बच्चों को पढ़ाई करवाना बहुत ही मुश्किल काम होता है. आपका बच्चा समय पर पढ़ाई भी करता है, लेकिन फिर भी उसे चैप्टर याद नहीं रहता. ऐसे में आप बच्चे को बार-बार एक चैप्टर पढ़ाते हैं फिर कुछ देर बाद ही वे सब भूल जाते हैं. हालांकि, बच्चों में ये एक आम समस्या है. बार-बार पढ़ने से चैप्टर जाना-पहचाना जरूर लगने लगता है, लेकिन उसे याद रखना अलग बात है. बच्चों की स्टडी को लेकर कई रिसर्च हुई हैं और आगे भी की जा रही हैं. चलिए आपको बताते हैं बच्चे को स्टडी कराने के लिए 5 आसान तरीके.
साइकोलॉजिकल साइंस इन द पब्लिक इंटरेस्ट में छपी रिसर्च में पाया गया है कि किसी चैप्टर का याद करने के लिए बच्चे जिन तरीकों को सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. जैसे बार-बार पढ़ना और हाइलाइट करना आदि. ये लंबे समय तक याद रखने के लिए ज्यादा असरदार नहीं होते. इसके बजाय ऐसे तरीके ज्यादा कारगर साबित होते हैं, जिनमें दिमाग सोचने और याद करने की कोशिश करनी पड़ती है. इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ 15 मिनट में पूरा चैप्टर हमेशा के लिए याद हो जाएगा. किसी भी चीज को लंबे समय तक याद रखने के लिए उसे बार-बार दोहराना और समय-समय पर रिवीजन करना जरूरी होता है, लेकिन 15 मिनट का एक सही और फोकस्ड स्टडी, कुछ सीखने और याद रखने में मदद कर सकती है.
चैप्टर को छोटे हिस्सों में बांटें
बच्चों को स्टडी कराने के लिए चैप्टर को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट सकते हैं. एक समय में पूरा चैप्टर पढ़ने से ऐसा हो सकता है कि बच्चे को कुछ भी याद नहीं रहे. पूरे बड़े चैप्टर को एक साथ याद कराने के बजाय उसे 3-4 छोटे हिस्सों में बांट लें. ऐसा करने से बच्चे पर दबाव कम होता है और वह 10-15 मिनट में एक हिस्से को आसानी से समझ लेता है.
फेमैन तकनीक यानी खुद समझाना
बच्चे को रट्टा मारने के बजाए समझना सिखाएं. अगर बच्चा चैप्टर को समझने की कोशिश करेगा तो वह उसे लंबे समय तक याद रह सकता है. बच्चे को कहें कि वह किताब बंद करे और जो पढ़ा है उसे अपनी आसान भाषा में आपको बताएं कि चैप्टर में किया लिखा है और इसका क्या मतलब है. ऐसा करने से बच्चे को सभी बातें अच्छे से याद रहेगी.
पोमोडोरो टेक्निक
बच्चे को लगातार घंटों बैठाकर न पढ़ाएं. बच्चे को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए पढ़ाएं. बच्चे की उम्र के अनुसार छोटे स्लॉट बनाएं, जैसे 15-20 मिनट पढ़ाई और फिर 5 मिनट का छोटा ब्रेक. इस ब्रेक में पानी पीना या हल्की स्ट्रेचिंग कराएं. इससे बच्चे का फोकस बढ़ता है और चीजें याद करने में आसानी रहती है.
फोटो, चार्ट और माइंड मैप का इस्तेमाल
कई लोगों को शब्दों की जगह चित्रों से जल्दी समझ आ जाता है. ऐसे में बच्चे को लंबे समय तक याद रखने के लिए चैप्टर के मुख्य पॉइंट्स के फ्लोचार्ट, डायग्राम या फ्लैश कार्ड बनवाएं, जिससे वह तुरंत समझ जाए.
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