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Krishna Janmashtami 2026 Live Updates: आज यानी 4 सितंबर को देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की पूजा करने का विधान है. हिन्दू पंचांग के अनुसार ये पर्व भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है. साथ ही इस साल की जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) बेहद खास बन रही है क्योंकि इस दिन रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि में चंद्रमा और सिंह राशि में सूर्य का विशेष संयोग भी बन रहा है. मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका समेत देशभर के मंदिरों में जन्माष्टमी को लेकर खास सजावट की गई हैं. आइए जानते हैं कृष्ण जन्माष्टमी का पूजा शुभ मुहूर्त, विधि, महत्व समेत पूरी जानकारी....

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Janmashtami Live Update: पटना के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी

बिहार:- कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना की और अनुष्ठान किए.


 

 

Janmashtami Live Update: कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में आरती

मथुरा, उत्तर प्रदेश: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में आरती की गई.


 

Janmashtami Live Update: द्वादकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव

द्वादकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव

 

Janmashtami Live Update: ढाका जन्माष्टमी

ढाका: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ऐतिहासिक ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाता है.


 

Janmashtami Live Update: केरल का गुरुवयूर मंदिर

केरल में भगवान कृष्ण के जन्मदिन यानी जन्माष्टमी के मौके पर गुरुवयूर मंदिर को सजाया गया है, जहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. इन उत्सवों के दौरान पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियां होती हैं और मंदिर परिसर विभिन्न गतिविधियों और भक्ति-भाव से भरा रहता है.


 

Janmashtami Krishna Aarti: श्रीकृष्ण की आरती- जय कन्हैया लाल की


श्रीकृष्ण की आरती- जय कन्हैया लाल की

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

हे ब्रज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

ए आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की ॥

 

कोटि ब्रहमाण्ड के अधिपति लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

कोटि ब्रहमाण्ड के अधिपति लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

ए गौवे चराने आयो जय यशोदा लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,

गैया चराने आयो जय यशोदा लाल की ॥

 

पूनम की चन्द्र जैसी शोभा है गोपाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

पूनम की चन्द्र जैसी शोभा है गोपाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हे आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ॥

 

भक्त के आनंद कंद जय यशोदा लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

भक्त के आनंद कंद जय यशोदा लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय यशोदा लाल की ॥

 

आनंद से बोलो सब जय हो ब्रज लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

आनंद से बोलो जय हो ब्रज लाल की,

हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की,

जय हो ब्रज लाल की जय हो प्रतीपाल की,

गोकुल मे आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ॥

 

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

हे ब्रज में आनंद भयो जय यशोदा लाल की,

ए आनंद उमंग भयो जय कन्हैया लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

जय हो नंदलाल की जय यशोदा लाल की,

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

Janmashtami Live Update: श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर में भक्तों ने पारंपरिक उत्साह के साथ घंटाघर, लाल चौक पर भक्ति मंत्रोच्चार और भजन गाते हुए जन्माष्टमी मनाई.

 

Janmashtami 2026 LIVE: मदुरै के राधा मथुरापति मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर तमिलनाडु के मदुरै स्थित श्री श्री राधा मथुरापति मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे.

Janmashtami 2026 LIVE Updates: 200 साल पुराने श्री वेणुगोपाल कृष्ण मंदिर में विशेष अभिषेक

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित 200 साल पुराने श्री वेणुगोपाल कृष्ण मंदिर में विशेष अभिषेक और पूजा-अर्चना की गई. मंत्रोच्चार और पूजा की भव्यता ने पूरे मंदिर परिसर को कृष्णमय बना दिया.

Happy Krishna Janmashtami 2026: 1,108 किलो के केक का प्रसाद

जन्माष्टमी के अवसर पर दिल्ली के ISKCON द्वारका मंदिर में भक्तों के लिए 1,108 किलोग्राम का विशाल केक विशेष प्रसाद के रूप में अर्पित किया गया. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी में तैयार किए गए इस अनोखे महाप्रसाद ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया.

Janmashtami 2026 LIVE: श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में की गई आरती

आज देशभर में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में आरती की गई. इस दौरान कई श्रद्धालु शामिल हुए.

Janmashtami 2026 LIVE: बीच पर भगवान श्रीकृष्ण की रेत की कलाकृति

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ओडिशा के पुरी बीच पर प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक रेत कलाकृति बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया. कान्हा की मोहक छवि को रेत पर उकेरते हुए उन्होंने श्रद्धा और भक्ति का सुंदर संदेश दिया.

 

Janmashtami 2026 LIVE Updates: जन्माष्टमी पर बेंगलुरु के श्री पुतिगे मठ में श्रीकृष्ण का पवित्र अभिषेक

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी पर अंबालाप्पुझा श्रीकृष्ण मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

Janmashtami 2026 LIVE: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वृंदावन के इस्कॉन मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालु

Janmashtami 2026 LIVE: मथुरा में जन्माष्टमी पर भक्तों में जबरदस्त उत्साह

उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर शुक्रवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है. देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. मंदिर परिसर में सुबह हुई मंगला आरती में हजारों भक्त शामिल हुए.

मंगला आरती के बाद मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बन गया. ढोल-ताशे और नगाड़ों की थाप पर भक्त झूमते-नाचते नजर आए. पूरा कृष्ण जन्मभूमि परिसर कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा. सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसके चलते भक्तों को दर्शन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है.

Janmashtami 2026 LIVE: नोएडा के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की रौनक

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी पर करें इस कथा पाठ

एक बार नारद जी ने महादेव से व्रत बताने का अनुरोध किया. तब महादेव ने उन्हें राजा हरिश्चंद्र की कथा सुनाई. बताया गया कि राजा को वर्तमान जीवन में अपार धन-संपत्ति, वैभव और राजसी सुख प्राप्त था. लेकिन राजा खुद भी सोचते थे कि आखिर उन्हें इतना सुख किस कर्म के कारण मिला है. एक समय परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उनके अपने लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया. 

कथा के अनुसार, वह पत्नी के साथ महल छोड़ आए और दोनों एक जंगल में पहुंचे, जहां उन्हें कमल से भरा एक सरोवर दिखाई दिया. वे कमल के फूल लेकर वाराणसी पहुंचे, लेकिन फूल बिक नहीं सके. इसी दौरान उन्हें पूजा और उत्सव की आवााज सुनाई दी. वहां काशी के राजा इन्द्रद्युम्न की पुत्री चंद्रावती जन्माष्टमी का जयंती व्रत कर रही थीं. दोनों ने वहां भगवान श्रीहरि की पूजा में कमल के फूल अर्पित किए और बचे हुए फूल भगवान के पास बिखेर दिए. राजकुमारी ने उन्हें धन और भोजन देनाा चाहा, लेकिन दोनों ने कुछ भी स्वीकार नहीं किया.

राजा को बताया कि पिछले जन्म में जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान की श्रद्धा से की गई पूजा और कमल अर्पित करने का यही पुण्य उन्हें वर्तमान जन्म में मिला है. इसी पुण्य के प्रभाव से उन्हें राजसी सुख, संपत्ति और दिव्य विमान की प्राप्ति हुई. आचार्य ने बतायाा कि यह कथा जन्माष्टमी पर श्रद्धा, पूजा और अच्छे कर्मों के महत्व को बताती है.

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर करें इन मंत्रों का जाप

श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जप करें, जिनमें 'ओम क्रीं कृष्णाय नमः' मानसिक शांति और सौभाग्य के लिए, 'हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे' भक्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए, 'नमो भगवते वासुदेवाय' दांपत्य सुख और प्रेम के लिए, 'क्लीं कृष्णाय नमः' समृद्धि और कृपा के लिए, और 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' शामिल हैं. इसके साथ ही श्री कृष्णम शरणम मम और श्री कृष्णाष्टकम् का भी पाठ करें.
 

Janmashtami 2026 LIVE: सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में की पूजा-अर्चना

Happy Janmashtami 2026 Images: कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

 

Janmashtami 2026 LIVE: कृष्ण जन्मभूमि भागवत भवन में मंगला आरती के साथ शुरू हुआ जन्माष्टमी उत्सव

Janmashtami 2026 LIVE: जन्माष्टमी पर करें ऐसे करें पूजा

  • सुबह जल्दी स्नान करके साफ कपड़े पहनें. मंदिर की सफाई करें और व्रत या पूजा का संकल्प लें.
  • लड्डू गोपाल की मूर्ति को पहले गंगाजल, फिर पंचामृत से स्नान कराएं. इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराकर साफ वस्त्र पहनाएं.
  • भगवान को सुंदर वस्त्र, बांसुरी, मुकुट और चंदन का तिलक लगाएं. इसके बाद उन्हें झूले या आसन पर विराजमान करें.
  • माखन-मिश्री, पंजीरी, खीर या ताजे फल का भोग लगाएं. ध्यान रखें कि हर भोग में तुलसी का पत्ता जरूर रखें.
  • धूप-दीप जलाकर गणेश जी और भगवान श्री कृष्ण की आरती करें. रात को बारह बजे यानी जन्मोत्सव के समय विशेष रूप से शंख या घंटी बजाकर उत्सव मनाएं.

Krishna Janmashtami 2026 LIVE: पूजा में क्या-क्या चीजें करें शामिल

जन्माष्टमी की पूजा में लड्डू गोपाल की मूर्ति, झूला, नए वस्त्र, मुकुट, बांसुरी, मोरपंख, चंदन, रोली, अक्षत, दीपक, धूप, कपूर और फूल पूजा में रखें. अभिषेक के लिए पंचामृत तैयार करें. भोग में माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, फल और मिठाई रख सकते हैं. भोग में तुलसी दल डालना शुभ माना जाता है.
 

Janmashtami 2026 LIVE Updates: जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार

श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुक्रवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई. इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे.

शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए. दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा. मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा.

महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया. बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया. कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया. इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई. जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिया. बाबा का श्रीकृष्ण भगवान के रूप में शृंगार किया गया.

Janmashtami 2026 LIVE Updates: क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?

जन्माष्टमी की पूजा निशीथ काल में करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. ऐसे में पूजा का शुभ मुहूर्त 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से रात 12:43 बजे तक रहेगा. इस अवधि में सभी भक्त भगवान कृष्ण की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं.

Janmashtami 2026 LIVE Updates: जन्माष्टमी की तिथि

हिन्दू पंचांग के भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 3-4 सितंबर की रात 2 बजकर 30 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 5 सितंबर को रात 12 बजकर 30 मिनट पर होगा. ऐसे में जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर, दिन शुक्रवार को मनाया जा रहा है.
 

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