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Dahi Handi 2026: कब और कहां मचेगी दही हांडी की धूम... जानिए तारीख और सही समय

Dahi Handi 2026: मुंबई में 5 सितंबर को दही हांडी की धूम रहेगी. दादर, गोरेगांव, अंधेरी, लोअर परेल, नवी मुंबई और ठाणे वेस्ट जैसे इलाकों में बड़े आयोजन होंगे. गोविंदा पथकों के साथ सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था का ध्यान जरूरी रहेगा.

Dahi Handi 2026: कब और कहां मचेगी दही हांडी की धूम... जानिए तारीख और सही समय
दही हांडी 2026 शनिवार 5 सितंबर को मनाई जाएगी
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मुंबई में जन्माष्टमी के अगले दिन सड़कों पर फिर वही जोश, ढोल-ताशे की गूंज और 'गोविंदा आला रे' का शोर सुनाई देगा. दही हांडी 2026 शनिवार 5 सितंबर को मनाई जाएगी. इस दिन मुंबई, उपनगरों और ठाणे में गोविंदा पथक ऊंचाई पर टंगी हांडी तक पहुंचने के लिए मानव पिरामिड बनाएंगे. बड़े आयोजनों में भीड़, संगीत और इनाम का रोमांच जरूर रहेगा, लेकिन एक्सपर्ट्स की सलाह है कि उत्सव के साथ सुरक्षा को नजरअंदाज न किया जाए.

5 सितंबर को मनाई जाएगी दही हांडी

मुंबई में पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 शुक्रवार को होगी. इसके अगले दिन यानी 5 सितंबर को दही हांडी का आयोजन किया जाएगा. इसका कोई एक तय समय नहीं है. अलग-अलग मंडल और आयोजक सुबह से शाम तक अपने कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं. इसलिए जिस जगह जाना हो, वहां का कार्यक्रम पहले जरूर देख लें.

इन इलाकों में दिखेगा सबसे ज्यादा उत्साह

इंस्टाग्राम पर pratikjain.22 नाम से एक पोस्ट शेयर की गई है. जिस जगह पर दही हांडी का आयोजन होगा पोस्ट में उसके बारे में जानकारी दी गई है. बता दें कि दही हांडी मुंबई के किसी एक मैदान तक सीमित नहीं रहती. दादर, गोरेगांव, अंधेरी, लोअर परेल, नवी मुंबई और ठाणे वेस्ट जैसे इलाकों में अलग-अलग आयोजन होते हैं. मुंबई से बाहर जाना चाहें तो ठाणे के नौपाड़ा और पंचपखाड़ी भी बड़े दही हांडी आयोजनों के लिए जााने जाते हैं.

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क्यों खास है गोविंदा पथक?

दही हांडी की कहानी भगवान श्रीकृष्ण के बचपन से जुड़ी मानी जाती है. कृष्ण को माखन-दही बहुत पसंद था और उनसे बचाने के लिए मटकी ऊंचाई पर टांगी जाती थी. इसी परंपरा को आज गोविंदा पथक माानव पिरामिड बनाकर निभाते हैं. नीचे मजबूत सदस्य खड़े होते हैं और ऊपर हल्के व फुर्तीले सदस्य चढ़ते हुए हांडी तक पहुंचते हैं.

ऊंचा पिरामिड और उतना ही बड़ा खतरा

दही हांडी जितनी रोमांचक है, उतनी ही जोखिम भरी भी हो सकती है. पिरामिड का संतुलन बिगड़ने, फिसलने, थकान या भीड़ के दबाव से गिरने की आशंका रहती है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि ऊंचा पिरामिड बनाने से पहले प्रशिक्षित लोगों की निगरानी में अभ्यास किया जााए और आयोजकों की ओर से उपलब्ध हेलमेट, मैट, सेफ्टी नेट, हार्नेस और मेडिकल सहायता जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जाए.

दर्शक भी रखें इन बातों का ध्यान

इसके अलावा, दही हांडी देखने जा रहे हैं तो बैरिकेड के पीछे ही रहें और मानव पिरामिड के बिल्कुल पास जाने या उसके नीचे खड़े होने से बचें. बच्चों को भीड़ में अकेला न छोड़ें. पानी साथ रखें, आरामदायक जूते पहनें और मोबाइल को पानी से बचाने के लिए वाटरप्रूफ कवर रखें.

ट्रैफिक में फंसने से बचना है तो पहले प्लान बनाएं

बता दें कि बड़े आयोजनों के दौरान कई सड़कों पर अस्थायी बंदिश, डायवर्जन और नो-पार्किंग लागू हो सकती है. इसलिए कार से जाने के बजाय जहां संभव हो, लोकल ट्रेन या मेट्रो का इस्तेमाल सुविधाजनक रह सकता है. दादर, घाटकोपर और ठाणे जैसे इलाकों में स्टेशन से आगे स्थानीय परिवहन या पैदल रास्ते का विकल्प रखना बेहतर होगाा. निकलने से पहले उस दिन की ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देख लें.

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