विज्ञापन

सावन के आखिरी सोमवार पर बने कई शुभ योग, जानिए पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और क्या करें काम

आज सावन का चौथा और आखिरी सोमवार है. आज का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोगों के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सावन के आखिरी सोमवार को प्रीति योग, आयुष्मान योग, बुधादित्य योग और हंस राजयोग जैसे दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं.

सावन के आखिरी सोमवार पर बने कई शुभ योग, जानिए पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और क्या करें काम
सावन आखिरी सोमवार
file photo

Last Sawan Somwar 2026: सावन का पवित्र महीना 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगा. यह पूरा महीना भगवान शिव की आराधना और व्रतों के लिए समर्पित है. सावन का आखिरी और चौथा सोमवार का व्रत 24 अगस्त को रखा जाएगा. सावन के सोमवार में व्रत रखना बहुत शुभ माना जाता है. सावन का आखिरी सोमवार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष संयोगों के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सावन के आखिरी सोमवार को कई शुभ योग बन रहे हैं. इस दिन व्रत रखने और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जा सकती है. चलिए आपको बताते हैं इस साल सावन के आखिरी सोमवार को कौन से दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहे हैं.

शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat)

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:27 बजे से 05:11 बजे तक

अमृत चौघड़िया- सुबह 05:55 बजे से 07:32 बजे तक

शुभ चौघड़िया- सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 11:59 बजे से 12:47 बजे तक

सावन के आखिरी सोमवार पर शुभ योग

प्रीति योग- यह योग सुबह 07:04 बजे तक रहेगा, जिसके स्वामी बुध और देवता भगवान विष्णु हैं.

आयुष्मान योग- सुबह 07:04 बजे के बाद शुरू होकर पूरे दिन रहेगा, जिससे उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मकता मिलती है.

हंस राजयोग- देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में उच्च रहने से यह शक्तिशाली योग बना है.

बुधादित्य योग- सिंह राशि में सूर्य और बुध की युति से इस राजयोग का निर्माण हुआ है.

सावन के आखिरी सोमवार पर क्या करें?

  • स्नान और संकल्प- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और शिवजी के व्रत या पूजन का संकल्प लें.
  • जलाभिषेक- शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें.
  • प्रिय वस्तुएं अर्पित करें- भगवान शिव को बेलपत्र, शमी पत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें.
  • मंत्र जाप- पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें.
  • भोग और आरती- शिवजी को सात्विक भोग लगाएं और संध्या के समय कपूर व घी से आरती करें.
  • दान-पुण्य- इस विशेष दिन पर गरीबों या जरूरतमंदों को अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य करें.

यह भी पढ़ें:- रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बोलें ये मंत्र, भाई-बहन का बढ़ेगा प्रेम, जानिए धार्मिक महत्व

यह भी पढ़ें:- Sawan Pradosh Vrat: कब रखा जाएगा भौम प्रदोष व्रत, जानिए तिथि, पूजा मुहूर्त और कथा

यह भी पढ़ें:- रुद्राभिषेक कब नहीं करना चाहिए? रुद्राभिषेक के लिए कौन सी तिथि अच्छी है, जानिए यहां

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Sawan Somwar, Sawan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com