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This Article is From Jan 28, 2025

Inside Story: दिल्ली के गाजीपुर में लिव इन पार्टनर शिल्पा की हत्या करने वाले अमित तक कैसे पहुंची पुलिस?

Delhi Gazipur Murder: दिल्ली के गाजीपुर में सूटकेश में बंद जली हुई लाश की गुत्थी पुलिस ने आखिर कैसे सुलझाई और आरोपी तक कैसे पहुंची, इस बारे में विस्तार से जानिए.

दिल्ली के गाजीपुर में लिव इन पार्टनर की हत्या.
दिल्ली:

दिल्ली 26 जनवरी को हाई अलर्ट पर थी. इस दौरान गाजीपुर इलाके में एक लड़की की सूटकेट में बंद जली हुई लाश (Delhi Gazipur Murder) मिलने से हड़कंप मच गया. 22 साल की शिल्पा पांडे को उसके ही लिव-इन पार्टनर अमित तिवारी ने मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि शिल्पा का लिव-इन पार्टनर कोई और नहीं बल्कि उसका ही कजिन था. अमित अपने दोस्त और कैब ड्राइवर अनुज के साथ मिलकर शिल्पा की लाश को ठिकाने लगाने के बाद वहां से भागने की फिराक में था लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. 

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दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी अमित तिवारी और उसके दोस्त अनुज को गिरफ्तार कर लिया गया है. सवाल यह है कि इतनी सफाई से शिल्पा की लाश को ठिकाने लगाने वाले अमित तक आखिर पुलिस पहुंची कैसे? 

पुलिस शिल्पा के आरोपी तक कैसे पहुंची?

गाजीपुर के डीसीपी अभिषेक के मुताबिक, उनको रविवार सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर खबर मिली कि गाजीपुर इलाके में एक महिला की जली हुई लाश मिली है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस को पता चला कि लाश सूटकेश के भीतर बंद है, जो कि पूरी तरह से जल चुकी है. पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस ने मर्डर का केस दर्ज कर जांच शुरू की. लाश इस कदर जल चुकी थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल था.

CCTV में दिखी संदिग्ध ह्युंडई वर्ना कार

पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी तक पहुंचने के लिए गाजीपुर थाने की पुलिस के साथ ही स्पेशल स्टाफ और एटीएस को भी लगा दिया. टीम ने घटनास्थल के आसपास के सभी cctv खंगाल डाले. करीब 20 से 25 गाड़ियों की मूवमेंट की जांच की गई. वहां से गुजरने वाली हर एक गाड़ी के मालिकों से पूछताछ की गई. तब जाकर एक यूपी नंबर ह्युंडई वर्ना गाड़ी संदिग्ध मिली. यह वही कार थी जिससे लाश को ठिकाने लगाया गया था.

पुलिस ने अमित तिवारी को कैसे धर दबोचा?

पूर्वी दिल्ली के डीसीपी अभिषेक धनिया ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से शिल्पा की लाश को ले जाने वाली कार का नंबर देखकर आरोपी को पकड़ा. जब पुलिस ने उस कार का पता चलाने की कोशिश की तो पता चला कि वह संदिग्ध कार लोनी में एक शख्स के नाम रजिस्टर्ड थी . उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने इस कार को अमित तिवारी नाम के शख्स को बेच दिया था. जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अमित को धर दबोचा.  

अमित ने कैसे और क्यों की शिल्पा की हत्या?

22 साल की शिल्पा अपने ही कजिन भाई अमित तिवारी के साथ लिव इन रिलेशन में थी. वह लिव इन पार्टनर अमित पर लगातार शादी का दबाव बना रही थी. अमित उससे छुटकारा पाना चाहता था. उसने शराब के नशे में  25 जनवरी को अमित ने शिल्पा का गला घोंट दिया. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद अमित ने अनुज के साथ मिलकर शव को सूटकेस में पैक किया और कार से गाजीपुर ले गया. शव की पहचान छिपाने के लिए उसने 1 लीटर डीजल डालकर 26 जनवरी को सूटकेश में आग लगा दी. लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर देखकर आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी शिल्पा की लाश को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं पर ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की चेकिंग की वजह से वो ऐसा नहीं कर सका और पकड़ा गया. 

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