- 22 जुलाई को दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत पर जंतर-मंतर पर हमला हुआ था.
- दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार ने उस रात की कहानी बताई है.
- एसीपी विवेक भगत घायल हुए थे. जिन्हें पुलिसकर्मियों ने मुश्किल से निकाला था.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 22 जुलाई को भी झड़प हुई थी. इस दौरान कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत घायल हुए थे. उन पर हुए हमले की पूरी कहानी अब सामने आई है. दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक उस दिन उनकी और एसीपी विवेक भगत की ड्यूटी जंतर-मंतर के पास लगी थी. डीसीपी के मुताबिक 'एसीपी विवेक भगत छह पुलिसकर्मियों के साथ कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर की तरफ आ रहे थे. इसी दौरान भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पुलिस टीम पर हमला कर दिया. अफरातफरी में कई पुलिसकर्मी भीड़ से निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन सभी भीड़ में फंस गए, एसीपी विवेक भगत की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.'
'पुलिसकर्मी हुए थे घायल, कमर में लगा चाकू'
डीसीपी विनीत कुमार ने बताया 'हमले के दौरान एसीपी के ऑपरेटर ने वायरलेस पर मैसेज दिया किया कि एसीपी विवेक भगत पर हमला हो रहा है. यह सूचना मिलते ही डीसीपी विनीत कुमार अपने स्टाफ और RAF के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और एसीपी को भीड़ से निकालने कोशिश करने लगे. डीसीपी का कहना है कि जैसे ही उनकी टीम ने एसीपी को बचाने की कोशिश की, भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया. इस दौरान उनके ऑपरेटर राहुल सिवाच और कॉन्स्टेबल दीपक गंभीर रूप से घायल हो गए. दीपक की नाक की हड्डी टूट गई, जबकि राहुल सिवाच की कमर में किसी ने चाकू मार दिया था.'
🔴#BREAKING| दिल्ली के जंतर-मंतर पर फिर बवाल, देर रात पुलिस, प्रदर्शनकारी भिड़े; 2 ACP समेत 5 पुलिसकर्मी घायल#CJPProtest | @tabishh_husain | @ranjanasingh95 | @DivyankarTiwari pic.twitter.com/Nqr0g0iEfT
— NDTV India (@ndtvindia) July 23, 2026
'मुश्किल से भीड़ से निकाला गया'
डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, लगातार हमले के बावजूद उनकी टीम पीछे नहीं हटी और एसीपी विवेक भगत को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकालने में सफल रही. घटना के वीडियो में भी दिखाई देता है कि डीसीपी विनीत कुमार जिन्होंने हरे रंग का हेलमेट पहना हुआ है, एसीपी विवेक भगत को कमर से पकड़कर बाहर खींच रहे हैं. जबकि उनका स्टाफ उन्हें सुरक्षित निकालने में मदद कर रहा है और RAF के जवान भीड़ को पीछे धकेल रहे हैं,इसके साथ कुछ छात्र भी है जो उनकी मदद कर रहे हैं.
डीसीपी विनीत कुमार ने कहा कि यदि उनकी टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती, तो एसीपी विवेक भगत की जान भी जा सकती थी. उनके अनुसार, एसीपी के पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और भीड़ लगातार उन पर हमला कर रही थी.
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