विज्ञापन

सावन सोमवार व्रत 2026: भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करें

सावन सोमवार व्रत 2026 में भगवान शिव की कृपा पाना चाहते हैं, तो जानिए व्रत के दौरान क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए. पढ़ें सावन सोमवार व्रत के जरूरी नियम, पूजा विधि, क्या करें और क्या न करें आदि.

सावन सोमवार व्रत 2026: भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करें
सावन सोमवार व्रत 2026
file photo

सावन का महीना शुरू हो चुका है. सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है. इस दौरान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए लाखों श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं. भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन सोमवार व्रत 2026 का विशेष महत्व है. सावन, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से हो चुकी है. इस पवित्र महीने के सभी सोमवारों को सावन सोमवार कहा जाता है और यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है.

हालांकि, बहुत से श्रद्धालु मानसिक शांति, तनाव से राहत, अच्छे वैवाहिक जीवन, परिवार की सुख-समृद्धि और भगवान शिव के आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, जो लोग पहली बार यह व्रत कर रहे हैं, उन्हें इसकी विधि थोड़ी कठिन लग सकती है, लेकिन श्रद्धा और नियमों के साथ यह व्रत आसानी से किया जा सकता है. मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन व्रत रखकर और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इसके साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

सावन में कितने सोमवार पड़ रहे हैं?

  • 3 अगस्त 2026
  • 10 अगस्त 2026
  • 17 अगस्त 2026
  • 24 अगस्त 2026

पहले तय करें कि आप किस तरह का व्रत रखेंगे

सावन सोमवार व्रत शुरू करने से पहले यह तय कर लें कि आप व्रत कैसे रखना चाहते हैं. कुछ लोग पूरे दिन केवल फल और दूध लेते हैं, जबकि कुछ लोग एक समय सात्विक भोजन करते हैं. कई श्रद्धालु व्रत के दौरान अनाज, प्याज, लहसुन, शराब और मांसाहारी भोजन का सेवन नहीं करते. अगर आप पहली बार व्रत रख रहे हैं, तो बहुत कठिन नियम अपनाने की जरूरत नहीं है. अपनी उम्र, स्वास्थ्य और पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत रखें. व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा श्रद्धा और भक्ति है, न कि खुद को शारीरिक रूप से ज्यादा कष्ट देना.

सुबह जल्दी उठें और स्नान करें

सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. भगवान शिव की पूजा के लिए सफेद, पीले या हल्के रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं. पूजा शुरू करने से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें. पुराने फूल, बेकार पूजा सामग्री और धूल-मिट्टी हटा दें. शांत और स्वच्छ वातावरण में की गई पूजा से मन एकाग्र रहता है और भक्ति का भाव बढ़ता है.

सरल संकल्प लें

पूजा शुरू करने से पहले भगवान शिव के सामने बैठकर संकल्प लें. आप मन ही मन यह संकल्प कर सकते हैं कि यह व्रत आप मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि या आध्यात्मिक उन्नति के लिए रख रहे हैं. ध्यान रखें कि ऐसे वादे न करें जिन्हें आप पूरा न कर सकें. छोटा लेकिन सच्चे मन से निभाया गया संकल्प ज्यादा महत्वपूर्ण होता है.

शिवलिंग पर जलाभिषेक करें

सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर श्रद्धा के साथ जल अर्पित करें और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें. संभव हो तो शिव मंदिर जाकर पूजा करें, अन्यथा घर पर भी भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं. पूजा के दौरान आप शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन, फल, शहद, दही, घी और अक्षत भी अर्पित कर सकते हैं. ध्यान रखें कि भगवान शिव को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाए जाते हैं.

शिव मंत्र का जाप करें

सावन सोमवार पर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है. यह मंत्र मन को शांति देता है और भगवान शिव के प्रति भक्ति बढ़ाता है. आप चाहें तो सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और साहस की कामना के लिए महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप कर सकते हैं.

व्रत के नियमों का पालन करें

व्रत के दौरान केवल व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें. जैसे- फल, दूध और दही, मखाना, साबूदाना, नारियल पानी, सूखे मेवे और सात्विक भोजन आदि. व्रत खोलते समय बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से बचें. हल्का और शुद्ध भोजन लेना बेहतर होता है.

अपनी वाणी और व्यवहार पर कंट्रोल रखें

सावन सोमवार का व्रत केवल भोजन से जुड़ा नहीं है, बल्कि आत्मसंयम का भी प्रतीक है. इस दिन क्रोध, झूठ, चुगली, कठोर भाषा, ईर्ष्या और बड़ों का अनादर करने जैसी बातों से बचें. पूरे दिन शांत रहने का प्रयास करें. भजन सुनें, शिव चालीसा का पाठ करें या कुछ समय ध्यान और प्रार्थना में बिताएं.

व्रत का सही तरीके से समापन करें

शाम को पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान शिव को प्रणाम करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें. अपनी श्रद्धा के अनुसार परिवार की परंपरा का पालन करते हुए व्रत खोलें. व्रत के बाद बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना या भारी भोजन खाने से बचें. हल्का और सात्विक भोजन करना अधिक लाभकारी माना जाता है.

यह भी पढ़ें:- August Ekadashi 2026: अगस्त में कब है कामिका और श्रावण पुत्रदा एकादशी? यहां जानें

यह भी पढ़ें:- Grah Gochar 2026: मेष समेत इन 4 राशियों की किस्मत चमकाएगा गजलक्ष्मी राजयोग, करियर में मिलेगा बड़ा लाभ 

यह भी पढ़ें:-  Vastu Tips: बच्चों का पढ़ाई में नहीं लगता मन? स्टडी रूम में रखें ये 5 चीजें, बढ़ेगा फोकस

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sawan Somwar, Sawan Somwar Vrat
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com