अवधि में अशुभ माना जाता है और इनके उपयोग से अनजाने में हानि होने की आशंका बताई जाती है.

नुकीली चीजें क्यों मानी जाती हैं अशुभ?

ज्योतिष में माना जाता है कि नुकीली चीजें 'कटाव' का प्रतीक होती हैं. जब ग्रहण के दौरान सूर्य प्रभावित होता है, तब ऊर्जा का संतुलन कमजोर माना जाता है. ऐसे समय में कटाव से जुड़े काम अशुभ समझे जाते हैं. इसी वजह से कहा जाता है कि ग्रहण काल में चाकू, कैंची या अन्य नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के कटने का प्रतीक माना जाता है.

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राहु-केतु का प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण का संबंध राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों से माना जाता है, जिनका प्रभाव भ्रम, अस्थिरता और सूक्ष्म नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है. इस कारण ग्रहण के समय वातावरण को असंतुलित माना जाता है. ऐसी स्थिति में चाकू, कैंची या अन्य नुकीली वस्तुओं का उपयोग अशुभ माना जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इससे अनजाने में अशांति, चोट या किसी तरह की दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है.

दुर्घटना की आशंका

ज्योतिर्विद के अनुसार परंपरागत ज्योतिष में ग्रहण को 'असावधानी का काल' कहा गया है. नुकीली वस्तुएं चोट, रक्तस्राव, दुर्घटना से जुड़ी होती हैं, इसलिए ग्रहण के दौरान इनके उपयोग से बचना सुरक्षा का प्रतीकात्मक नियम माना गया. 

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