Shukra Pradosh Vrat Ki Vidhi: हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान की पूजा सबसे सरल और शीघ्र ही फलदायी मानी गई है. शिव पूजा के लिए सप्ताह में सोमवार का दिन और मास में त्रयोदशी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार शिव कृपा बरसाने वाली त्रयोदशी तिथि या फिर कहें प्रदोष व्रत 12 जून 2026 को पड़ेगा. शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा. यदि आप इस पावन शुक्र प्रदोष व्रत को रखकर देवों के देव महादेव के साथ माता पार्वती और शुक्र देवता की कृपा पाना चाहते हैं तो आपको इस दिन व्रत, उपवास और पूजन करते समय कुछेक नियमों का विशेष ख्याल रखना चाहिए.
1. सूर्योदय से पहले उठकर करें स्नान और संकल्प
हिंदू मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत वाले दिन साधक को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान-ध्यान करना चाहिए. साधक को तन और मन से पवित्र होने के बाद महादेव का ध्यान करते हुए इस व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प लेना चाहिए.
2. प्रदोष व्रत वाले दिन किस रंग के कपड़े पहनें?
हिंदू मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत वाले दिन साधक को स्वच्छ एवं सफेद वस्त्र धारण करना करना जहां शुभ माना जाता है, वहीं इस दिन काले वस्त्र को धारण करने की मनाही है.

3. गंगा जल बगैर अधूरी है शिव पूजा
हिंदू मान्यता के अनुसार गंगाधर कहलाने वाले भगवान शिव की पूजा तब तक अधूरी है, जब तक आप उनका इस अमृत जल से अभिषेक नहीं करते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत रखने वाले व्यक्ति को इस दिन शिवलिंग पर दूध एवं गंगाजल से विशेष रूप से अर्पित करना चाहिए.
4. भगवान शिव को कैसे चढ़ाएं बेलपत्र?
भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र और शमीपत्र का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, लेकिन इसे चढ़ाने का भी अपना एक नियम है. बेलपत्र को हमेशा शिवलिंग पर उलटा चढ़ाया जाता है. इसी प्रकार बेल पत्र को अर्पित करने से पहले उसकी डंठल को तोड़ दिया जाता है.
5. शिव कृपा पाने के लिए जरूर चढ़ाएं ये चीजें
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव की पूजा करते समय साधक को महादेव की प्रिय चीजें जैसे दूध, गंगाजल, बेल, धतूरा, सफेद आक के पुष्प, बेलपत्र, शमीपत्र, सफेद चंदन, अक्षत, भांग, भस्म आदि अवश्य चढ़ना चाहिए.
6. शिव पूजा में भूलकर न चढ़ाएं ये चीजें
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव की पूजा में हल्दी, कुमकुम, सिंदूर और शंख का प्रयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए. इन सभी चीजों का शिव साधना में पूरी तरह से निषेध है. इसी प्रकार भगवान शिव को भूलकर भी बासी फूल और कटे-फटे बेलपत्र नहीं चढ़ाने चाहिए.

7. शिव संग जरूर करें माता पार्वती की पूजा
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव शक्ति के बगैर अधूरे माने जाते हैं. ऐसे में आपकी प्रदोष व्रत की पूजा तब तक अधूरी है, जब तक आप महादेव के संग माता पार्वती की पूजा नहीं करते हैं. प्रदोष व्रत का पूरा पुण्यफल पाने के लिए साधक को सिर्फ शिव-पार्वती ही नहीं बल्कि पूरे शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए.
8. प्रदोष व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं?
हिंदू मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत में साधक को भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. इसी प्रकार प्रदोष व्रत में नमक का सेवन भी नहीं करना चाहिए. यदि बहुत ज्यादा आवश्यक हो तो सेंधा नमक का प्रयोग कर सकते हैं.
9. प्रदोष व्रत में किस माला से जपें शिव मंत्र
हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव की पूजा में उनके मंत्रों का जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला को सबसे उत्तम माना गया है. हालांकि शिव मंत्रों के जप के लिए कभी भूलकर भी अपने गले में पहनी हुई माला का प्रयोग नहीं करना चाहिए और न ही उसे शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए.
10. कितने प्रदोष व्रत रखने चाहिए?
हिंदू मान्यता के अनुसार साधक को कम से कम 11 अथवा 26 प्रदोष व्रत रखना चाहिए. इसके बाद भी यदि सामर्थ्य हो तो किया जा सकता है, लेकिन व्रत का संकल्प पूरा होने के बाद उद्यापन अवश्य करना चाहिए.
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