Jeth Mahine Ki Purnima Kab Hai: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को चंद्र देवता और भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है. पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपना पूर्ण आकार लिए हुए 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है. पूर्णिमा तिथि का महत्व तब और अधिक बढ़ जाता है जब यह ज्येष्ठ मास में पड़ती है. इस साल ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के साथ अधिक मास का भी संयोग बन रहा है. पंचांग के अनुसार इस साल ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा दो दिन पड़ रही है. जिसमें से व्रत वाली ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा 30 मई 2026, शनिवार को रहेगी तो वहीं स्नान-दान वाली अधिक पूर्णिमा 31 मई 2026, रविवार को रहेगी. ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा पर आखिर किस पूजा या मंत्र जप से भगवान विष्णु और चंद्र देवता शीघ्र प्रसन्न होते हैं? आइए ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा का महाउपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
पूर्णिमा पर मंत्र से पूरी होगी मनोकामना

- हिंदू मान्यता के अनुसार पूर्णिमा तिथि पर पर भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और चंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए नीचे दिये गये मंत्रों का जप अधिक से अधिक करना चाहिए.
- चंद्र देवता की पूजा का मंत्र: जेठ महीने की पूर्णिमा पर चंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए ॐ सोम सोमाय नमः अथवा ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः मंत्र को रुद्राक्ष की माला से जप करें.
- भगवान विष्णु की पूजा का मंत्र: ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए श्री हरि की पूजा के दौरान तुलसी की माला से ॐ विष्णवे नम: या फिर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का अधिक से अधिक जप करें.
- मां लक्ष्मी की पूजा का मंत्र: ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः' मंत्र को कमलगट्टे की माला से जपें.
ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का महाउपाय

जेठ महीने की पूर्णिमा पर चंद्र देवता का आशीर्वाद पाने के लिए साधक को चंद्रोदय के समय शुद्ध जल में कच्चा दूध, थोड़ा सा अक्षत और सफेद पुष्प डालकर अर्घ्य देना चाहिए. इसी प्रकार भगवान श्री विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री हरि की पूजा में पीले पुष्प और केसर का तिलक अर्पित करने के बाद उन्हें खीर का विशेष रूप से भोग लगाना चाहिए. माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए साधक को पूर्णिमा तिथि पर पीपल के पेड़ पर मीठा जल अर्पित करना चाहिए. धन की देवी की कृपा पाने के लिए व्यक्ति को माता लक्ष्मी की पूजा में पीली कौड़ी अर्पित करना चाहिए. इसके अगले दिन उस कौड़ी को लाल कपड़े में रखने के बाद अपने धन स्थान पर रखें. मान्यता है कि माता लक्ष्मी का यह प्रसाद आपके धन और धान्य को बढ़ाने में अत्यंत ही शुभप्रद साबित होता है.
हिंदू मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर गंगा या किसी अन्य पवित्र जल तीर्थ पर जाकर स्नान करना अत्यंत ही पुण्यदायी माना गया है. पूर्णिमा के शुभ फल को पाने के लिए व्यक्ति को इस दिन हाथ में कुश लेकर स्नान करना चाहिए. जेठ महीने की पूर्णिमा का पुण्यफल पाने के लिए इस पावन तिथि पर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना चाहिए.
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