Sawan Lord Shiva Worship Rules: पंचांग के अनुसार भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे ज्यादा शुभ और फलदायी माने जाने वाले पवित्र श्रावण मास की आज 30 जुलाई 2026, गुरुवार से शुरुआत हो गई है और यह 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि पर समाप्त होगा. जिस सावन के महीने को भोले की भक्ति के लिए अत्यंत ही शुभ माना गया है, उसमें शिव साधना करते समय आखिर पुष्प, पत्र और प्रसाद आदि को लेकर किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? महादेव को मनाने के लिए क्या महाउपाय करना चाहिए? आइए इसे विस्तार से जानते हैं.
शिव पूजा में जरूर चढ़ाएं ये फूल

हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी देवी या देवता की पूजा में उसके प्रिय पुष्प को अर्पित किया जाए तो उसकी शीघ्र ही कृपा प्राप्त होती है. ऐसे में इस श्रावण मास में महादेव को मनाने के लिए भगवान शिव को प्रिय लगने वाला आक, कनेर, हरसिंगार, नागकेसर आदि का पुष्प अवश्य चढ़ाएं.
किन पत्तों से प्रसन्न होंगे महादेव?

हिंदू धर्म में भगवान शिव एक ऐसे देवता हैं जो सिर्फ जल और पत्तों को चढ़ाने से प्रसन्न हो जाते हैं. ऐसे में यदि आप चाहते हैं कि इस सावन आप पर शिव कृपा बरसे तो आपको प्रतिदिन शिव पूजा में बेलपत्र या शमीपत्र अवश्य चढ़ाना चाहिए. भगवान शंकर को बेलपत्र अर्पित करने से पहले यह चेक कर लें कि वह खंडित या गंदा न हो. बेलपत्र और शमीपत्र को स्वच्छ जल से धुलने के बाद उसका वज्र भाग यानि उसकी डंठल तोड़ दें फिर उसे उलटा करके शिवलिंग या फिर शिव भगवान की मूर्ति पर चढ़ाएं.
भगवान शिव का प्रिय भोग क्या है?

हिंदू मान्यता के अनुसार पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा तब तक अधूरी है, जब तक आप महादेव का प्रिय भोग नहीं अर्पित करते हैं. ऐसे में भोले भंडारी को प्रसन्न करने के लिए शहद,दही, पंचामृत, दूध, दूध से बनी खीर, हलवा, मालपुआ, मिश्री, मिठाई, भांग, धतूरा और मौसमी फल अर्पित कर सकते हैं. मान्यता है कि श्रावण मास में शिव पूजा के दौरान इन चीजों का भोग लगाने से शीघ्र ही शिव कृपा बरसती है और साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है.
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किन चीजों के बगैर अधूरी है शिव पूजा?
हिंदू मान्यता के अनुसार शिव पूजा में कुछ चीजें अत्यंत ही आवश्यक मानी गई हैं, जिसके बगैर शिव पूजा अधूरी मानी जाती है. यदि आप चाहते हैं कि शिव कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो तो आप शिव पूजा में गंगाजल, काला तिल, भस्म, सफेद चंदन, अक्षत, कलावा, पान, लौंग, इलायची, सुपाड़ी, धूप, दीप जरूर अर्पित करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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