राजस्थान के सरकारी स्कूलों बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर रोक लगाने के सरकारी निर्देश से बाद सियासत गर्मा गई है. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के इस निर्णय की कड़ी आलोचना की है और इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है. जूली ने कहा कि सरकार संविधान के तहत मिली अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय का विरोध किया जाएगा और कांग्रेस पार्टी विधानसभा के आगामी सत्र में सदन में इस मुद्दे को उठाएगी. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के इस आदेश को तुगलकी फरमान बताया है.
राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने रविवार, 16 अगस्त को एक चिट्ठी जारी की थी जिसमें कहा गया था कि बिना अनुमति के स्कूल परिसर के अंदर वीडियो बनाने या फोटो खींचने पर प्रतिबंध रहेगा. टीकाराम जूली ने मीडिया से बात करते हुए सरकारी आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जेन अल्फा के पांच प्रदर्शन से ही सरकार घबरा गई. स्कूलों की समस्याओं को लेकर बच्चे मुखर हो रहे हैं. मीडिया और सोशल मीडिया पर क्लिप डाल रहे हैं, तो सरकार को दिक्कत हो रही है.
जूली ने कहा,"यह सरकार डर चुकी है. जेन जी के बाद अब जेन अल्फा का नंबर आ गया है. जेन अल्फा ने 4-5 स्कूलों में विरोध किया है. उसी से सरकार इतना डर गई कि मोबाइल पर प्रतिबंध लगा दिया, मीडिया अंदर नहीं जा पाएगी. सबसे बड़ा डर इन लोगों के मन में मीडिया का है कि मीडिया अंदर जाएगी तो उनकी कमियों को दिखा देगी."
'दिमागी नक्सल यही है'
सरकार का मानसिक दिवालियापन सामने आ गया है. उन्होंने कहा,"पीएम नरेंद्र मोदी जिस दिमागी नक्सली की बात कर रहे थे, वह दिमागी नक्सली यही है, जो स्कूल के वीडियो बनाने से रोकना चाहता है."
टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि पहले साल में हम सारे खाली पद भरेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. सरकारी स्कूलों में नामांकन घटा है. 12.50 लाख बच्चे कम हो गए. एक साल पहले जो 3768 जो स्कूल जर्जर घोषित हुए थे उनमें से आज तक एक भी स्कूल पूरा नहीं बन पाया है. स्कूलों के 85 हज़ार कमरों की मरम्मत होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है. जूली ने कहा,"हाई कोर्ट फटकार लगा रहा है, लेकिन आप वीडियो बनाने पर पाबंदी लगा रहे हो!"

राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
Photo Credit: NDTV
तुगलगी फरमान
जूली ने कहा कि सरकार बच्चों के साथ हो रहे अन्याय और उनके स्कूलों की दुर्दशा की मीडिया में चर्चा को रोकने में लगी हुई है. ऐसा कर सरकार बच्चों के हितों से कुठाराघात कर रही है. कांग्रेस नेता ने सरकार को चेताया कि वह तत्काल इस आदेश को वापस ले, वरना कांग्रेस पार्टी विधानसभा के सत्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी.
इस आदेश पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,"ये तुगलकी फरमान चलनेवाला नहीं है, उन्हें इसे वापस लेना पड़ेगा. अगर वे ऐसा नहीं करते तो लोगों में आक्रोश आएगा और उन्हें इसका सामना करना पड़ेगा."
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