सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. इसी महीने आने वाली हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए बेहद खास होती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य और मनचाहे वर का आशीर्वाद मिलता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि हरियाली तीज पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है.
हरियाली तीज कब है?
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, हिंदू पंचांग में हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 (शनिवार) को मनाई जाएगी. तृतीया तिथि 14 अगस्त की शाम से शुरू होकर 15 अगस्त की शाम तक रहेगी. इसलिए उदया तिथि के आधार पर 15 अगस्त को व्रत रखा जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त
पंडित कौशल पांडेय ने आगे बताया कि हरियाली तीज पर सुबह स्नान के बाद सूर्योदय से पूर्वाह्न तक शिव-पार्वती की पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है. यदि सुबह पूजा संभव न हो, तो प्रदोष काल (शाम) में भी पूजा की जा सकती है.
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क्या है चंद्रोदय का समय
हरियाली तीज व्रत में कई महिलाएं चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं. चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा.
क्या कहते हैं पंडित कौशल पांडेय
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन, सुहाग सामग्री अर्पित करना, हरे वस्त्र धारण करना और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
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