- आप प्रवक्ता आशुतोष ने बस्सी को ‘‘भाजपा का वरिष्ठ प्रवक्ता’’कहा
- दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में बस्सी के आप के साथ संबंध मधुर नहीं थे
- उस दौरान आप के पांच विधायकों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया
नई दिल्ली:
यूपीएससी सदस्य के तौर पर दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त बी एस बस्सी की नियुक्ति पर आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कहा कि इससे साबित होता है कि सरकार ने ‘‘भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता’’ का ‘‘एहसान’’ चुकाया है।
आप नेता आशुतोष ने कहा, ‘‘नियुक्ति सरकार का विशेषाधिकार है। यह साफ हो गया है कि किसके इशारे पर मिस्टर बस्सी काम कर रहे थे और उनका एहसान चुकाया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप स्पष्ट तौर पर कहती रही है कि मिस्टर बस्सी भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे। इसलिए यूपीएससी सदस्य के तौर पर नियुक्ति इस तथ्य को साबित करती है कि वह भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता थे और हैं।’’ गौरतलब है कि बस्सी को केंद्र सरकार ने पांच साल के कार्यकाल के साथ यूपीएससी का सदस्य नियुक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के तौर पर बीएस बस्सी का कार्यकाल विवादों से भरा रहा। आप सरकार के साथ उनकी अक्सर भिड़ंत होती रही। उनके कार्यकाल के दौरान आप के पांच विधायकों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
आप नेता आशुतोष ने कहा, ‘‘नियुक्ति सरकार का विशेषाधिकार है। यह साफ हो गया है कि किसके इशारे पर मिस्टर बस्सी काम कर रहे थे और उनका एहसान चुकाया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप स्पष्ट तौर पर कहती रही है कि मिस्टर बस्सी भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे। इसलिए यूपीएससी सदस्य के तौर पर नियुक्ति इस तथ्य को साबित करती है कि वह भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता थे और हैं।’’ गौरतलब है कि बस्सी को केंद्र सरकार ने पांच साल के कार्यकाल के साथ यूपीएससी का सदस्य नियुक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के तौर पर बीएस बस्सी का कार्यकाल विवादों से भरा रहा। आप सरकार के साथ उनकी अक्सर भिड़ंत होती रही। उनके कार्यकाल के दौरान आप के पांच विधायकों को विभिन्न आरोपों में गिरफ्तार किया गया।
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