आपने अक्सर घर की छत या आसपास कौवों को देखा होगा, लेकिन अगर अचानक कोई कौवा आपके सिर पर आकर बैठ जाए तो इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं हैं. शकुन शास्त्र में कौवे को खास महत्व दिया गया है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि सामान्य दिनों में सिर पर कौवे का बैठना शुभ संकेत नहीं माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि यह आने वाली परेशानियों के प्रति सावधान रहने का संकेत हो सकता है.
कौवे को क्यों माना जाता है यमराज का दूत?
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में कौवे को यमराज का दूत और शनि देव से जुड़ा पक्षी माना गया है. इसी वजह से कौवे से जुड़े कुछ संकेतों को ज्योतिष और शकुन शास्त्र में गंभीरता से लिया जाता है. हालांकि, इन्हें धार्मिक मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए.
सिर पर कौवा बैठे तो क्या मिलता है संकेत
उन्होंने आगे बताया कि ऐसी मान्यता है कि सिर पर कौवे का बैठना व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, मान-सम्मान में कमी या आर्थिक परेशानी आने का संकेत माना जाता है. कुछ मान्यताओं में इसे शनि या राहु से जुड़े नकारात्मक प्रभाव से भी जोड़ा जाता है. हालांकि, केवल इस घटना के आधार पर किसी अनहोनी की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है.
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कौवा सिर पर बैठ जाए तो क्या करें
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय स्नान करके स्वयं को शुद्ध करना चाहिए. इसके बाद कौवे और दूसरे पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें. श्रद्धा के अनुसार हनुमान चालीसा का पाठ करना और जरूरतमंदों को अपनी क्षमता के अनुसार दान देना भी शुभ माना जाता है.
पितृ पक्ष में क्यों खास है कौवा
पितृ पक्ष में कौवों को भोजन कराने की परंपरा रही है. धार्मिक मान्यता में इसे पितरों से जोड़ा जाता है. इसलिए इस दौरान कौवे का महत्व सामान्य दिनों से अलग माना जाता है.
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