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मालवीय नगर अग्निकांड में एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा जले, कल रात ही बेंगलुरु से दिल्ली आए थे लोग

मालवीय नगर के B&B में आग से 21 लोगों की मौत हुई है. जिसमें एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं. उसी परिवार के 2 लोग अब भी लापता हैं. DNA टेस्ट के बाद शव दिए जाएंगे, कई विदेशी नागरिक भी मृतकों में हैं.

मालवीय नगर अग्निकांड में एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा जले, कल रात ही बेंगलुरु से दिल्ली आए थे लोग
दिल्ली के अग्निकांड में 21 लोगों की मौत
PTI
नई दिल्ली:

दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने 21 जिंदगियां निगल लीं और कई परिवारों को तबाह कर दिया. ‘फ्लोरिश स्टे B&B' में लगी आग में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत ने इस त्रासदी को और दर्दनाक बना दिया है. हादसे के बाद अस्पतालों में अफरा-तफरी मची है और पीड़ित परिवार अपने परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं.

एक ही परिवार के 7 लोग खत्म, 2 अब भी लापता

मैक्स अस्पताल पहुंचे एक पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसके परिवार के 7 लोग इस आग में मारे जा चुके हैं, जबकि उसकी बेटी और नातिन अब भी लापता हैं. उसने बताया कि परिवार के सभी सदस्य उसी इमारत में ठहरे हुए थे जहां आग लगी. पीड़ित के मुताबिक, उसकी बेटी और अन्य रिश्तेदार बेंगलुरु से दिल्ली आए थे, क्योंकि उसके दामाद के पिता अस्पताल में भर्ती थे. आखिरी बार रात 8:28 बजे बात हुई थी, जब सभी सोने की तैयारी में थे. बाद में पुलिस का फोन आया कि चार मोबाइल फोन मिले हैं, जो उसके परिवार के लोगों के थे.

विवेक अग्रवाल और उनकी पत्नी तर्जनी

विवेक अग्रवाल और उनकी पत्नी तर्जनी

इस हादसे में गुरुग्राम सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार भी काल की भेंट चढ़ गया. मृतकों में उनकी पत्नी तर्जनी, दो बेटियां जुबिशा और वारिया, मौसा झिमरी लाल, मौसी कमला और मामा अशोक गोयल शामिल हैं, जो सभी दिल्ली आकर होटल में ठहरे हुए थे और आग लगने के दौरान बाहर नहीं निकल सके.

राधेश्याम अग्रवाल के परिवार पर टूटा कहर

इस हादसे में 80 वर्षीय राधेश्याम अग्रवाल के परिवार पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. फेफड़ों की बीमारी के इलाज के लिए वह साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे. उनकी देखभाल के लिए उनका बेटा विवेक अग्रवाल (गुरुग्राम सेक्टर-46 निवासी), बहू और बच्चे साकेत के होटल में ठहरे हुए थे.

दिल्ली के एक होटल में लगी आग से बचाई गई लड़की.

दिल्ली के एक होटल में लगी आग से बचाई गई लड़की.
Photo Credit: PTI

लेकिन उसी होटल में आग लगने से उनके परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो गई. अब परिजन शव लेने अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि DNA सैंपलिंग के बाद ही शव सौंपे जाएंगे. ऐसे में अब परिजनों को शव मिलने के लिए एक और दिन इंतजार करना पड़ेगा.

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अस्पताल और सिस्टम पर सवाल

पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही है और परिजनों को मृतकों को देखने तक नहीं दिया जा रहा. इससे गुस्सा और बेबसी दोनों बढ़ गए हैं.

कैसे हुआ हादसा

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिश स्टे B&B' में आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. आग बुझाने के लिए दमकल की 8 गाड़ियों को लगाया गया. संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 40 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

विदेशी नागरिकों की भी मौत

पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में मारे गए लोगों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. हालांकि, उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की पुष्टि की प्रक्रिया अभी जारी है.

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