भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अगले साल 15 अगस्त 2027 तक पूरा होने वाला है. इसके अलावा सरकार ने बजट में 7 नए हाईस्पीड कॉरिडोर का ऐलान किया था, जो प्राथमिकता के आधार पर देश के बड़े महानगरों के बीच सुपरफास्ट रेल नेटवर्क बनाएंगे. सरकार की योजना भविष्य में राजधानी दिल्ली से बुलेट ट्रेन के कई रूट निकालने की है. जैसा कि नमो भारत ट्रेन के लिए किया गया है. खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एनडीटीवी से खास बातचीत में देश के हाईस्पीड कॉरिडोर को लेकर सरकार का पूरा एक्शन प्लान बताया था.देश की राजधानी दिल्ली को एक बड़े रैपिड रेल की तरह बुलेट ट्रेन यानी हाई स्पीड रेल (HSR) हब के तौर पर भविष्य में विकसित करने की योजना है.नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) और रेल मंत्रालय इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर रहा है. हालांकि अभी ये प्रस्ताव बेहद प्रारंभिक चरण में हैं.
1. दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (लंबाई: 865 किमी)
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन (Delhi Varanasi High Sped Rail Corridor) सबसे अहम रूट है.यह उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ, नोएडा एयरपोर्ट, इटावा, प्रयागराज जैसे बड़े शहरों को जोड़ेगा. इस पर प्री कंस्ट्रक्शन प्रक्रिया चल रही है. यह ट्रेन दिल्ली के हजरत निजामद्दीन से शुरू होकर नोएडा (सेक्टर 146), जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट), मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही होते हुए वाराणसी (मंडुआडीह) तक जाएगी. इसकी एक लिंक लाइन की भी योजना है. अयोध्या लिंक रूट में लखनऊ से एक 135 किमी लंबी अलग लाइन निकालने का प्रस्ताव है जो सीधे राम नगरी को जोड़ेगी. अभी दिल्ली से वाराणसी (Delhi Varanasi Bullet Train) जाने में 11-12 घंटे लगते हैं, लेकिन बुलेट ट्रेन से यह सफर मात्र 3 घंटे 50 मिनट रह जाएगा.
2. दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (लंबाई: 886 किमी)
दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान के प्रमुख शहरों से जोड़ते हुए गुजरात के अहमदाबाद तक ले जाएगा. यह देश के पहले चालू होने वाले मुंबई-अहमदाबाद ट्रैक से कनेक्ट हो सकेगा. दिल्ली में संभावित द्वारका या सराय काले खां से बुलेट ट्रेन का रूट शुरू हो सकता है. फिर गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, उदयपुर, और गुजरात के हिम्मतनगर से होते हुए अहमदाबाद (साबरमती) तक ले जाने का प्रस्ताव है. दिल्ली अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट से दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 3.5 से 4 घंटे में तय होगी. अभी इसमें करीब 12 से 14 घंटे का समय लगता है.
3. दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर (लंबाई: 459 किमी अमृतसर तक)
उत्तर भारत में हाईस्पीड कनेक्टिविटी के लिए पंजाब और चंडीगढ़ को भी दिल्ली बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है. नेशनल रेल प्लान के तहत भविष्य में इसे जम्मू और कटरा (वैष्णो देवी) तक विस्तार देने का भी प्रस्ताव है. यह ट्रेन दिल्ली (द्वारका सेक्टर 21 के पास) से शुरू होकर हरियाणा के असौधा, रोहतक, जींद, कैथल से गुजरते हुए पंजाब के मोहाली-चंडीगढ़ तक जा सकती है. वहां से लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर तक जाएगी. भविष्य में इसे पठानकोट के रास्ते जम्मू तक ले जाने की योजना है.दिल्ली से अमृतसर का सफर जो अभी शताब्दी या वंदे भारत से 5-6 घंटे लेता है, बुलेट ट्रेन से घटकर 2 घंटे से भी कम रह जाएगा.
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4. दिल्ली-सिलिगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता दौरे में इस नए रूट को लेकर भी घोषणा की है.यह दिल्ली, यूपी, बिहार से बंगाल तक और फिर आगे सीधे पूर्वोत्तर (North East) के एंट्री प्वाइंट यानी पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी से जोड़ेगा. यह रूट दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और वाराणसी, बिहार के पटना से गुजरते हुए न्यू जलपाईगुड़ी-सिलिगुड़ी तक जाएगा.इस रूट से 20 घंटे का लंबा सफर महज 6 घंटे का रह जाएगा. इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और शुरुआती औपचारिकताएं पाइपलाइन में हैं.
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