Nirjala Ekadashi Vrat Remedies: पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में निर्जला एकादशी या फिर भीमसेनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह पावन तिथि जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और साधना-आराधना के लिए अत्यंत ही शुभ और फलदायी मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार यदि कोई व्यक्ति इस पावन निर्जला एकादशी वाले दिन विधि-विधान से श्री हरि का व्रत और पूजन करता है तो उसे साल की 24 एकादशी का पूरा पुण्यफल प्राप्त हो जाता है. आइए श्री हरि का आशीर्वाद बरसाने वाली निर्जला एकादशी के सरल सनातनी उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
1. निर्जला एकादशी पर चंदन से चमकेगा भाग्य
हिंदू मान्यता के अनुसार निर्जला एकादशी की पूजा में तिलक का उपाय सुख-सौभाग्य को बढ़ाने वाला माना गया है. मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति निर्जला एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु को पीले चंदन या केसर का तिलक लगाकर उसे प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर धारण करता है तो उस पर श्री हरि की कृपा शीघ्र ही बरसती है. यदि आपके पास पीला चंदन या केसर न उपलब्ध हो तो आप हल्दी के तिलक का भी प्रयोग कर सकते हैं.
2. निर्जला एकादशी पर दीये से दूर होंगे सारे दुख

निर्जला एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु संग माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए साधक को दीये से जुड़े उपाय अवश्य करने चाहिए. आज अपने घर के पूजा स्थान के साथ-साथ भगवान विष्णु के मंदिर, तुलसी, पीपल, घर के ईशान कोण और मुख्य द्वार पर शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए. दीये को जलाने के लिए आम बाती की बजाय लाल रंग के कलावा की बाती का प्रयोग करें.
3. निर्जला एकादशी पर किस दान से होगा कल्याण?
सनातन परंपरा में किसी भी देवी-देवता या तिथि-वार की पूजा का पुण्यफल पाने के लिए उससे संबंधित दान को उत्तम उपाय बताया गया है. ऐसे में यदि आप आज निर्जला एकादशी व्रत का पुण्यफल पाना चाहते हैं तो आपको स्नान और पूजन करने के बाद मंदिर के पुजारी या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पानी से भरा घड़ा, पंखा, मौसमी फल जैसे आम, खरबूजा आदि का दान करना चाहिए. इसके अलावा आप गरमी से राहत देने वाली वस्तु जैसे सत्तू, गुड़, चने की दाल, वस्त्र आदि का दान भी कर सकते हैं.
4. निर्जला एकादशी पर करें तुलसी का महाउपाय

हिंदू मान्यता के अनुसार विष्णुप्रिया कहलाने वाली तुलसी को माता लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है. ऐसे में आज निर्जला एकादशी व्रत वाले दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए माता तुलसी को पीले रंग की चुनरी और हल्दी से मिला जल 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करते हुए चढ़ाएं. इसके बाद तुलसी माता को गाय के दूध से बने घी का दीया जलाकर कर कम से कम 11 बार परिक्रमा करें.
5. इस उपाय से पूरी होगी विवाह की मनोकामना
हिंदू मान्यता के अनुसार आज गुरुवार के दिन पड़ने वाली एकादशी अत्यंत ही शुभ मानी गई है. इस दिन देवगुरु बृहस्पति की शुभता दिलाने वाले पीले रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत ही शुभ माना गया है. ऐसे में आज शीघ्र विवाह की कामना को पूरा करने के लिए पीले कपड़े पहनकर केले के पेड़ की हल्दी, चने की दाल, गुड़ और पीले रंग का कपड़ा आदि अर्पित करते हुए विशेष पूजा करनी चाहिए. आज के दिन केले के पौधे की सेवा और उसका दान करने से विवाह में आने वाली अड़चन दूर होती है और मनचाहा जीवनसाथी शीघ्र ही प्राप्त होता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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