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90s का ये गाना दूरदर्शन के चित्रहार में जरूर होता था शामिल, जेठ की दोपहरी में लोग करते थे इंतजार, 31 साल बाद भी सुपरहिट पूर्णिमा-कुमार सानू का ये गीत

1995 की ‘कुली नंबर 1’ का ‘जेठ की दोपहरी में’ गाना आज भी 90s की गर्मियों और दूरदर्शन के दौर की याद दिलाता है. कुमार सानू और पूर्णिमा की आवाज, आनंद-मिलिंद का संगीत और समीर के बोलों ने इस गीत को खास बनाया था.

90s का ये गाना दूरदर्शन के चित्रहार में जरूर होता था शामिल, जेठ की दोपहरी में लोग करते थे इंतजार, 31 साल बाद भी सुपरहिट पूर्णिमा-कुमार सानू का ये गीत
कुली नंबर वन में था गोविंदा-करिश्मा का यह 31 साल पुराना गाना

90 के दशक की गर्मियां और दूरदर्शन पर बजते फिल्मी गाने आज भी बहुत से लोगों की यादों में बसे हैं. उस दौर में टीवी पर किसी पसंदीदा गाने की एक झलक मिल जाना भी किसी तोहफे से कम नहीं होता था. ‘कुली नंबर 1' का ‘जेठ की दोपहरी में' भी ऐसा ही गाना है, जिसकी धुन सुनते ही तपती दोपहर, खिड़की से आती गर्म हवा और 90s का दौर याद आ जाता है. 1995 में रिलीज हुआ यह गाना कुमार सानू और पूर्णिमा ने गाया था. इसका संगीत आनंद-मिलिंद ने दिया और बोल समीर ने लिखे थे. आज 31 साल बाद भी यह गाना अपनी अलग पहचान बनाए हुए है.

‘कुली नंबर 1' का हिस्सा था ये मजेदार गाना

‘जेठ की दोपहरी में' 30 जून 1995 को रिलीज हुई डेविड धवन की फिल्म ‘कुली नंबर 1' के सात गानों वाले साउंडट्रैक का हिस्सा था. फिल्म में गोविंदा और करिश्मा कपूर लीड रोल में थे, जबकि कादर खान, शक्ति कपूर, हरीश कुमार, कंचन और सदाशिव अमरापुरकर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे. गाने की खासियत इसका नाम और माहौल ही था. ‘जेठ की दोपहरी' सुनते ही उत्तर भारत की तेज गर्मी और उस मौसम में होने वाली बेचैनी का अहसास होता है. कुमार सानू और पूर्णिमा की आवाज ने इसे 90s के मस्ती भरे फिल्मी अंदाज में पेश किया. 

आनंद-मिलिंद और समीर की जोड़ी ने सजाया था संगीत

‘कुली नंबर 1' का संगीत आनंद-मिलिंद ने तैयार किया था और सभी गानों के बोल समीर ने लिखे थे. इसी एल्बम में ‘हुस्न है सुहाना', ‘मैं तो रास्ते से जा रहा था', ‘आ जाना आ जाना' और ‘तेरे प्यार में दिल दीवाना' जैसे गाने भी शामिल थे.  ‘जेठ की दोपहरी में' की सिंगिंग में कुमार सानू की पहचान वाली मेलोडी और पूर्णिमा की चुलबुली आवाज का मेल सुनाई देता है. उस दौर के फिल्मी गानों की तरह इसमें भी कहानी को आगे बढ़ाने के साथ मनोरंजन का रंग रखा गया था.

बॉक्स ऑफिस पर भी चली थी गोविंदा-करिश्मा की फिल्म

‘कुली नंबर 1' सिर्फ गानों की वजह से ही यादगार नहीं रही. डेविड धवन की इस कॉमेडी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया था. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिल्म का बजट करीब 3.50 करोड़ रुपये था, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 21.22 करोड़ रुपये बताया जाता है. फिल्म के साउंडट्रैक की भी करीब 28 लाख यूनिट बिकने की जानकारी मिलती है, जिससे उस दौर में इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

आज जब 90s के गाने दोबारा सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर सुने जा रहे हैं, ‘जेठ की दोपहरी में' भी पुराने दौर की याद दिलाता है. गाने की धुन में वह दौर छिपा है जब गर्मियों की छुट्टियां, दूरदर्शन और फिल्मी गीत लोगों के मनोरंजन का बड़ा हिस्सा हुआ करते थे. यही वजह है कि तीन दशक से ज्यादा समय बाद भी यह गाना 90s के संगीत को याद करने वालों के लिए खास बना हुआ है.

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